{"_id":"5eb39a9cd4c1162fbc75b118","slug":"coronavirus-lockdown-bapudham-colony-ground-report","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"गवर्नर साहब! सिर्फ दिखावे की सख्ती, न सीआरपीएफ न पुलिस...बापूधाम में आराम से घूम रहे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गवर्नर साहब! सिर्फ दिखावे की सख्ती, न सीआरपीएफ न पुलिस...बापूधाम में आराम से घूम रहे लोग
Thu, 07 May 2020 10:50 AM IST
खुशबू गोयल
रिशु राज सिंह, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 07 May 2020 10:50 AM IST
विज्ञापन
बापूधाम कॉलोनी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूटी प्रशासन ने बापूधाम को कंटेनमेंट जोन घोषित किया हुआ है, लेकिन हकीकत यह है कि बापूधाम में प्रशासन की सख्ती सिर्फ दिखावे की है। ग्राउंड लेवल पर सच्चाई यह है कि इलाके में न तो सीआरपीएफ दिखाई देती है और न ही पुलिस के जवान। लोग बेखौफ होकर आराम से घूमते हैं। वेंडर्स सब्जियां बेच रहे हैं। घरों में दुकानें खुली हैं। दिनभर लोग खरीदारी करते हैं। जैसे ही पुलिस आती है दुकान का शटर गिरा दिया जाता है। यह क्रम दिनभर चलता रहता है।
कोरोना वायरस को लेकर शहर में लोग डरकर अपने घरों में बैठे हैं। लोगों के मन में खौफ है कि कहीं यह वायरस कहीं उनके सेक्टर या गली-मोहल्ले में न पहुंच जाए। वहीं, दूसरी ओर बापूधाम में प्रशासन की तरफ से बरती जा रही सख्ती सिर्फ दिखावा मात्र नजर आ रही है। अमर उजाला ने बुधवार को बापूधाम के अंदर के हालातों का जायजा लिया तो कई हैरान कर देने वाली तस्वीरें सामने आईं। पुलिस सिर्फ एंट्री-एग्जिट प्वाइंट पर खड़ी है। सीआरपीएफ के कुछ जवान सिर्फ फेज-1 में हैं।
बापूधाम के गुरुद्वारे के पास सड़क के एक किनारे वेंडर्स आराम से सब्जियां बेच रहे थे। लोग भी सोशल डिस्टेंसिंग को मुंह चिढ़ा कर सब्जियां खरीद रहे थे। कुछ लोगों की शिकायत रही कि सब्जियां महंगी दामों पर बेची जा रही हैं। लोगों का यह भी कहना था कि प्रशासन की तरफ से आने वाली बस बापूधाम के सिर्फ एक हिस्से में ही आती है। ऐसे में सभी लोग उस तक नहीं पहुंच पाते हैं, इसलिए उनके पास और कोई रास्ता नहीं है। उधर, बापूधाम को लेकर प्रशासक वीपी सिंह बदनौर का कहना है कि अगले तीन दिन तक वहां पर तेजी से कोरोना की टेस्टिंग की जाएगी। हर संदिग्ध व्यक्ति की जांच होगी ताकि समय रहने संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोरोना वायरस को लेकर शहर में लोग डरकर अपने घरों में बैठे हैं। लोगों के मन में खौफ है कि कहीं यह वायरस कहीं उनके सेक्टर या गली-मोहल्ले में न पहुंच जाए। वहीं, दूसरी ओर बापूधाम में प्रशासन की तरफ से बरती जा रही सख्ती सिर्फ दिखावा मात्र नजर आ रही है। अमर उजाला ने बुधवार को बापूधाम के अंदर के हालातों का जायजा लिया तो कई हैरान कर देने वाली तस्वीरें सामने आईं। पुलिस सिर्फ एंट्री-एग्जिट प्वाइंट पर खड़ी है। सीआरपीएफ के कुछ जवान सिर्फ फेज-1 में हैं।
विज्ञापन
बापूधाम के गुरुद्वारे के पास सड़क के एक किनारे वेंडर्स आराम से सब्जियां बेच रहे थे। लोग भी सोशल डिस्टेंसिंग को मुंह चिढ़ा कर सब्जियां खरीद रहे थे। कुछ लोगों की शिकायत रही कि सब्जियां महंगी दामों पर बेची जा रही हैं। लोगों का यह भी कहना था कि प्रशासन की तरफ से आने वाली बस बापूधाम के सिर्फ एक हिस्से में ही आती है। ऐसे में सभी लोग उस तक नहीं पहुंच पाते हैं, इसलिए उनके पास और कोई रास्ता नहीं है। उधर, बापूधाम को लेकर प्रशासक वीपी सिंह बदनौर का कहना है कि अगले तीन दिन तक वहां पर तेजी से कोरोना की टेस्टिंग की जाएगी। हर संदिग्ध व्यक्ति की जांच होगी ताकि समय रहने संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
विज्ञापन
घरों में दिनभर खुली रहती हैं दुकानें, लोग भी करते हैं खरीदारी
बापूधाम के कई घरों में करियाने व अन्य सामानों की दुकानें खुली हुई हैं। कंटेनमेंट जोन घोषित होने के बावजूद लोग उन दुकानों में जाकर खरीदारी कर रहे हैं। ये दुकानें घरों में हैं, इस वजह से पुलिस को भी पता नहीं लग पाता है। जब शिकायत मिलने पर या पेट्रोलिंग के समय पुलिस गली में पहुंचती है तो तुरंत शटर बंद कर दिया जाता है।
लोगों की शिकायत है कि जबसे बापूधाम को सील किया गया है अंदर की दुकानदारों ने सामानों के रेट लगभग दोगुने कर दिए हैं। स्थानीय निवासी अनिल कुमार ने बताया कि पुलिस की पेट्रोलिंग काफी कम है। लोग घरों में नहीं बैठ रहे हैं। दिन के समय लोगों को गलियों में देखा जा सकता हैं। प्रशासन गंभीर नहीं है। इस लापरवाही से कोरोना संक्रमण और फैल सकता है।
गेहूं तो मिला, लेकिन पिसवाने से पहले ही एरिया हुआ सील
स्थानीय लोगों ने बताया कि बापूधाम के सील होने के बाद से लोगों की समस्या बढ़ गई है। लोगों को खाना नहीं मिल रहा है। यहां पर हजारों मजदूर व दिहाड़ीदार रहते हैं। लॉकडाउन की वजह से उनका काम छूटा तो प्रशासन की तरफ से मिलने वाला खाना खाकर वे दिन काटते थे। जबसे कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है, उन तक खाना नहीं पहुंच रहा है। लोगों की यह भी शिकायत है कि उन्हें गेहूं मिला, लेकिन उसे वे पिसवा पाते उससे पहले ही बापूधाम को सील कर दिया गया।
लोगों की शिकायत है कि जबसे बापूधाम को सील किया गया है अंदर की दुकानदारों ने सामानों के रेट लगभग दोगुने कर दिए हैं। स्थानीय निवासी अनिल कुमार ने बताया कि पुलिस की पेट्रोलिंग काफी कम है। लोग घरों में नहीं बैठ रहे हैं। दिन के समय लोगों को गलियों में देखा जा सकता हैं। प्रशासन गंभीर नहीं है। इस लापरवाही से कोरोना संक्रमण और फैल सकता है।
गेहूं तो मिला, लेकिन पिसवाने से पहले ही एरिया हुआ सील
स्थानीय लोगों ने बताया कि बापूधाम के सील होने के बाद से लोगों की समस्या बढ़ गई है। लोगों को खाना नहीं मिल रहा है। यहां पर हजारों मजदूर व दिहाड़ीदार रहते हैं। लॉकडाउन की वजह से उनका काम छूटा तो प्रशासन की तरफ से मिलने वाला खाना खाकर वे दिन काटते थे। जबसे कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है, उन तक खाना नहीं पहुंच रहा है। लोगों की यह भी शिकायत है कि उन्हें गेहूं मिला, लेकिन उसे वे पिसवा पाते उससे पहले ही बापूधाम को सील कर दिया गया।