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कोरोना का खौफ: अस्थियां लेने से भी इंकार कर रहे परिजन, वॉलंटियर्स की टीम कर रही एकत्रित
Thu, 30 Jul 2020 11:00 AM IST
खुशबू गोयल
विकास मल्होत्रा, लुधियाना
विकास मल्होत्रा, लुधियाना
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 30 Jul 2020 11:00 AM IST
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अस्थियां
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कोरोना महामारी का खौफ इस समय पूरी दुनिया में तो फैला ही है, लेकिन बीमारी का असर सामाजिक बंधनों और रिश्तों पर भी पड़ने लगा है। पहले कई लोगों ने महामारी से मरने वाले अपने सगे संबंधियों के अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। अब कुछ लोगों ने अंतिम संस्कार करना तो दूर, उनकी अस्थियां लेने से भी साफ तौर पर मना कर दिया है।
पंजाब के लुधियाना में कोरोना से मरने वाले लोगों का अंतिम संस्कार जिला प्रशासन द्वारा बनाई गई छह वॉलंटियर्स की टीम करती है। अंतिम संस्कार की सभी रस्में पूरी करने के बाद वह खुद ही अस्थियां इकट्ठी करके सुरक्षित जगह पर रखते हैं, लेकिन मृतकों के सगे संबंधी उनके लिए परेशानी उस समय खड़ी करते हैं, जब वह अस्थियां लेने से साफ तौर पर मना कर देते हैं।
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पंजाब के लुधियाना में कोरोना से मरने वाले लोगों का अंतिम संस्कार जिला प्रशासन द्वारा बनाई गई छह वॉलंटियर्स की टीम करती है। अंतिम संस्कार की सभी रस्में पूरी करने के बाद वह खुद ही अस्थियां इकट्ठी करके सुरक्षित जगह पर रखते हैं, लेकिन मृतकों के सगे संबंधी उनके लिए परेशानी उस समय खड़ी करते हैं, जब वह अस्थियां लेने से साफ तौर पर मना कर देते हैं।
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61 कोरोना मरीजों का अंतिम संस्कार कर चुकी है टीम
वॉलंटियर्स की टीम को लीड करने वाले ट्रैफिक मार्शल इंचार्ज मंदीप केशव गुड्डू ने बताया कि जब एसीपी अनिल कोहली कोरोना के कारण शहीद हुए थे, उस समय उन्होंने अपनी छह सदस्यों की टीम के साथ मिलकर अंतिम संस्कार की सभी रस्में निभाई थीं। उसके बाद कई लोगों की मौत हुई तो उनके परिवार वालों ने अंतिम संस्कार करने से ही मना कर दिया था।
डिप्टी कमिश्नर, पुलिस कमिश्नर, निगम कमिश्नर, मेयर की अप्रूवल मिलने के बाद इन छह लोगों की टीम बनाई गई थी। अब इस टीम के द्वारा ही कोरोना से मरने वालों का अंतिम संस्कार किया जाता था। अब तक टीम करीब 61 संक्रमित मरीजों का अंतिम संस्कार कर चुकी है। वह अंतिम संस्कार के दौरान वीडियो बनाते हैं और परिजनों को सौंप देते हैं।
गुड्डू ने कहा कि कुछ लोग तो अपने परिजनों की अस्थियां ले जाते हैं, लेकिन कुछ लोगों ने तो साफ तौर पर मना कर दिया है कि वह अस्थियां भी नहीं लेकर जाएंगे। अगर प्रशासन की तरफ से उन्हें इजाजत दी जाती है तो वह उनकी आगे की रस्में निभाने को भी तैयार हैं।
डिप्टी कमिश्नर, पुलिस कमिश्नर, निगम कमिश्नर, मेयर की अप्रूवल मिलने के बाद इन छह लोगों की टीम बनाई गई थी। अब इस टीम के द्वारा ही कोरोना से मरने वालों का अंतिम संस्कार किया जाता था। अब तक टीम करीब 61 संक्रमित मरीजों का अंतिम संस्कार कर चुकी है। वह अंतिम संस्कार के दौरान वीडियो बनाते हैं और परिजनों को सौंप देते हैं।
गुड्डू ने कहा कि कुछ लोग तो अपने परिजनों की अस्थियां ले जाते हैं, लेकिन कुछ लोगों ने तो साफ तौर पर मना कर दिया है कि वह अस्थियां भी नहीं लेकर जाएंगे। अगर प्रशासन की तरफ से उन्हें इजाजत दी जाती है तो वह उनकी आगे की रस्में निभाने को भी तैयार हैं।
अंतिम संस्कार के लिए देरी से पहुंच रहे शव
श्मशानघाट के पंडित पंकज ने बताया कि इस समय एक ही शमशानघाट में कोरोना मृतकों का अंतिम संस्कार हो रहा है। डिप्टी कमिश्नर वरिंदर कुमार ने आदेश जारी कर दिए हैं कि किसी भी शमशानघाट में अंतिम संस्कार किया जा सकता है, लेकिन अभी तक कोई भी श्मशानघाट कोरोना से मरने वालों का अंतिम संस्कार नहीं कर रहा है।
एंबुलेंस न मिलने के कारण शव देरी से पहुंच रहे हैं और अंतिम संस्कार की रस्में भी लेट हो रही हैं। उन्होंने एक शव के संस्कार को छह बजे का समय दिया था, लेकिन एंबुलेंस नही मिली तो शव 12 बजे पहुंचा। कुछ लोगों ने अस्थियां लेने से मना कर दिया है। अगर जरुरत पड़ी तो वह प्रशासन से इजाजत लेने के बाद खुद आगे की रस्में भी पूरी करने की कोशिश करेंगे।
एंबुलेंस न मिलने के कारण शव देरी से पहुंच रहे हैं और अंतिम संस्कार की रस्में भी लेट हो रही हैं। उन्होंने एक शव के संस्कार को छह बजे का समय दिया था, लेकिन एंबुलेंस नही मिली तो शव 12 बजे पहुंचा। कुछ लोगों ने अस्थियां लेने से मना कर दिया है। अगर जरुरत पड़ी तो वह प्रशासन से इजाजत लेने के बाद खुद आगे की रस्में भी पूरी करने की कोशिश करेंगे।