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गजब कारनामाः हेलो कंट्रोल रूम.. सर! गर्मी बहुत है, फ्रिज में गैस भी खत्म है, ठंडा पानी कैसे पीऊं
Fri, 24 Apr 2020 12:28 PM IST
खुशबू गोयल
अमित गुप्ता, चंडीगढ़
अमित गुप्ता, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 24 Apr 2020 12:28 PM IST
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हेलो कंट्रोल रूम..! से बात कर रहे हैं, हांजी बोलिए, सर गर्मी बहुत है, फ्रिज में गैस भी खत्म है ठंडा पानी कैसे पियूं। इसका कोई सोल्युएशन बताएं... घर में दिक्कत बहुत है। जवाब में पुलिस ने कहा.. निश्चिंत रहें, आपकी मदद की जाएगी। 112 नंबर क्राइम संबंधी हेल्पलाइन है, लेकिन अब इस पर ज्यादातर इसी तरह की और कोविड-19 से संबंधित कॉल रोजाना आती हैं और इनको रिसीव करके पुलिस लोगों की मदद कर रही है।
शहर में कर्फ्यू लगने से लोगों की मुसीबतें दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। किसी भी तरीके की दिक्कत होने पर अब हर कोई 112 नंबर डायल कर रहा है, जिस कारण कंट्रोल रूम अब एक तरीके से कॉल सेंटर में तब्दील हो गया है। रोजाना आने वाली कॉल अब दोगुनी हो गई है। फरवरी से 22 मार्च तक कंट्रोल रूम पर करीब 7596 कॉल आई थीं, जबकि कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को लेकर शहर में कर्फ्यू लगने के बाद से यानी 23 मार्च से अब तक 15156 से कॉल आ चुकी है।
इनमें सबसे ज्यादा लड़ाई झगड़े के 1650, सीनियर सिटीजन ने मदद के लिए 670 और कोविड-19 से संबंधित समेत अन्य तरीके की कॉल आ चुकी है। विभाग के उच्चाधिकारियों ने बताया कि कंट्रोल रूम पर अब लोग अपनी छोटी-छोटी समस्याओं को बता रहे हैं, जिसके बाद तुरंत संबंधित विभागों को आगे मैसेज फॉरवर्ड कर दिया जाता है, जबकि कई बार ऐसी कॉल आती है, जिनका हमारे पास कोई जवाब भी नहीं होता है।
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शहर में कर्फ्यू लगने से लोगों की मुसीबतें दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। किसी भी तरीके की दिक्कत होने पर अब हर कोई 112 नंबर डायल कर रहा है, जिस कारण कंट्रोल रूम अब एक तरीके से कॉल सेंटर में तब्दील हो गया है। रोजाना आने वाली कॉल अब दोगुनी हो गई है। फरवरी से 22 मार्च तक कंट्रोल रूम पर करीब 7596 कॉल आई थीं, जबकि कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को लेकर शहर में कर्फ्यू लगने के बाद से यानी 23 मार्च से अब तक 15156 से कॉल आ चुकी है।
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इनमें सबसे ज्यादा लड़ाई झगड़े के 1650, सीनियर सिटीजन ने मदद के लिए 670 और कोविड-19 से संबंधित समेत अन्य तरीके की कॉल आ चुकी है। विभाग के उच्चाधिकारियों ने बताया कि कंट्रोल रूम पर अब लोग अपनी छोटी-छोटी समस्याओं को बता रहे हैं, जिसके बाद तुरंत संबंधित विभागों को आगे मैसेज फॉरवर्ड कर दिया जाता है, जबकि कई बार ऐसी कॉल आती है, जिनका हमारे पास कोई जवाब भी नहीं होता है।
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वीआईपी एरिया से आ रही घर की समस्या की कॉल
कर्फ्यू के दौरान 23 मार्च से अब तक कंट्रोल रूम पर कुछ ऐसी कॉल आईं, जिनमें एक कॉलर ने कहा कि घर में पंखा खराब है, इलेक्ट्रीशियन के पास की जरूरत है, जबकि एक ने कहा कि उन्हें अपने रिश्तेदार को घर छोड़ने जाना है। एक ने कहा कि टीवी केबल खराब है, ठीक कराना है। ऐसे ही रोजाना 112 पर कॉल पहुंच रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि इनमें ज्यादातर कॉल वीआईपी एरिया की है।
कोविड-19 की 750 शिकायतें
वायरस संक्रमण के फैलने को लेकर लोगों में खौफ बना हुआ है। ऐसे में सभी लोग सतर्कता बरत रहे हैं। इस दौरान पुलिस कंट्रोल पर करीब 750 ऐसी कॉल आईं, जो कोविड-19 से संबंधित हैं। किसी भी घटना की सूचना मिलते ही 112 कंट्रोल रूम संबंधित एरिया के पीसीआर और पुलिस बीट इंचार्ज को मैसेज फ्लैश करता है, जिसके बाद पुलिस टीम घटना वाले स्थान पर करीब 3 मिनट तक पहुंच जाती है। इस दौरान चंडीगढ़ में करीब 60 से ज्यादा पीसीआर गश्त कर रही है।
कर्फ्यू में भी नहीं कम हुआ झगड़ा
आपातकालीन नंबर पर सबसे अधिक 1650 कॉल झगड़ा, कोरोना वायरस, पब्लिक हेल्थ और सुरक्षा को लेकर आ रही हैं। इसमें दुकान पर अधिक भीड़, बॉर्डर एरिया में लॉकडाउन की वजह से फंसने, पड़ोस में संदिग्ध कोरोना मरीज, विदेश से आने वाले व्यक्ति के रहने, मरीज को लाने ले जाने, दुकान व अन्य स्टोर बंद होने के कारण दैनिक वस्तुओं की मांग से संबंधित कॉल शामिल हैं।
कोविड-19 की 750 शिकायतें
वायरस संक्रमण के फैलने को लेकर लोगों में खौफ बना हुआ है। ऐसे में सभी लोग सतर्कता बरत रहे हैं। इस दौरान पुलिस कंट्रोल पर करीब 750 ऐसी कॉल आईं, जो कोविड-19 से संबंधित हैं। किसी भी घटना की सूचना मिलते ही 112 कंट्रोल रूम संबंधित एरिया के पीसीआर और पुलिस बीट इंचार्ज को मैसेज फ्लैश करता है, जिसके बाद पुलिस टीम घटना वाले स्थान पर करीब 3 मिनट तक पहुंच जाती है। इस दौरान चंडीगढ़ में करीब 60 से ज्यादा पीसीआर गश्त कर रही है।
कर्फ्यू में भी नहीं कम हुआ झगड़ा
आपातकालीन नंबर पर सबसे अधिक 1650 कॉल झगड़ा, कोरोना वायरस, पब्लिक हेल्थ और सुरक्षा को लेकर आ रही हैं। इसमें दुकान पर अधिक भीड़, बॉर्डर एरिया में लॉकडाउन की वजह से फंसने, पड़ोस में संदिग्ध कोरोना मरीज, विदेश से आने वाले व्यक्ति के रहने, मरीज को लाने ले जाने, दुकान व अन्य स्टोर बंद होने के कारण दैनिक वस्तुओं की मांग से संबंधित कॉल शामिल हैं।
सितंबर 2019 में लांच हुआ था
लोग पहले पुलिस (100), अस्पताल (108), वुमन हेल्पलाइन नंबर (1090) और फायर स्टेशन (101) जैसे जरूरी नंबरों को अलग-अलग सेव किया करते थे, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके, लेकिन सितंबर 2019 में गृह मंत्री ने 112 नंबर को लांच किया गया था। ये सारी सुविधाएं सिर्फ 112 नंबर डायल करने से मिल जाती हैं।
112 कंट्रोल रूम की टीम पूरी तरह अलर्ट है। कर्फ्यू के बाद से लगातार 112 पर शिकायतें बढ़ रही हैं। हर किसी की अपनी-अपनी समस्या है। इस पर आने वाली सभी शिकायतों पर लोगों की मदद की जा रही है।
- रोशन लाल, एसपी कम्युनिकेशन
112 कंट्रोल रूम की टीम पूरी तरह अलर्ट है। कर्फ्यू के बाद से लगातार 112 पर शिकायतें बढ़ रही हैं। हर किसी की अपनी-अपनी समस्या है। इस पर आने वाली सभी शिकायतों पर लोगों की मदद की जा रही है।
- रोशन लाल, एसपी कम्युनिकेशन