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केंद्र ने बनाया पायलट प्रोजेक्ट: चंडीगढ़ में बनेगा देश का पहला टायफायड सर्विलांस सेंटर, बनेंगे सात सेंटर

Mon, 13 Jan 2025 01:37 PM IST
निवेदिता वर्मा वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़
वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 13 Jan 2025 01:37 PM IST
सार

चंडीगढ़ में टीकाकरण अभियान में सर्विलांस परिणाम देश में अव्वल है। इस कारण ही टाइफाइड सर्विलांस सेंटर के लिए चंडीगढ़ को चुना गया है।

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Country first typhoid surveillance center will be built in Chandigarh
टायफाइड - फोटो : फाइल

विस्तार

देश में टायफायड के बढ़ते मामलों पर काबू के लिए केंद्र सरकार विशेष टाइफाइड सर्विलांस सेंटर शुरू करने वाला है। इसके लिए चंडीगढ़ को चुना गया है। केंद्र सरकार के पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत चंडीगढ़ में टाइफाइड को लेकर टाइफाइड सर्विलांस सेंटर बनाकर वहां के नमूने की पीजीआई में जांच करवाई जाएगी जिससे पता चल सके कि टाइफाइड का कौन सा स्ट्रेन सबसे ज्यादा फैल रहा है।

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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत टाइफाइड सर्विलांस सेंटर के रिसर्च के आधार पर सरकार टाइफाइड के केस पर काबू के लिए इसके टीके को राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान में शामिल करेगी। इसके बाद अन्य रूटिंग टीके की तरह बच्चों को टाइफाइड का टीका भी सरकारी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों में निशुल्क लगाया जाएगा। ऐसा करके देश में टाइफाइड के बढ़ते संक्रमण पर काबू संबंधी महत्वपूर्ण निर्णय लिया जाएगा। 
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हाल ही में जारी एचएमआईएस (HMIS) की रिपोर्ट के अनुसार मणिपुर, नागालैंड और बिहार के बाद तेलंगाना देश वो राज्य हैं, जहां 25% से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं।  

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यहां बनेंगे सात सेंटर

प्रोजेक्ट के अंतर्गत चंडीगढ़ में पीजीआई, जीएमसीएच-32, जीएमएसएच- 16 व तीनों सिविल अस्पताल के साथ ही एक निजी अस्पताल को इसके सेंटर के लिए चुना गया है। इन सभी सेंटर पर 6 महीने से 15 साल तक के संक्रमित बच्चों के जांच के नमूने लिए जाएंगे, जिसका पीजीआई के लैब में कल्चर किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार टाइफाइड के लिए किए जाने वाले विडाल टेस्ट की विश्वसनीयता कल्चर टेस्ट की तुलना में काफी पीछे है। इसलिए पीजीआई की लैब में इसका कल्चर किया जाएगा, जिसमें संक्रमण का स्ट्रेन चेक होगा। इसकी रिपोर्ट तैयार कर केंद्र सरकार को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर अगली गाइडलाइन तय होगी।

टायफायड क्या है...जान लें

टाइफाइड एक जीवाणु संक्रमण बीमारी है जो साल्मोनेला बैक्टीरिया के कारण होता है। यह बीमारी पाचन-तंत्र और ब्लडस्ट्रीम में बैक्टीरिया के इंफेक्शन के कारण होता है। यह बैक्टीरिया शरीर में मुंह के जरिए प्रवेश करते हैं। टाइफाइड से संक्रमित किसी व्यक्ति के निकट संपर्क में रहने से टाइफाइड होने का खतरा हो सकता है। टाइफाइड बुखार सामान्य तौर पर बरसात के दिनों में ज्यादा फैलता है। टाइफाइड एक जीवाणु संक्रमण है, इसलिए यह कई अंगों को प्रभावित करता है। इसमें लीवर, स्प्लीन, मांसपेशियों, फेफड़े और किडनी प्रभावित होने का खतरा रहता है।

लक्षणों पर करें गौर

  • ठंड लगना
  • पेट में दर्द
  • कब्ज
  • डायरिया
  • सिरदर्द
  • तेज बुखार
  • कमजोरी
  • थकान
  • शरीर में दर्द
  • भूख में कमी

इसका रखे ध्यान

  1. साफ-सफाई का खास ख्याल रखें। खाने से पहले और वॉशरूम से आने के बाद हाथों को साबुन से धोएं।
  2. स्ट्रीट फूड खाने से परहेज करें, क्योंकि ऐसे में टाइफाइड बैक्टीरिया के मिलने की संभावना ज्यादा होती है।
  3. घर का बना ताजा खाना खाने की कोशिश करें।
  4. कच्चे फल-सब्जियों को खाने से बचें।
  5. दूषित पानी पीने से परहेज करें।

टायफायड एक गंभीर बीमारी है जो बच्चों को तेजी से संक्रमित करती है। इसके लिए प्राइवेट सेक्टर में टीका उपलब्ध है। राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान में इसे शामिल करने से काफी लाभ होगा। -डॉ गुंजन बवेजा, सचिव भारतीय बाल अकादमी
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