{"_id":"58b47add4f1c1bbd0e830d83","slug":"corporation-wants-to-increase-their-income-to-be-ready-for-new-tax","type":"story","status":"publish","title_hn":"निगम बढ़ाना चाहता है अपनी आय, नए टैक्स के लिए तैयार रहें लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निगम बढ़ाना चाहता है अपनी आय, नए टैक्स के लिए तैयार रहें लोग
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 28 Feb 2017 09:24 AM IST
विज्ञापन
नगर निगम चंडीगढ़
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस साल पार्किंग के रेट ही नहीं, बल्कि शहरवासियों पर अन्य बोझ भी पड़ने की पूरी संभावना है। मंगलवार को होने वाली सदन की बैठक में पेड पार्किंग के रेट बढ़ने का ही नहीं, बल्कि यह प्रस्ताव चर्चा के लिए आ रहा है कि नगर निगम किस तरह से अपने आय के साधन बढ़ा सकती है।
सोमवार रात पार्षदों को यह प्रस्ताव भेजे गए हैं, जिसमें पड़ोसी राज्यों के नगर निगम के आय के स्रोत बताए गए हैं जो कि चंडीगढ़ नगर निगम में नहीं हैं और नगर निगम यह टैक्स लगा सकता है। शिमला नगर निगम के एंट्री और ग्रीन टैक्स का भी जिक्र किया गया है। इस प्रस्ताव में यह भी बताया गया है कि प्रशासन नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन का रोड टैक्स खुद रखता है, जबकि नगर निगम को प्रशासन से इस पर भी शेयर मांगना चाहिए।
मालूम हो कि इस समय भाजपा पूर्ण रूप से सता में है और नए टैक्स लगाने का विरोध भी उन्हें ज्यादा सदन में कांग्रेस का नहीं सहना पड़ेगा। क्योंकि कांग्रेस के मात्र 4 ही पार्षद इस समय है और जो प्रशासन की ओर से 9 मनोनीत पार्षद नियुक्त किए गए हैं वह भी भाजपा को ही समर्थन कर रहे हैं। अधिकारियों ने मेयर सहित पार्षदों पर पानी का रेट बढ़ाने का भी दबाव बनाया हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि हर साल पानी की सप्लाई से 60 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है ऐसे में आने वाले दिनों में पानी का रेट बढ़ाने का प्रस्ताव भी चर्चा के लिए आ सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सोमवार रात पार्षदों को यह प्रस्ताव भेजे गए हैं, जिसमें पड़ोसी राज्यों के नगर निगम के आय के स्रोत बताए गए हैं जो कि चंडीगढ़ नगर निगम में नहीं हैं और नगर निगम यह टैक्स लगा सकता है। शिमला नगर निगम के एंट्री और ग्रीन टैक्स का भी जिक्र किया गया है। इस प्रस्ताव में यह भी बताया गया है कि प्रशासन नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन का रोड टैक्स खुद रखता है, जबकि नगर निगम को प्रशासन से इस पर भी शेयर मांगना चाहिए।
विज्ञापन
मालूम हो कि इस समय भाजपा पूर्ण रूप से सता में है और नए टैक्स लगाने का विरोध भी उन्हें ज्यादा सदन में कांग्रेस का नहीं सहना पड़ेगा। क्योंकि कांग्रेस के मात्र 4 ही पार्षद इस समय है और जो प्रशासन की ओर से 9 मनोनीत पार्षद नियुक्त किए गए हैं वह भी भाजपा को ही समर्थन कर रहे हैं। अधिकारियों ने मेयर सहित पार्षदों पर पानी का रेट बढ़ाने का भी दबाव बनाया हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि हर साल पानी की सप्लाई से 60 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है ऐसे में आने वाले दिनों में पानी का रेट बढ़ाने का प्रस्ताव भी चर्चा के लिए आ सकता है।
विज्ञापन