कोरोनाः पीजीआई चंडीगढ़ के 18 डॉक्टर समेत 54 स्टाफ की रिपोर्ट निगेटिव, बच्ची के संपर्क में आए थे
बता दें कि जिन 25 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है, उसमें सेक्टर-18 निवासी कोरोना पॉजिटिव वृद्धा के संपर्क में आने वाले एक ही परिवार के सात लोग भी शामिल हैं। एक दिन में 72 संदिग्धों में सभी की जांच रिपोर्ट निगेटिव आने से प्रशासन के साथ स्वास्थ्य विभाग ने भी राहत की सांस ली है।
शहर में अब तक कुल 27 लोगों में कोरोना वायरस के संक्त्रस्मण की पुष्टि हुई है। इसमें से अभी तक 14 लोगों को ठीक होने के बाद डिस्चार्ज किया जा चुका है, जबकि कोरोना वायरस से संक्त्रस्मित 13 लोगों का इलाज पीजीआई चंडीगढ़ के आइसोलेशन वार्ड में चल रहा है।
पीजीआई प्रवक्ता के अनुसार, बच्ची के संपर्क में पीडियाट्रिक, रेडियोलॉजी और कार्डियोलॉजी के 18 डॉक्टर, 15 नर्सिंग ऑफिसर, 13 हॉस्पिटल और सेनिटेशन अटेंडेंट, 2 फिजियोथेरिपिस्ट, 6 एक्सरे टेक्नीशियन और रेडियोलॉजी नर्सिंग ऑफिसर आए थे।
पीजीआई इंप्लाइज यूनियन नॉन फैकेल्टी ने बार-बार चेताया था
पीजीआई इंप्लाइज यूनियन नॉन फैकेल्टी पीजीआई के स्टाफ की सुरक्षा को लेकर लगातार आवाज उठा रही है। साथ ही पीजीआई प्रबंधन और प्रशासनिक अफसरों से स्टाफ की सुरक्षा की गुहार लगा रही है। यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि बार-बार आगाह करने के बावजूद अनदेखी की जा रही है। इसके चलते पीजीआई स्टाफ की जान खतरे में है।
यूनियन के मुताबिक, कोरोना वायरस से बचाव संबंधी आवश्यक सामग्री समय रहते नहीं खरीदी गई। अनट्रेंड स्टाफ को ड्यूटी पर लगाया गया है। समय रहते कोरोना से जुड़े अलग-अलग वार्ड नहीं बनाए गए। ट्रायल रूम भी अलग नहीं बनाए गए। बिना पीपीई किट के स्टाफ को ड्यूटी पर भेजा जा रहा है। कोरोना को लेकर 4 अलग-अलग गाइडलाइन बनाई गई है।
ऐसे में पीजीआई प्रबंधन डॉक्टरों, मरीजों व कर्मचारियों की जान जानबूझकर जोखिम में डाल रहा है।