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कोरोना महामारी ने बदल डाला उत्तर भारत की मशहूर अकालगढ़ मार्केट का ट्रेंड, अब ऐसी है मांग
Mon, 08 Jun 2020 01:50 PM IST
खुशबू गोयल
वरिंदर राणा, लुधियाना
वरिंदर राणा, लुधियाना
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 08 Jun 2020 01:50 PM IST
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अकालगढ़ मार्केट में पहुंचने लगे ग्राहक
- फोटो : अमर उजाला
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रेडीमेड कपड़ों के मशहूर उत्तर भारत की होलसेल एवं रिटेल अकालगढ़ मार्केट में कोरोना ने पूरा ट्रेंड ही बदल कर रख दिया है। अब यहां उधार पूरी तरह बंद हो गया है। इसके अलावा सस्ते-साधारण कपड़ों की मांग बढ़ गई है। अकालगढ़ मार्केट में चंडीगढ़, हिमाचल, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान से लोग खरीदारी करने के लिए आते हैं।
इस मार्केट में 810 दुकानें हैं। मार्केट में अन्य राज्यों से ज्यादातर होलसेल के ग्राहक ही पहुंचते है। लॉकडाउन खुलने के बाद अब इस मार्केट में ग्राहकों की संख्या काफी कम हो गई है। अन्य राज्यों से माल मंगवाने वाले अब खुद आने की जगह व्हाट्स ऐप या फोन पर ही ऑर्डर बुक करवा रहे हैं। माल लेने पर क्रेडिट देने का सिलसिला था, वह अब पूरी तरह से बंद हो चुका है।
ऐसे में अब ‘कैश भेजो और माल मंगवाओ’ का सिलसिला शुरू हो चुका है। अब फैक्टरी से भी माल कैश ही मिल रहा है। कोई भी इस समय रिस्क लेने के लिए तैयार नहीं है। कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए मार्केट में विशेष इंतजाम किए गए हैं। मार्केट खुलने से पहले इसे दो बार सैनिटाइज किया जा चुका है। वहीं दुकान पर ग्राहक के अंदर आने से पहले सैनिटाइज जरूर किया जाता है।
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कपड़ा छूने से पहले हाथ सैनिटाइज करना जरूरी
हालांकि मार्केट में बहुत कम ग्राहक पहुंच रहे हैं लेकिन सैनिटाइजेशन का पूरा प्रबंध किया गया है। रेडीमेड गारमेंट खरीदने से पहले हर कोई उसे छूना जरूर चाहता है। ऐसे में एहतियात के तौर पर सबसे पहले ग्राहक के हाथ सैनिटाइज किए जाते हैं। वहीं, उन्हें ज्यादा कपड़े छूने के लिए नहीं दिए जाते। ज्यादातर लोग मास्क पहनकर ही आते हैं। फिर भी दुकानों में अलग से मास्क का प्रबंध रखा गया है। महिलाएं ज्यादातर मास्क की जगह चुनरी का इस्तेमाल करती हैं।
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इस मार्केट में 810 दुकानें हैं। मार्केट में अन्य राज्यों से ज्यादातर होलसेल के ग्राहक ही पहुंचते है। लॉकडाउन खुलने के बाद अब इस मार्केट में ग्राहकों की संख्या काफी कम हो गई है। अन्य राज्यों से माल मंगवाने वाले अब खुद आने की जगह व्हाट्स ऐप या फोन पर ही ऑर्डर बुक करवा रहे हैं। माल लेने पर क्रेडिट देने का सिलसिला था, वह अब पूरी तरह से बंद हो चुका है।
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ऐसे में अब ‘कैश भेजो और माल मंगवाओ’ का सिलसिला शुरू हो चुका है। अब फैक्टरी से भी माल कैश ही मिल रहा है। कोई भी इस समय रिस्क लेने के लिए तैयार नहीं है। कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए मार्केट में विशेष इंतजाम किए गए हैं। मार्केट खुलने से पहले इसे दो बार सैनिटाइज किया जा चुका है। वहीं दुकान पर ग्राहक के अंदर आने से पहले सैनिटाइज जरूर किया जाता है।
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कपड़ा छूने से पहले हाथ सैनिटाइज करना जरूरी
हालांकि मार्केट में बहुत कम ग्राहक पहुंच रहे हैं लेकिन सैनिटाइजेशन का पूरा प्रबंध किया गया है। रेडीमेड गारमेंट खरीदने से पहले हर कोई उसे छूना जरूर चाहता है। ऐसे में एहतियात के तौर पर सबसे पहले ग्राहक के हाथ सैनिटाइज किए जाते हैं। वहीं, उन्हें ज्यादा कपड़े छूने के लिए नहीं दिए जाते। ज्यादातर लोग मास्क पहनकर ही आते हैं। फिर भी दुकानों में अलग से मास्क का प्रबंध रखा गया है। महिलाएं ज्यादातर मास्क की जगह चुनरी का इस्तेमाल करती हैं।
कोरोना के कारण बाजार का ट्रेंड बदल गया है। अब लोग महंगे कपड़ों की जगह निक्कर और टी शर्ट की ज्यादा मांग कर रहे हैं। घरों में रहने के कारण निक्कर और टी शर्ट में हर कोई सहज महसूस करता है। इस समय शादी समारोह तो लगभग बंद हैं। ऐसे में महिलाओं के महंगे सूट की जगह घर पर पहने के लिए साधारण कपड़े ज्यादा मांग रहे हैं।
- गुरिंदर सिंह एमपी, पूर्व महासचिव
कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए दो बार मार्केट को सैनिटाइज किया जा चुका है। इस मार्केट में सैकड़ों सेल्समैन काम करते है। उन्हें सरकार की तरफ से आने वाली हर गाइडलाइन की जानकारी तुरंत मोबाइल पर दी जाती है। मास्क से लेकर सैनिटाइजर हर दुकान पर उपलब्ध है। इसके अलावा दुकान में लगे काउंटर और टेबल को दिन में कई बार सैनिटाइज किया जा रहा है।
- मनप्रीत सिंह बंटी, प्रधान रेडिमेड गारमेंट एसोसिएशन
पहले हम अन्य राज्य से आने वाले ग्राहकों को पैसे भुगतान का कुछ समय देते थे। अब सारा काम कैश पर हो रहा है। चाहे पहले के मुकाबले दुकानों पर काम महज तीस फीसदी ही रह गया है लेकिन कोई भी उधार देकर कोई रिस्क नहीं लेना चाहता है। अभी तो पहले से भेजे गए माल की पेमेंट अटकी पड़ी है।
- अरविंदर सिंह टोनी, चेयरमैन अकाल मार्केट शॉप कीपर एसोसिएशन
- गुरिंदर सिंह एमपी, पूर्व महासचिव
कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए दो बार मार्केट को सैनिटाइज किया जा चुका है। इस मार्केट में सैकड़ों सेल्समैन काम करते है। उन्हें सरकार की तरफ से आने वाली हर गाइडलाइन की जानकारी तुरंत मोबाइल पर दी जाती है। मास्क से लेकर सैनिटाइजर हर दुकान पर उपलब्ध है। इसके अलावा दुकान में लगे काउंटर और टेबल को दिन में कई बार सैनिटाइज किया जा रहा है।
- मनप्रीत सिंह बंटी, प्रधान रेडिमेड गारमेंट एसोसिएशन
पहले हम अन्य राज्य से आने वाले ग्राहकों को पैसे भुगतान का कुछ समय देते थे। अब सारा काम कैश पर हो रहा है। चाहे पहले के मुकाबले दुकानों पर काम महज तीस फीसदी ही रह गया है लेकिन कोई भी उधार देकर कोई रिस्क नहीं लेना चाहता है। अभी तो पहले से भेजे गए माल की पेमेंट अटकी पड़ी है।
- अरविंदर सिंह टोनी, चेयरमैन अकाल मार्केट शॉप कीपर एसोसिएशन