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जेपी गारबेज प्लांट से 25 हजार टन कचरा हटाने को निगम ने किया टेंडर, अगले सप्ताह तक कंपनी को काम सौंप देगा निगम
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चंडीगढ़। जेपी गारबेज प्रोसेसिंग प्लांट में पड़े 25 हजार टन कचरे को हटाने के लिए निगम ने टेंडर लगा दिया है। अगले सप्ताह तक कंपनी को टेंडर अलॉट कर दिया जाएगा। उसके बाद कंपनी कचरे को हटाकर डंपिंग ग्राउंड तक ले जाएगी।
सदन की बैठक में तय किया गया था कि मेयर राजबाला मलिक की ओर से गारबेज प्रोसेसिंग प्लांट के निरीक्षण के लिए गठित कमेटी ही कचरा कैसे हटेगा, इसका निर्णय करेगी। कमिश्नर केके यादव ने बताया कि निगम ने पार्षद शक्ति प्रकाश देवशाली, राजेश कुमार, महेश इंदर सिंह, एमओएच डॉ. एपी सिंह सहित 6 लोगों की कमेटी बनाई थी। कमेटी ने प्लांट का निरीक्षण करके देखा कि प्लांट के अंदर पहले से कचरे का एक डंपिंग ग्राउंड बना है। वहीं मशीनों से प्रतिदिन आने वाले कचरे को निस्तारित किया जाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में इस कचरे के निस्तारण के बिना मशीन के कार्य करने की क्षमता नहीं बढ़ाई जा सकती है, इसलिए इस कचरे को हटाना जरूरी है।
कचरा प्रोसेस करने पर निगम के खर्च होंगे करीब डेढ़ करोड़ रुपये
निगम ने इस कचरे को अपने वाहनों से हटाकर डंपिंग ग्राउंड तक पहुंचाने की योजना बनाई थी। कंपनी फिलहाल डंपिंग ग्राउंड के कचरे का निस्तारण कर रही है। इसके लिए कंपनी स्मार्ट सिटी से 1 टन कचरा प्रोसेस करने के लिए 630 रुपये चार्ज ले रही है। अगर इसी दाम में टेंडर जाता है तो निगम को 25 हजार टन कचरा प्रोसेस करने के लिए लगभग डेढ़ करोड़ रुपये खर्च करने होंगे।
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सदन की बैठक में तय किया गया था कि मेयर राजबाला मलिक की ओर से गारबेज प्रोसेसिंग प्लांट के निरीक्षण के लिए गठित कमेटी ही कचरा कैसे हटेगा, इसका निर्णय करेगी। कमिश्नर केके यादव ने बताया कि निगम ने पार्षद शक्ति प्रकाश देवशाली, राजेश कुमार, महेश इंदर सिंह, एमओएच डॉ. एपी सिंह सहित 6 लोगों की कमेटी बनाई थी। कमेटी ने प्लांट का निरीक्षण करके देखा कि प्लांट के अंदर पहले से कचरे का एक डंपिंग ग्राउंड बना है। वहीं मशीनों से प्रतिदिन आने वाले कचरे को निस्तारित किया जाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में इस कचरे के निस्तारण के बिना मशीन के कार्य करने की क्षमता नहीं बढ़ाई जा सकती है, इसलिए इस कचरे को हटाना जरूरी है।
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कचरा प्रोसेस करने पर निगम के खर्च होंगे करीब डेढ़ करोड़ रुपये
निगम ने इस कचरे को अपने वाहनों से हटाकर डंपिंग ग्राउंड तक पहुंचाने की योजना बनाई थी। कंपनी फिलहाल डंपिंग ग्राउंड के कचरे का निस्तारण कर रही है। इसके लिए कंपनी स्मार्ट सिटी से 1 टन कचरा प्रोसेस करने के लिए 630 रुपये चार्ज ले रही है। अगर इसी दाम में टेंडर जाता है तो निगम को 25 हजार टन कचरा प्रोसेस करने के लिए लगभग डेढ़ करोड़ रुपये खर्च करने होंगे।
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