मनोज तिवारी के लिए मुश्किल भरी खबर, इस मामले में कोर्ट ने दिए जांच के आदेश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मनोज तिवारी पर हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली वीडियो पोस्ट करने की याचिका पर पंचकूला जिला अदालत ने सुनवाई करते हुए पुलिस को जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस को आदेश देते हुए अदालत ने कहा कि इस मामले की जांच 5 जनवरी तक पूरी कर स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट में फाइल की जाए।
हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष तरुण भंडारी ने भाजपा के दिल्ली इकाई के प्रदेशाध्यक्ष मनोज तिवारी के खिलाफ फेसबुक पर हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली वीडियो अपलोड करने पर जिला अदालत में याचिका दायर की थी। गुरुवार को जिला अदालत ने सुनवाई करते हुए कहा कि इसमें क्या सच्चाई है, इसकी सही तरीके से जांच होनी चाहिए।
तरुण भंडारी ने कोर्ट के आदेश के बाद खुशी जताई। तरुण भंडारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान मनोज तिवारी ने फेसबुक के अपने अधिकारिक पेज पर भगवान शिव जी का अनादर करते हुए एक वीडियो जारी किया था। इस वीडियो में न केवल भगवान शिव जी बल्कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी का भी अपमान किया गया था।
तरुण भंडारी ने बताया कि 20 नवंबर, 2018 को उन्होंने मनोज तिवारी के अकाउंट पर पोस्ट यह वीडियो देखी। तरुण भंडारी ने कोर्ट में याचिका दाखिल की थी कि यह मामला देश के हिंदुओं की आस्था और सम्मान से जुड़ा है। अपनी राजनीति चमकाने के लिए धार्मिक भावनाओं को आहत करना निंदनीय है।
वीडियो का गंभीरता से लेते हुए तरुण भंडारी ने 22 नवंबर, 2018 को भाजपा दिल्ली इकाई अध्यक्ष मनोज तिवारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर कोर्ट में याचिका दायर की थी। तरुण भंडारी का कहना है कि भाजपा द्वारा धर्म और जाति का इस्तेमाल कर समाज में द्वेष फैलाने का उनका इतिहास काफी पुराना रहा है।