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लॉकडाउनः मनीमजारा में वैध वेंडर से फल-सब्जी बेचने के मांगे दो हजार, निगम सब इंस्पेक्टर सस्पेंड
Fri, 10 Apr 2020 02:03 PM IST
खुशबू गोयल
नवदीप मिश्रा/गोविंद परवाना, चंडीगढ़
नवदीप मिश्रा/गोविंद परवाना, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 10 Apr 2020 02:03 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
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कोरोना वायरस के चलते चंडीगढ़ में लॉकडाउन और कर्फ्यू के बीच नगर निगम के इंफोर्समेंट विंग के एक सब इंस्पेक्टर के धांधली करने का मामला सामने आया है। प्रशासन की ओर से सब्जी और फल बेचने के लिए चिह्नित एक वेंडर से दो हजार रुपये मांगने के आरोप में कमिश्नर केके यादव ने सब इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है। इसके साथ ही एडिशनल कमिश्नर अनिल गर्ग को इंक्वायरी मार्क कर दी गई है। वेंडर ने इस मामले की शिकायत कमिश्नर केके यादव से की थी।
बता दें कि 31 मार्च को मनीमाजरा में तैनात इंफोर्समेंट विंग के सब इंस्पेक्टर मदन लाल शर्मा सेवानिवृत्त हो गए थे। उसके बाद क्षेत्र का कार्यभार सब इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार को दे दिया गया। प्रवीण कुमार को जिम्मेदारी दिए जाने के साथ लगातार शिकायतें मिलनी शुरू हो गई थीं। लोगों का आरोप था कि सब्जी व फल लेकर आने वाली बसों में धांधली चल रही है। जिन लोगों के पास लाइसेंस नहीं है, उन्हें सब्जी बेचने की अनुमति दी जा रही है, जबकि लाइसेंस वालों से रुपये मांगे जा रहे हैं। इसे लेकर वीरवार को एक ऑडियो वायरल हुआ।
इसमें सब इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार एक वेंडर से फल व सब्जी बेचने के लिए 2 हजार रुपये मांग रहा है। वेंडर ने जब एक हजार रुपये देने की बात कही तो सब इंस्पेक्टर नाराज हो गए। सब इंस्पेक्टर ने वेंडर से कहा कि 2 हजार रुपये में पूरे दिन के लिए थ्रीव्हीलर भी नहीं मिलता। यह शिकायत जब कमिश्नर के पास पहुंची तो उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए सब इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया।
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बता दें कि 31 मार्च को मनीमाजरा में तैनात इंफोर्समेंट विंग के सब इंस्पेक्टर मदन लाल शर्मा सेवानिवृत्त हो गए थे। उसके बाद क्षेत्र का कार्यभार सब इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार को दे दिया गया। प्रवीण कुमार को जिम्मेदारी दिए जाने के साथ लगातार शिकायतें मिलनी शुरू हो गई थीं। लोगों का आरोप था कि सब्जी व फल लेकर आने वाली बसों में धांधली चल रही है। जिन लोगों के पास लाइसेंस नहीं है, उन्हें सब्जी बेचने की अनुमति दी जा रही है, जबकि लाइसेंस वालों से रुपये मांगे जा रहे हैं। इसे लेकर वीरवार को एक ऑडियो वायरल हुआ।
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इसमें सब इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार एक वेंडर से फल व सब्जी बेचने के लिए 2 हजार रुपये मांग रहा है। वेंडर ने जब एक हजार रुपये देने की बात कही तो सब इंस्पेक्टर नाराज हो गए। सब इंस्पेक्टर ने वेंडर से कहा कि 2 हजार रुपये में पूरे दिन के लिए थ्रीव्हीलर भी नहीं मिलता। यह शिकायत जब कमिश्नर के पास पहुंची तो उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए सब इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया।
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8 वेंडरों के खिलाफ भी जांच शुरू
निगम कमिश्नर केके यादव ने बताया कि शहर के कई अन्य क्षेत्रों में भी फर्जी वेंडरों की सूचना मिली है। इसकी जांच के आदेश दिए गए हैं। लगभग 8 ऐसे वेंडरों की सूचना मिली है, जो दूसरे की जगह फल व सब्जी बेच रहे हैं। इन वेंडरों के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी। किसी भी क्षेत्र में कोई फर्जी वेंडर पकड़ा गया तो सख्त कार्रवाई होगी।
वेंडर नहीं दिखा सका लाइसेंस, पुलिस ने पल्ला झाड़ा
मॉडर्न कांप्लेक्स कैटेगरी 4 के प्रधान तलविंदर सिंह ने कमिश्नर केके यादव को शिकायत देकर बताया है कि वीरवार सुबह समाधि गेट के पास खड़ी बस को चेक करने पर पता चला कि बस में सब्जी लेकर आए वेंडर नरेंद्र के पास लाइसेंस ही नहीं हैं। उसके बाद मनीमाजरा पुलिस को बताया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर वेंडरों को फटकार लगाई और भगा दिया, लेकिन इनके खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी नगर निगम पर डालकर पल्ला झाड़ लिया। इसके अलावा राणा हवेली के सामने खड़ी बस के वेंडर के पास भी लाइसेंस नहीं था। तलविंदर सिंह ने कमिश्नर से इस संबंध में जांच की मांग की है।
रुपये भी ले लिए और सब्जी नहीं बेचने दिया
शिकायतकर्ता वेंडर शाहरुख ने वीरवार को कमिश्नर केके यादव को मामले की शिकायत दी है। वेंडर ने बताया कि उसके पास लाइसेंस है। इसके बावजदू सब इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार ने 2 हजार रुपये ले लिए, लेकिन सब्जियां व फल नहीं बेचने दिया। सब्जी और फल खराब हो रहे हैं।
मनीमाजरा में पांच बसें शुरू हुईं, सब में धांधली
तलविंदर सिंह का आरोप है कि निगम की ओर से मनीमाजरा में सीटीयू की पांच बसें सब्जी व फल लेकर आ रहीं है। दो बसों पर पप्पू और मियां नाम के वेंडर को अनुमति दी गई है। दो बसों पर लक्ष्मण और हरिओम को अनुमति दी है, जबकि एक बस पर जगमोहन व मनमोहन को अनुमति दी है। सब इंस्पेक्टर के बदलते ही जगमोहन और मनमोहन वाली बस पर दूसरे वेंडरों को बैठा दिया गया है। लक्ष्मण वाली बस में से एक बस से दूसरी जगह सप्लाई दी जा रही है।
मनीमाजरा के एक वेंडर और इलाके के कुछ अन्य लोगों से भी शिकायतें मिली हैं। सब इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार और वेंडर के बीच बातचीत का ऑडियो भी मिला है, जिसमें साफ है कि सब इंस्पेक्टर ने रुपये मांगे हैं। सब इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है। एडिशनल कमिश्नर अनिल गर्ग को इस पूरे मामले की जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है।
- केके यादव, कमिश्नर, नगर निगम
वेंडर नहीं दिखा सका लाइसेंस, पुलिस ने पल्ला झाड़ा
मॉडर्न कांप्लेक्स कैटेगरी 4 के प्रधान तलविंदर सिंह ने कमिश्नर केके यादव को शिकायत देकर बताया है कि वीरवार सुबह समाधि गेट के पास खड़ी बस को चेक करने पर पता चला कि बस में सब्जी लेकर आए वेंडर नरेंद्र के पास लाइसेंस ही नहीं हैं। उसके बाद मनीमाजरा पुलिस को बताया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर वेंडरों को फटकार लगाई और भगा दिया, लेकिन इनके खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी नगर निगम पर डालकर पल्ला झाड़ लिया। इसके अलावा राणा हवेली के सामने खड़ी बस के वेंडर के पास भी लाइसेंस नहीं था। तलविंदर सिंह ने कमिश्नर से इस संबंध में जांच की मांग की है।
रुपये भी ले लिए और सब्जी नहीं बेचने दिया
शिकायतकर्ता वेंडर शाहरुख ने वीरवार को कमिश्नर केके यादव को मामले की शिकायत दी है। वेंडर ने बताया कि उसके पास लाइसेंस है। इसके बावजदू सब इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार ने 2 हजार रुपये ले लिए, लेकिन सब्जियां व फल नहीं बेचने दिया। सब्जी और फल खराब हो रहे हैं।
मनीमाजरा में पांच बसें शुरू हुईं, सब में धांधली
तलविंदर सिंह का आरोप है कि निगम की ओर से मनीमाजरा में सीटीयू की पांच बसें सब्जी व फल लेकर आ रहीं है। दो बसों पर पप्पू और मियां नाम के वेंडर को अनुमति दी गई है। दो बसों पर लक्ष्मण और हरिओम को अनुमति दी है, जबकि एक बस पर जगमोहन व मनमोहन को अनुमति दी है। सब इंस्पेक्टर के बदलते ही जगमोहन और मनमोहन वाली बस पर दूसरे वेंडरों को बैठा दिया गया है। लक्ष्मण वाली बस में से एक बस से दूसरी जगह सप्लाई दी जा रही है।
मनीमाजरा के एक वेंडर और इलाके के कुछ अन्य लोगों से भी शिकायतें मिली हैं। सब इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार और वेंडर के बीच बातचीत का ऑडियो भी मिला है, जिसमें साफ है कि सब इंस्पेक्टर ने रुपये मांगे हैं। सब इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है। एडिशनल कमिश्नर अनिल गर्ग को इस पूरे मामले की जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है।
- केके यादव, कमिश्नर, नगर निगम
वेंडर और सब इंस्पेक्टर के बीच बातचीत का ऑडियो
वेंडर गिड़गिड़ाता रहा, सब इंस्पेक्टर बोला- 2 हजार में थ्री व्हीलर भी नहीं आता
वेंडर : सर नमस्कार सुबह आप दिखे नहीं।
सब इंस्पेक्टर : हां थोड़ा बिजी था।
वेंडर : सर कल मेरे साथ चलना, मेरा बहुत माल बच गया।
सब इंस्पेक्टर : कल चलूंगा, लेकिन मेरा काम करके लाना।
वेंडर : सर मैं आपका काम करूंगा, आपका जो बंदा था न एमसी का, क्या नाम था उसका...। अच्छा मेरी बात सुनो कल मैं आपका काम कर दूंगा। सुबह हजार रुपये दे दूंगा।
सब इंस्पेक्टर : हजार वाली बात नहीं है, फिर वही बात है। पहले 6 दिन के रुपये रुके हुए हैं। न सब्जी वाले ने दिए हैं।
वेंडर : कल के बाद डेली के डेली दे देंगे।
सब इंस्पेक्टर- नहीं पहले के कौन देगा।
वेंडर : चलो जैसा होगा देख लेंगे।
सब इंस्पेक्टर : नहीं पहले के देकर जाना था।
वेंडर : सुबह आप मिले कहां थे।
सब इंस्पेक्टर : मैं वहीं टेंट के पास था और कहां था...तुम कह रहे हो कर देंगे, कर देंगे। ऐसे ही 6 दिन निकाल दिए...वो सब्जी वाली जनानी को बिठा दूंगा फिर।
वेंडर : चलो कल आप मेरे साथ चलना, मैं आपको रुपये दे दूंगा।
सब इंस्पेक्टर : नहीं पहले मेरा पिछला हिसाब किताब क्लीयर करो...तूने कहा था सब्जी वाला बैठा दे।
वेंडर : आपका जो बंदा था पंकज या पवन उससे पूछो कितना फल व सब्जी बची है।
सब इंस्पेक्टर : सुन कल नहीं बिकी होगी, परसों नहीं बिकी होगी, आज फर्क पड़ा कुछ...चलो बताओ सुबह कितने दोगे।
वेंडर : 2 हजार रुपये दे दूंगा।
सब इंस्पेक्टर : फिर वही बात आ गई न।
वेंडर : सुनिए सर.. धीरे-धीरे करके आपके सारे रुपये दे दूंगा।
सब इंस्पेक्टर : 2 हजार रुपये में थ्री व्हीलर नहीं मिलता पूरे दिन के लिए...नहीं तो अपना जहां मर्जी आए वहां बेच लो सब्जी।
वेंडर : सर नमस्कार सुबह आप दिखे नहीं।
सब इंस्पेक्टर : हां थोड़ा बिजी था।
वेंडर : सर कल मेरे साथ चलना, मेरा बहुत माल बच गया।
सब इंस्पेक्टर : कल चलूंगा, लेकिन मेरा काम करके लाना।
वेंडर : सर मैं आपका काम करूंगा, आपका जो बंदा था न एमसी का, क्या नाम था उसका...। अच्छा मेरी बात सुनो कल मैं आपका काम कर दूंगा। सुबह हजार रुपये दे दूंगा।
सब इंस्पेक्टर : हजार वाली बात नहीं है, फिर वही बात है। पहले 6 दिन के रुपये रुके हुए हैं। न सब्जी वाले ने दिए हैं।
वेंडर : कल के बाद डेली के डेली दे देंगे।
सब इंस्पेक्टर- नहीं पहले के कौन देगा।
वेंडर : चलो जैसा होगा देख लेंगे।
सब इंस्पेक्टर : नहीं पहले के देकर जाना था।
वेंडर : सुबह आप मिले कहां थे।
सब इंस्पेक्टर : मैं वहीं टेंट के पास था और कहां था...तुम कह रहे हो कर देंगे, कर देंगे। ऐसे ही 6 दिन निकाल दिए...वो सब्जी वाली जनानी को बिठा दूंगा फिर।
वेंडर : चलो कल आप मेरे साथ चलना, मैं आपको रुपये दे दूंगा।
सब इंस्पेक्टर : नहीं पहले मेरा पिछला हिसाब किताब क्लीयर करो...तूने कहा था सब्जी वाला बैठा दे।
वेंडर : आपका जो बंदा था पंकज या पवन उससे पूछो कितना फल व सब्जी बची है।
सब इंस्पेक्टर : सुन कल नहीं बिकी होगी, परसों नहीं बिकी होगी, आज फर्क पड़ा कुछ...चलो बताओ सुबह कितने दोगे।
वेंडर : 2 हजार रुपये दे दूंगा।
सब इंस्पेक्टर : फिर वही बात आ गई न।
वेंडर : सुनिए सर.. धीरे-धीरे करके आपके सारे रुपये दे दूंगा।
सब इंस्पेक्टर : 2 हजार रुपये में थ्री व्हीलर नहीं मिलता पूरे दिन के लिए...नहीं तो अपना जहां मर्जी आए वहां बेच लो सब्जी।