एसआई हरजीत सिंह को मिली छुट्टी, बोला- देशवासियों का धन्यवाद, कैप्टन ने जताया डॉक्टरों का आभार
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‘सभी देशवासियों को मेरा दिल से धन्यवाद। देशवासी कोरोना से जंग लड़ रहे पुलिसवालों और डॉक्टरों का साथ दें, तभी हमें जीत मिलेगी।’ यह संदेश पीजीआई में भर्ती एसआई हरजीत सिंह ने गुरुवार को घर जाते समय दिया। उधर, पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने पीजीआई पहुंचकर हरजीत को बेटे अर्शप्रीत सिंह को कांस्टेबल नियुक्त करने का पत्र सौंपा।
पटियाला में एक नाके पर निहंगों ने रोके जाने पर एसआई हरजीत का हाथ काटकर अलग कर दिया था। पीजीआई में लगभग 8 घंटे चली सर्जरी के बाद हाथ जोड़ा गया था। सर्जरी के 18वें दिन उन्हें गुरुवार की सुबह पीजीआई से डिस्चार्ज कर दिया गया। इस दौरान नेहरू अस्पताल के सर्जरी डिपार्टमेंट से बाहर आने पर पीजीआई के डॉक्टरों और स्टाफ ने उनका तालियों से स्वागत किया।
हरजीत का इलाज कर रहे डिपार्टमेंट ऑफ प्लास्टिक सर्जरी के एडिशनल प्रो. सुनील गाबा और डॉ. जैरी ने बताया कि उनकी अंगुलियों में तेजी से मूवमेंट आ रहा है। अंगुलियों में ब्लड सर्कुलेशन ठीक होने की वजह से अब उनमें सेंसेशन भी आ गई है। उन्हें फिजियोथेरेपी की जरूरत है। हाथ पूरी तरह मूवमेंट करने में अभी कुछ महीने का समय लगेगा।
डीजीपी दिनकर गुप्ता ने गुरुवार को पीजीआई पहुंचकर सब इंस्पेक्टर हरजीत सिंह के बेटे अर्शप्रीत सिंह को पंजाब पुलिस में कांस्टेबल नियुक्त किए जाने संबंधी नियुक्ति पत्र सौंपा। इस मौके पर डीजीपी ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि अर्शप्रीत भी अपने पिता की तरह पंजाब के लोगों की बहादुरी और वफादारी से सेवा करेंगे।
मुख्यमंत्री ने ट्वीट करके जताया आभार
हरजीत सिंह के डिस्चार्ज होने की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ट्वीट किया। इसमें उन्होंने हरजीत सिंह के डिस्चार्ज होने की जानकारी दी और पीजीआई के डॉक्टरों, नर्सों व पूरे स्टाफ का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पूरे राज्य को हरजीत सिंह पर गर्व है। एसआई का हौसला बढ़ाते हुए कैप्टन ने अपने एक साथी का तजुर्बा साझा किया, जिसने अपना हाथ गंवा लिया था। उनके साथी को भी इसी तरह की सर्जरी से गुजरना पड़ा था और वह अब पूरी तरह से ठीक हैं।
Happy to share that SI Harjeet Singh has been discharged from PGI, Chandigarh today. I thank Doctors, Nurses, Paramedics & all the staff of PGI for taking good care of him. Before getting discharged, he was handed over his son's appointment letter with Punjab Police. pic.twitter.com/E2DnnvYIh8— Capt.Amarinder Singh (@capt_amarinder) April 30, 2020