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लॉकडाउनः हरियाणा और पंजाब में रमजान की नमाज घर पर ही अता करने अपील, एडवाइजरी जारी
Thu, 23 Apr 2020 01:42 PM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 23 Apr 2020 01:42 PM IST
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नमाज
- फोटो : फाइल फोटो
कोरोना महामारी फैलने के मद्देनजर लगे लॉकडाउन में पंजाब और हरियाणा की सरकारों ने मुस्लिमों से रमजान को लेकर विशेष अपील है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि 24 अप्रैल से रमजान का महीना शुरू हो रहा है। अपील है कि सामाजिक दूरी रखते हुए इसे मनाएं। घर पर ही नमाज अता करें। मुस्लिम समुदाय ऐसा करके अपने आप को और दूसरों को महामारी से सुरक्षित करेगा।
पंजाब सरकार ने जारी की एडवाइजरी
पंजाब सरकार ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर पवित्र रमजान महीने को सुरक्षित ढंग से मनाने के लिए एक एडवाइजरी जारी करते हुए जश्र मनाने वाले स्थानों पर कुछ ख़ास रोकथाम उपायों के पालन की जरूरत जताई है। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि पंजाब सरकार ने स्वतंत्र आवागमन और जलसा आदि करने पर भी रोक लगाई है।
राज्य सरकार ने मुस्लिम समुदाय से आग्रह किया है कि वह सभी दिशा निर्देशों की सावधानीपूर्वक पालन करें। कोरोना के फैलाव के चलते रमजान के दौरान सभी मस्जिदों, दरगाहों, इमामबाड़ों और अन्य धार्मिक संस्थाएं बंद रहेंगी और लोगों को जलसा करके नमाज (नमाज-ए-बाजमात) अदा करने, जुमे की नमाज समेत तरावीह की नमाज अता करने की मुकम्मल मनाही होगी। लोग अपने घरों से ही नमाज अता करें।
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पंजाब सरकार ने जारी की एडवाइजरी
पंजाब सरकार ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर पवित्र रमजान महीने को सुरक्षित ढंग से मनाने के लिए एक एडवाइजरी जारी करते हुए जश्र मनाने वाले स्थानों पर कुछ ख़ास रोकथाम उपायों के पालन की जरूरत जताई है। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि पंजाब सरकार ने स्वतंत्र आवागमन और जलसा आदि करने पर भी रोक लगाई है।
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राज्य सरकार ने मुस्लिम समुदाय से आग्रह किया है कि वह सभी दिशा निर्देशों की सावधानीपूर्वक पालन करें। कोरोना के फैलाव के चलते रमजान के दौरान सभी मस्जिदों, दरगाहों, इमामबाड़ों और अन्य धार्मिक संस्थाएं बंद रहेंगी और लोगों को जलसा करके नमाज (नमाज-ए-बाजमात) अदा करने, जुमे की नमाज समेत तरावीह की नमाज अता करने की मुकम्मल मनाही होगी। लोग अपने घरों से ही नमाज अता करें।
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हर तरह के जश्न को सख्ती से टालें
प्रवक्ता ने कहा कि उर्स, पब्लिक और प्राइवेट इफ्तार पार्टियां, दावत-ए-सेहरी और श्रद्धालुओं की सभा वाले किसी भी अन्य धार्मिक समागम समेत हर किस्म के जश्न को सख्ती से टाला जाए। मस्जिद परिसर के अंदर जूस, शरबत या खाने-पीने की अन्य चीजों या घर-घर जाकर बांटी जाने वाली चीजों के सार्वजनिक वितरण पर पूरी तरह पाबंदी है। इसके अलावा खाने-पीने की वस्तुओं की दुकानों, रेहडिय़ों को मस्जिद के नजदीक लगाने नहीं दिया जाएगा।
डॉक्टरों की सलाह के बाद ही रखें रोजा
प्रवक्ता ने यह भी कहा कि अगर किसी को पहले से ही स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं, जैसे कि मधुमेह, हृदय रोग आदि से पीड़ित व्यक्ति सही डॉक्टरी सलाह के बाद ही रोजा रखें। मस्जिद में सार्वजनिक संबोधन का प्रयोग केवल स्थानीय अधिकारियों द्वारा किसी घोषणा करने के लिए या जरूरत पड़ने पर सेहरी के अंत और इफ्तार समय की शुरुआत संबंधी घोषणा के लिए ही किया जाना चाहिए। इन दिनों में किसी अन्य व्यक्ति से कम-से-कम एक मीटर की दूरी बनाकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। बधाई देने के लिए मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का इस्तेमाल करें।
डॉक्टरों की सलाह के बाद ही रखें रोजा
प्रवक्ता ने यह भी कहा कि अगर किसी को पहले से ही स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं, जैसे कि मधुमेह, हृदय रोग आदि से पीड़ित व्यक्ति सही डॉक्टरी सलाह के बाद ही रोजा रखें। मस्जिद में सार्वजनिक संबोधन का प्रयोग केवल स्थानीय अधिकारियों द्वारा किसी घोषणा करने के लिए या जरूरत पड़ने पर सेहरी के अंत और इफ्तार समय की शुरुआत संबंधी घोषणा के लिए ही किया जाना चाहिए। इन दिनों में किसी अन्य व्यक्ति से कम-से-कम एक मीटर की दूरी बनाकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। बधाई देने के लिए मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का इस्तेमाल करें।