{"_id":"61f99e9e8a01c100543b9aaf","slug":"corporation-passed-budget-of-1725-19-crores-chandigarh-news-pkl440860851","type":"story","status":"publish","title_hn":"निगम ने पास किया 1725.19 करोड़ का बजट, राजस्व बढ़ाने पर जोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निगम ने पास किया 1725.19 करोड़ का बजट, राजस्व बढ़ाने पर जोर
विज्ञापन
चंडीगढ़। नगर निगम ने मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 1725.19 करोड़ रुपये का बजट पास कर दिया। निगम ने कैपिटल हेड में 401.42 करोड़ और राजस्व के रूप में 1323.77 करोड़ रुपये रखे हैं। बजट में निगम ने अपने राजस्व को बढ़ाने पर जोर दिया है। इसमें नए पेट्रोल पंप खोलने का प्रस्ताव भी है। विपक्ष ने पेयजल आपूर्ति के दामों को लेकर सवाल जरूर उठाए, लेकिन कोई संशोधन नहीं किया गया और निगम की ओर से प्रस्तावित बजट को पास कर दिया गया। हालांकि घाटे से शुरू होकर घाटे पर ही बजट समाप्त होगा।
बजट की विशेष बैठक में निगम ने नए वित्तीय वर्ष का बजट पेश किया। इसमें निगम की ओर से बताया गया कि पिछले निगम के पास दो पेट्रोल पंप हैं और दो नए पेट्रोल पंप खोलने की योजना है। चारों पेट्रोल पंप से 236.52 करोड़ का राजस्व आएगा। पानी व सीवरेज से 156 करोड़ रुपये, व्यावसायिक संपत्ति कर से 65 करोड़ रुपये और आवासीय संपत्ति कर से 15 करोड़ रुपये का राजस्व आने की उम्मीद है। इस साल निगम को पिछले वित्तीय वर्ष से 148.76 लाख का घाटा हुआ है। वहीं अगले साल यह घाटा बढ़कर 276.82 करोड़ का घाटा हो जाएगा। अब यह बजट प्रशासन के पास भेजा जाएगा।
पानी के मुद्दे पर बहस, आयुक्त बोलीं- कानूनी तरीके से दिए गए दाम
पेयजल आपूर्ति व सीवरेज से निगम ने 156 करोड़ रुपये का राजस्व दिखाया तो विपक्ष ने पूछा कि पिछले वित्तीय वर्ष में दोनों मदों से 120 करोड़ रुपये राजस्व मिला था, तो इस साल कैसे बढ़ेगा। इसका मतलब पानी के दामों में बढ़ोतरी की जाएगी। आयुक्त ने कहा कि अभी जो मद बनाई गई है वह वर्तमान दामों के आधार पर बनी है। भविष्य में जो निर्णय होगा वह कानूनी तरीके से ही होगा। निगम के सेक्टर-51 और इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में दूसरा पेट्रोल पंप चल रहे हैं। इनसे निगम को 4.57 करोड़ रुपये का राजस्व मिल रहा है। वहीं अब निगम सीएनजी का पंप भी खोलने की तैयारी में है।
विज्ञापन
कचरा उठाने की व्यवस्था को करेंगे मजबूत, खाली संपत्ति को देंगे किराए पर
निगम की ओर से वर्तमान में 1.41 लाख घरों से कचरा उठाया जा रहा है। नए वित्तीय वर्ष में निगम ने 20 हजार नए घरों में यह सेवा शुरू करने की योजना बनाई है। इससे 18 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व होगा। वहीं निगम की अपनी खाली संपत्तियों को भी किराए पर देकर राजस्व बढ़ाने की योजना है। इससे निगम को इससे 11 करोड़ रुपये का राजस्व आने का अनुमान है।
इन सब से भी राजस्व बढ़ने की उम्मीद
काऊ फी से 17 करोड़, विज्ञापनों से 7 करोड़, सामुदायिक केंद्र और जंज घर से साढ़े 5 करोड़, रोड कट चार्ज से 10 करोड़, मोबाइल टॉवर्स से 3.65 करोड़ रुपये, सीएंडडी वेस्ट प्लांट से डेढ़ करोड़, बीएंडआर विंग से 1 करोड़ और अन्य विभागों से 68.83 करोड़ रुपये के राजस्व की उम्मीद है।
निगम का लक्ष्य
- 15 नए वेंडिंग जोन और स्लॉटर हाउस को आधुनिक बनाना
- गांव की सरकारी भूमि की सुरक्षा पर ध्यान
- सभी प्लांटों को बेहतर बनाना
- मार्केट क्षेत्र में कचरा लेने की व्यवस्था को मजबूत करना
- संपत्ति कर से 25 करोड़ का एरियर लाना
- फायर विभाग के लिए मॉडर्न व नई तकनीक वाली गाड़ियां लाना
बॉक्स
फिर बोतल से निकला आरएलए व फायर एकेडमी का जिन्न
हर साल सदन में मेयर बदलने के साथ आरएलए को निगम में शामिल करने और फायर ब्रिगेड विभाग के लिए एक प्रशिक्षण अकादमी बनाने का प्रस्ताव आता है। वहीं चतुर्थ वित्त आयोग की रिपोर्ट को लागू करने की भी जोरशोर से मांग उठती है, लेकिन इनमें से एक भी काम नहीं हो पाता है। इस बार फिर से सदन में तीनों मुद्दों को लेकर सवाल उठा, लेकिन इस पर होगा क्या यह देखना होगा।
विज्ञापन
बजट की विशेष बैठक में निगम ने नए वित्तीय वर्ष का बजट पेश किया। इसमें निगम की ओर से बताया गया कि पिछले निगम के पास दो पेट्रोल पंप हैं और दो नए पेट्रोल पंप खोलने की योजना है। चारों पेट्रोल पंप से 236.52 करोड़ का राजस्व आएगा। पानी व सीवरेज से 156 करोड़ रुपये, व्यावसायिक संपत्ति कर से 65 करोड़ रुपये और आवासीय संपत्ति कर से 15 करोड़ रुपये का राजस्व आने की उम्मीद है। इस साल निगम को पिछले वित्तीय वर्ष से 148.76 लाख का घाटा हुआ है। वहीं अगले साल यह घाटा बढ़कर 276.82 करोड़ का घाटा हो जाएगा। अब यह बजट प्रशासन के पास भेजा जाएगा।
विज्ञापन
पानी के मुद्दे पर बहस, आयुक्त बोलीं- कानूनी तरीके से दिए गए दाम
पेयजल आपूर्ति व सीवरेज से निगम ने 156 करोड़ रुपये का राजस्व दिखाया तो विपक्ष ने पूछा कि पिछले वित्तीय वर्ष में दोनों मदों से 120 करोड़ रुपये राजस्व मिला था, तो इस साल कैसे बढ़ेगा। इसका मतलब पानी के दामों में बढ़ोतरी की जाएगी। आयुक्त ने कहा कि अभी जो मद बनाई गई है वह वर्तमान दामों के आधार पर बनी है। भविष्य में जो निर्णय होगा वह कानूनी तरीके से ही होगा। निगम के सेक्टर-51 और इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में दूसरा पेट्रोल पंप चल रहे हैं। इनसे निगम को 4.57 करोड़ रुपये का राजस्व मिल रहा है। वहीं अब निगम सीएनजी का पंप भी खोलने की तैयारी में है।
विज्ञापन
कचरा उठाने की व्यवस्था को करेंगे मजबूत, खाली संपत्ति को देंगे किराए पर
निगम की ओर से वर्तमान में 1.41 लाख घरों से कचरा उठाया जा रहा है। नए वित्तीय वर्ष में निगम ने 20 हजार नए घरों में यह सेवा शुरू करने की योजना बनाई है। इससे 18 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व होगा। वहीं निगम की अपनी खाली संपत्तियों को भी किराए पर देकर राजस्व बढ़ाने की योजना है। इससे निगम को इससे 11 करोड़ रुपये का राजस्व आने का अनुमान है।
इन सब से भी राजस्व बढ़ने की उम्मीद
काऊ फी से 17 करोड़, विज्ञापनों से 7 करोड़, सामुदायिक केंद्र और जंज घर से साढ़े 5 करोड़, रोड कट चार्ज से 10 करोड़, मोबाइल टॉवर्स से 3.65 करोड़ रुपये, सीएंडडी वेस्ट प्लांट से डेढ़ करोड़, बीएंडआर विंग से 1 करोड़ और अन्य विभागों से 68.83 करोड़ रुपये के राजस्व की उम्मीद है।
निगम का लक्ष्य
- 15 नए वेंडिंग जोन और स्लॉटर हाउस को आधुनिक बनाना
- गांव की सरकारी भूमि की सुरक्षा पर ध्यान
- सभी प्लांटों को बेहतर बनाना
- मार्केट क्षेत्र में कचरा लेने की व्यवस्था को मजबूत करना
- संपत्ति कर से 25 करोड़ का एरियर लाना
- फायर विभाग के लिए मॉडर्न व नई तकनीक वाली गाड़ियां लाना
बॉक्स
फिर बोतल से निकला आरएलए व फायर एकेडमी का जिन्न
हर साल सदन में मेयर बदलने के साथ आरएलए को निगम में शामिल करने और फायर ब्रिगेड विभाग के लिए एक प्रशिक्षण अकादमी बनाने का प्रस्ताव आता है। वहीं चतुर्थ वित्त आयोग की रिपोर्ट को लागू करने की भी जोरशोर से मांग उठती है, लेकिन इनमें से एक भी काम नहीं हो पाता है। इस बार फिर से सदन में तीनों मुद्दों को लेकर सवाल उठा, लेकिन इस पर होगा क्या यह देखना होगा।