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राहत भरी खबरः अमृतसर में भी हो सकेगी करोनोवायरस की जांच, प्रक्रिया पूरी करने में जुटे हैं अफसर
Mon, 09 Mar 2020 12:20 PM IST
खुशबू गोयल
अशोक नीर, अमृतसर
अशोक नीर, अमृतसर
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 09 Mar 2020 12:20 PM IST
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सरकारी मेडिकल कॉलेज अमृतसर की इंफ्लुएंजा लैब में तैनात माइक्रोबायोलॉजिस्ट और उनकी टीम कोरोना वायरस टेस्टिंग की प्रक्रिया को अंजाम तक पहुंचाने में जुटी है। यदि डॉक्टरों का प्रयोग सफल रहा तो अगले सप्ताह अमृतसर में कोविड-19 बीमारी के संदिग्ध मरीजों की जांच हो सकेगी।
वैश्विक स्तर पर दस्तक दे चुके कोरोना वायरस के इलाज में अभी कोई दवा तो प्रभावी नहीं है, लेकिन अमृतसर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में इस वायरस की भयावहता का आकलन शुरू करने की तैयारी की जा रही है।श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और अटारी सड़क सीमा पर स्थित आईसीपी से देश विदेश से आने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है।
खांसी, जुकाम और बुखार से पीड़ित मरीजों के सैंपल लेकर जांच के लिए दिल्ली स्थित एम्स में और नेशनल इंस्टीट्यूट वायरोलॉजी लैब पुणे भेजे जा रहे हैं। इन दोनों लैब में देश भर से सैंपल पहुंच रहे हैं। यही कारण है कि टेस्ट रिपोर्ट मिलने में विलंब हो रहा है। ऐसी स्थिति में पंजाब सरकार ने मेडिकल कॉलेज में ही टेस्ट करने की योजना पर काम शुरू करवा दिया है।
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वैश्विक स्तर पर दस्तक दे चुके कोरोना वायरस के इलाज में अभी कोई दवा तो प्रभावी नहीं है, लेकिन अमृतसर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में इस वायरस की भयावहता का आकलन शुरू करने की तैयारी की जा रही है।श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और अटारी सड़क सीमा पर स्थित आईसीपी से देश विदेश से आने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है।
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खांसी, जुकाम और बुखार से पीड़ित मरीजों के सैंपल लेकर जांच के लिए दिल्ली स्थित एम्स में और नेशनल इंस्टीट्यूट वायरोलॉजी लैब पुणे भेजे जा रहे हैं। इन दोनों लैब में देश भर से सैंपल पहुंच रहे हैं। यही कारण है कि टेस्ट रिपोर्ट मिलने में विलंब हो रहा है। ऐसी स्थिति में पंजाब सरकार ने मेडिकल कॉलेज में ही टेस्ट करने की योजना पर काम शुरू करवा दिया है।
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लैब में संदिग्ध मरीज के सैंपल की दो चरणों में जांच होगी
इंफ्लुएंजा लैब में संदिग्ध मरीज के सैंपल की दो चरणों में जांच होगी। पहले चरण में आरटीपीसीआर और रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेज पॉलीमरी टेस्ट होगा, जिसमें मरीज के ईजीन की जांच होगी। इससे ग्रुप आफ वायरस की जानकारी मिल सकेगी। ई-जीन में पुराना सॉर्स वायरस, कोरोना वायरस और वर्तमान सॉर्स कोरोना टू वायरस की जांच की जाएगी।
यदि इस ग्रुप का टेस्ट पॉजिटिव हुआ तो कोरोना वायरस की प्राथमिक पुष्टि होगी। हालांकि आरटीपीसीआर टेस्ट में कोरोना की पुष्टि होने पर यह तय है कि संदिग्ध मरीज कोरोना पॉजिटिव है, लेकिन पूरी तरह पुष्ट होने के लिए दूसरे चरण का दो अन्य जीन्स ओआरएफ वनबी और आरटीआरपी का टेस्ट होगा।
दूसरे चरण का जीन टेस्ट पॉजिटिव आने पर यह शत प्रतिशत पुष्टि होगी कि मरीज कोरोना पॉजिटिव है। यह सभी टेस्ट मरीज के रक्त एवं थ्रोट स्वैब लेकर किए जाएंगे और इन्हें संपन्न करने के लिए आरटीपीसीआर मशीन का प्रयोग होगा। महज तीन घंटे में आरटीपीसीआर मशीन पॉजिटिव या नेगेटिव का परिणाम देगी। आरटीपीसीआर मशीन से ही स्वाइन फ्लू के टेस्ट किए जाते हैं, जो मेडिकल कॉलेज में पिछले पांच साल से किए जा रहे हैं।
यदि इस ग्रुप का टेस्ट पॉजिटिव हुआ तो कोरोना वायरस की प्राथमिक पुष्टि होगी। हालांकि आरटीपीसीआर टेस्ट में कोरोना की पुष्टि होने पर यह तय है कि संदिग्ध मरीज कोरोना पॉजिटिव है, लेकिन पूरी तरह पुष्ट होने के लिए दूसरे चरण का दो अन्य जीन्स ओआरएफ वनबी और आरटीआरपी का टेस्ट होगा।
दूसरे चरण का जीन टेस्ट पॉजिटिव आने पर यह शत प्रतिशत पुष्टि होगी कि मरीज कोरोना पॉजिटिव है। यह सभी टेस्ट मरीज के रक्त एवं थ्रोट स्वैब लेकर किए जाएंगे और इन्हें संपन्न करने के लिए आरटीपीसीआर मशीन का प्रयोग होगा। महज तीन घंटे में आरटीपीसीआर मशीन पॉजिटिव या नेगेटिव का परिणाम देगी। आरटीपीसीआर मशीन से ही स्वाइन फ्लू के टेस्ट किए जाते हैं, जो मेडिकल कॉलेज में पिछले पांच साल से किए जा रहे हैं।
लैब का स्टाफ दिन रात सेटअप तैयार करने में जुटा
इंफ्लुएंजा लैब में टेस्ट का पूरा सेटअप तैयार किया जा रहा है। अभी चार से पांच दिन का समय और लगेगा। इंडिया काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन से कहा है कि टेस्टिंग प्रक्रिया से पहले माइक्रोबायोलॉजी विभाग के डॉक्टरों से क्वालिटी कंट्रोल प्रोग्राम में सहभागिता दर्ज करवाएं।
इस प्रोग्राम में टेस्टिंग की सारी विधि एवं इंफ्लुएंजा लैब के सेटअप के विषय में विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर भेजी जाए। यह रिपोर्ट काउंसिल में एनालाइज होगी। इसके बाद इंफ्लुएंजा लैब को कोरोना वायरस का टेस्ट करने की स्वीकृति दी जाएगी। इंफ्लुएंजा लैब का स्टाफ दिन रात सेटअप तैयार करने एवं क्वालिटी कंट्रोल प्रोग्राम के नियमों के अनुसार रिपोर्ट तैयार करने में जुटा है।
इस प्रोग्राम में टेस्टिंग की सारी विधि एवं इंफ्लुएंजा लैब के सेटअप के विषय में विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर भेजी जाए। यह रिपोर्ट काउंसिल में एनालाइज होगी। इसके बाद इंफ्लुएंजा लैब को कोरोना वायरस का टेस्ट करने की स्वीकृति दी जाएगी। इंफ्लुएंजा लैब का स्टाफ दिन रात सेटअप तैयार करने एवं क्वालिटी कंट्रोल प्रोग्राम के नियमों के अनुसार रिपोर्ट तैयार करने में जुटा है।