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यह अनदेखी पड़ेगी भारी : यहां सड़क और पार्क में घूम रहे हैं कोरोना संक्रमित, आसपास के लोग भयभीत

Wed, 31 Mar 2021 01:58 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 31 Mar 2021 01:58 AM IST
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Covid-19 positive Patients are walking in Park and Market in Chandigarh
कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : PTI

कोरोना के बढ़ते मामलों से चंडीगढ़ प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग चिंतित है। दूसरी ओर, संक्रमण से बचाव के मानकों की अनदेखी मुसीबत बढ़ा रही है। प्रशासन का रवैया जाने-अनजाने लोगों को संक्रमण की चपेट में ला रहा है। वजह यह है कि प्रशासन की छूट का फायदा उठाकर संक्रमित खुलेआम पार्क और बाजारों में घूम रहे हैं। इससे आसपास रहने वाले भयभीत हैं। 

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उनका कहना है कि प्रशासन संक्रमितों के घर के बाहर सूचना न चस्पा कर दूसरों की जान खतरे में डाल रहा है। यह लापरवाही न रुकी तो मुश्किल बढ़ सकती है। उधर, नगर निगम क्वारंटीन टीम के नोडल ऑफिसर अनिल गर्ग का कहना है कि यूटी प्रशासन ने हाथ पर स्टांप या घरों के बाहर कोई पेपर लगाने से मना किया है, इसलिए लोगों को केवल सुझाव दिया जा सकता है। उन्हें कोई सामान चाहिए तो हेल्पलाइन पर मदद मांग सकते हैं। लोगों को अपने स्तर पर बीमारी की गंभीरता को समझना चाहिए।
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केस- 1 : सेक्टर-22 निवासी प्रमोद गुप्ता (बदला नाम) का पूरा परिवार कोरोना संक्रमित है। इसकी जानकारी पड़ोसियों को नहीं है। एक दिन अनजाने में एक पड़ोसी ने शाम को पार्क में टहलते देखकर प्रमोद से उनका हालचाल पूछा तो पता चला कि वह परिवार समेत संक्रमित हैं। यह सुनने के बाद पड़ोसी ने अगले दिन पूरे परिवार की कोरोना जांच करवाई। 

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केस- 2 : सेक्टर-15 निवासी विवेक शर्मा (बदला नाम) सात दिन पहले कोरोना संक्रमित मिले थे। यह बात उन्होंने पड़ोसियों तक को नहीं बताई।  वह पहले की तरह नियमित बाजार जाते रहे। एक दिन रास्ते में जीएमएसएच-16 के एक जान-पहचान के कर्मचारी की नजर उन पर पड़ गई, उसने विवेक शर्मा को खुलेआम बाहर घूमने से मना किया।

जाने-अनजाने आ रहे संक्रमण की चपेट में
संक्रमित मरीजों की लापरवाही से जाने-अनजाने में लोग कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। पार्क में सैर के दौरान संक्रमित बेंच, रेलिंग, झूला, गेट जिन-जिन चीजों को छू रहे हैं, उसे ही सामान्य लोग जाकर छूकर वायरस की जद में आ रहे हैं।

क्या कहते हैं अधिकारी

कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद रैपिड रिस्पांस टीम घर जाकर एकांतवास में रहने की सलाह देने के साथ वेलनेस किट और सेल्फ मॉनीटरिंग चार्ट देती है। जोनल इंचार्ज की जिम्मेदारी है कि लगातार फॉलोअप करता रहे। मरीज की स्थिति गंभीर होने पर टीम अस्पताल ले जाती है, अन्यथा एकांतवास में ही रहने की सलाह देती है। कोई भी परेशानी होने पर तत्काल हेल्प डेस्क पर कॉल कर सूचना देने का निर्देश दिया जाता है, ताकि स्थिति गंभीर होने पर टीम राहत कार्य कर सके।  - डॉ. अमनदीप कंग, स्वास्थ्य निदेशक, चंडीगढ़ ।

 

स्वास्थ्य विभाग संक्रमित व्यक्ति या संस्थान की सूचना देता है। इसमें व्यक्ति अथवा संस्थान की पूरी जानकारी होती है। टीम स्थल का दौरा कर जगह के हिसाब से क्वारंटीन करती है। घर में अलग कमरे व शौचालय की व्यवस्था होनी जरूरी है। जगह के अभाव में क्वारंटीन करने के लिए प्रशासन की ओर से बनाए केंद्रों पर भेजा जाता है। कोई संक्रमित व्यक्ति बाहर घूम रहा है तो उसकी जानकारी स्थानीय पुलिस और एरिया मजिस्ट्रेट को दी जा सकती है। कार्रवाई की शक्ति उनके पास होती है। - अनिल गर्ग, नोडल अधिकारी, नगर निगम क्वारंटीन टीम।

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