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Chandigarh News: हाईकोर्ट के स्टे के बाद नहीं बना सका घर, एटीएस को देने होंगे 23 लाख रुपये

Mon, 22 Jul 2024 07:09 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 22 Jul 2024 07:09 AM IST
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Could not build house after High Court's stay, will have to pay Rs 23 lakh to ATS
चंडीगढ़। जिला उपभोक्ता आयोग ने भामक विज्ञापन दिखाकर प्लॉट बेचने व पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के स्टे के बावजूद विवादित जमीन बेचने के मामले में सुनवाई करते हुए एटीएस एस्टेट्स प्रा. लिमिटेड को शिकायतकर्ता को हर्जाने के रूप में 23 लाख रुपये देने के आदेश दिए हैं। इसके साथ मानसिक उत्पीड़न के लिए 50 हजार रुपये और केस में खर्च हुए 10 हजार रुपये देने के आदेश दिए हैं।
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सेक्टर-32 निवासी विनय कुमार ने जिला उपभोक्ता आयोग को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने एटीएस एस्टेट्स प्रा. लिमिटेड का भामक विज्ञापन देखने के बाद अप्रैल 2017 में डेराबस्सी जिले में 145.83 वर्ग गज का प्लॉट खरीदा था, जिसके लिए कुल लागत करीब 23 लाख रुपये थी। प्लॉट लेने के बाद उसके निर्माण के लिए शिकायतकर्ता ने बैंक से 18 लाख रुपये का लोन लिया था। इसके बाद घर बनाने का काम चालू किया। अगस्त 2019 के अंत में पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश पर यथास्थिति बनाए रखने के लिए शिकायतकर्ता के निवास पर नगर परिषद डेराबस्सी से नोटिस मिलने के बाद निर्माण बंद कर दिया गया। मामले की सुनवाई करते हुए जिला अदालत ने एटीएस एस्टेट्स प्रा. लिमिटेड को शिकायतकर्ता को हर्जाना के रूप में 23 लाख रुपये देने का आदेश दिए हैं। इसके साथ मानसिक उत्पीड़न के लिए 50 हजार रुपये और केस में खर्च हुए 10 हजार रुपये देने के आदेश दिए हैं।
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