पूर्व विधायक को हिरासत में लेने आई सीबीआई बैरंग लौटी, कोर्ट ने दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा
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सीबीआई को लाडवा के पूर्व विधायक शेर सिंह बड़शामी की कस्टडी नहीं मिल पाई। सुबह से ही सीबीआई की टीम यमुनानगर में डेरा डाले हुए थी। सिविल कोर्ट जूनियर डिवीजन ने जमीन की धोखाधड़ी के एक केस में उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर रादौर पुलिस के साथ भेज दिया। दरअसल जेबीटी टीचर भर्ती घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला व अजय चौटाला के साथ शेर सिंह बड़शामी को भी सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने 10 साल की सजा सुनाई थी।
उसके बाद मेडिकल ग्राउंड पर शेर सिंह सशर्त जमानत पर चल रहे थे। बताया जा रहा है कि विधानसभा चुनाव के दौरान किसी ने उनकी शिकायत कर दी थी कि वह अपनी पुत्रवधू के लिए चुनाव में प्रचार कर रहे हैं। जिस पर कोर्ट ने उनकी जमानत रद्द कर गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे। शनिवार को जमीन की धोखाधड़ी के मामले में शेर सिंह ने कोर्ट में सरेंडर किया तो कोर्ट ने उन्हें दो दिन के रिमांड पर भेजा था।
रिमांड खत्म होने पर रादौर पुलिस सोमवार को करीब दो बजे उन्हें कोर्ट में पेशी पर लाई। लंच के बाद सुनवाई के दौरान सीबीआई टीम ने जेबीटी टीचर भर्ती घोटाले में जमानत रद्द होने के आधार पर शेर सिंह बड़शामी की कस्टडी मांगी, लेकिन रादौर पुलिस ने जमीन धोखाधड़ी के मामले में रिकवरी का हवाला देकर सात दिन का रिमांड मांगा। जिस पर जज संदीप कौर की कोर्ट ने उसे दो दिन के रिमांड पर भेज दिया। जिसके चलते सीबीआई की टीम बैरंग लौट गई। इस संबंध में पुलिस हिरासत में मौजूद शेर सिंह बड़शामी मुंह पर कपड़ा बांधे रहे। कई बार उनका पक्ष जानने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने बात करने से मना कर दिया।
ये है जमीन का मामला
गांव खुर्दबन निवासी कर्मवीर ने रादौर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 2 जुलाई 2016 को कुछ लोगों ने उनकी 96 कनाल 10 मरले भूमि को बेचने के लिये फर्जी दस्तावेज तैयार किये। जिसके आधार पर फर्जी दस्तावेजों से उनकी भूमि का इकरारनामा तैयार किया गया। इकरारनामे से कुछ लोगों ने उनकी भूमि दिखाकर लाखों रुपये ऐंठ लिए।
उन्होंने इसकी शिकायत कोर्ट में दी। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने 27 नवंबर को कुरुक्षेत्र निवासी शेर सिंह, गुरुग्राम के कटारिया मोहल्ला निवासी ईश्वर सिंह व कर्म सिंह के विरूद्ध धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया। शनिवार को शेर सिंह ने इस मामले में कोर्ट में सरेंडर किया था। जहां से कोर्ट ने उसे दो दिन के रिमांड पर भेज दिया था।
ये था जेबीटी भर्ती घोटाला
कोर्ट के आदेश पर साल 2003 में सीबीआई ने जूनियर बेसिक ट्रेंड यानि जेबीटी टीचर भर्ती घोटाले की जांच शुरू की थी। घोटाला उजागर होने पर जनवरी 2004 में ओमप्रकाश चौटाला, उनके विधायक पुत्र अजय सिंह चौटाला सहित 62 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने जनवरी 2013 में ओमप्रकाश चौटाला, अजय चौटाला को 10-10 साल की सजा सुनाई थी। 10 साल की सजा पाने वाले बाकी दोषियों में आईएएस अधिकारी संजीव कुमार, चौटाला के पूर्व विशेष अधिकारी विद्याधर और विधायक शेर सिंह बड़शामी भी शामिल थे।
बीमारी का हवाला देकर ली थी अंतरिम जमानत
पूर्व विधायक ने दिल्ली हाईकोर्ट से उपचार कराने के लिए सशर्त अंतरिम जमानत ले रखी थी। दिल्ली के जीबी पंत एवं एलएनजेपी अस्पतालों के चिकित्सकों ने बड़शामी की मेडिकल रपट में उन्हें ब्रेन हेमरेज का खतरा बताते हुए उनकी सर्जरी को जरूरी करार दिया था। अपने कुरुक्षेत्र निवास के अलावा चार निर्धारित अस्पतालों में इलाज करवाने के लिये अधिकृत किया गया था।
इस दौरान उन्हें दिल्ली व कुरुक्षेत्र से बाहर नहीं जाने की हिदायत दी गई थी। हाल ही में मेडिकल आधार पर चल रही जमानत रद्द होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को उन्हें गिरफ्तार करने के लिए वारंट जारी किया हुआ था। मामले में पूर्व विधायक को गिरफ्तार करने के लिये दिल्ली से सीबीआई की 6 सदस्यीय टीम सोमवार की सुबह रादौर थाने पहुंची थी।
विधानसभा चुनाव में पुत्रवधू ने लड़ा था चुनाव
इस बार विधानसभा चुनावों में उनकी पुत्रवधु ने लाडवा विधानसभा क्षेत्र से इनेलो की टिकट पर चुनाव लड़ा था। इस दौरान पूर्व विधायक शेरसिंह बडशामी पर उनके विरोधियों ने मेडिकल आधार पर जेल से छूट मिलने का गलत फायदा उठाते हुए अपनी पुत्रवधु के लिये चुनाव में प्रचार करने के आरोप भी लगाये थे।
इस बारे थाना रादौर प्रभारी सब इंस्पेक्टर गुरदेव सिंह सिद्धू ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर तीन लोगों के विरूद्ध जालसाजी का मामला दर्ज किया था। मामले में नामजद पूर्व विधायक शेर सिंह बडशामी ने सरेंडर किया था। जहां उन्हें दो दिन के रिमांड पर भेजा गया है। रिमांड के दौरान उनसे पुलिस दस्तावेजों के बारे में जानकारी हासिल करेंगी।
उन्होंने बताया कि मामले में 45 लाख रुपये की हेराफेरी की गई है। सीबीआई की टीम भी कोर्ट में पहुंची थी। उन्होंने हमें कोई दस्तावेज नहीं दिया। सोमवार को फिर से रिकवरी के लिए दो दिन रिमांड पर लिया है। 40 हजार रुपये की रिकवरी कर ली गई है। अभी 44 लाख 66 हजार रुपये व दस्तावेजों की भी रिकवरी करनी है।