{"_id":"5ea0048c8ebc3e907b73ddb2","slug":"coronavirus-lockdown-curfew-corona-commandos-salute-to-corona-warrior-father","type":"story","status":"publish","title_hn":"Corona Commando: बेटी कहती- पापा के साथ खाना खाऊंगी, पिता कहते- फर्ज भी निभाना है","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Corona Commando: बेटी कहती- पापा के साथ खाना खाऊंगी, पिता कहते- फर्ज भी निभाना है
Wed, 22 Apr 2020 02:17 PM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 22 Apr 2020 02:17 PM IST
विज्ञापन
कोरोना कमांडो दंपती
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
‘मेरा तो बस यह मानना है कि अगर मन में विश्वास हो और ईश्वर पर भरोसा तो हर संकट से मुक्ति मिल जाती है, फिर कोरोना क्या चीज है। बस थोड़ा संयम और सचेत रहकर हिम्मत से काम करना होगा। उसके बाद कोरोना भी हमारे आगे हार मानेगा।’ यह कहना है पीजीआई के नर्सिंग ऑफिसर जगदीश का, जो इस समय कोरोना आईसीयू वार्ड में ड्यूटी कर रहे हैं। उन्होंने अपनी ड्यूटी के लिए अपने परिवार को भी खुद से दूर कर दिया है। जगदीश की ढाई साल की बेटी प्रीतिका और पत्नी सरिता लगभग एक महीने से उनसे अलग राजस्थान में हैं। जगदीश का कहना है कि परिवार के पास रहकर ड्यूटी करता तो उनकी चिंता सताती रहती। अभी मैं उनसे दूर हूं, अकेला हूं लेकिन इस बात की संतुष्टि है कि वे सुरक्षित हैं।
बेटी जिद करती है पापा आएंगे तब खाऊंगी खाना
जगदीश ने बताया कि दादा-दादी के पास बेटी खुश तो है पर मुझे याद करके बहुत रोती है। वह कहती है कि जब तक पापा नहीं आएंगे खाऊंगी नहीं। यहां मेरे हॉस्पिटल से घर लौटने पर मुझे गले लगती थी और मुझे उसके लिए कुछ न कुछ लेकर जाना होता था। इस समय हम दोनों उन चीजों को याद कर रहे हैं। मैं कॉल करता हूं तो गुस्सा हो जाती है और मुझसे बात नहीं करती, रोती है, कहती है पापा जल्दी आ जाओ।
ड्यूटी के साथ रक्तदान के लिए भी कर रहे जागरूक
जगदीश का ब्लड ग्रुप ओ निगेटिव है। उन्हें इसका महत्व अच्छी तरह मालूम है। इसलिए उन्होंने ड्यूटी के दौरान ही रक्तदान कर एक रेयर ग्रुप के मरीज की जान भी बचाई है। जगदीश का कहना है कि संकट के समय लोगों को रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए ताकि किसी मरीज की जान खून की कमी से न जाए। इसके लिए खासतौर पर युवाओं को आगे आना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
बेटी जिद करती है पापा आएंगे तब खाऊंगी खाना
जगदीश ने बताया कि दादा-दादी के पास बेटी खुश तो है पर मुझे याद करके बहुत रोती है। वह कहती है कि जब तक पापा नहीं आएंगे खाऊंगी नहीं। यहां मेरे हॉस्पिटल से घर लौटने पर मुझे गले लगती थी और मुझे उसके लिए कुछ न कुछ लेकर जाना होता था। इस समय हम दोनों उन चीजों को याद कर रहे हैं। मैं कॉल करता हूं तो गुस्सा हो जाती है और मुझसे बात नहीं करती, रोती है, कहती है पापा जल्दी आ जाओ।
विज्ञापन
ड्यूटी के साथ रक्तदान के लिए भी कर रहे जागरूक
जगदीश का ब्लड ग्रुप ओ निगेटिव है। उन्हें इसका महत्व अच्छी तरह मालूम है। इसलिए उन्होंने ड्यूटी के दौरान ही रक्तदान कर एक रेयर ग्रुप के मरीज की जान भी बचाई है। जगदीश का कहना है कि संकट के समय लोगों को रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए ताकि किसी मरीज की जान खून की कमी से न जाए। इसके लिए खासतौर पर युवाओं को आगे आना चाहिए।
विज्ञापन