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कैप्टन अमरिंदर सिंह बोले- जरूरी था राष्ट्रीय लॉकडाउन, बाहर न निकलें, घर पहुंचाएंगे जरूरी सामान

Wed, 25 Mar 2020 10:48 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 25 Mar 2020 10:48 AM IST
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Corona virus outbreak: Essential items wiil Home delivery in Punjab
कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई

कोविड-19 से निपटने के लिए मुकम्मल कर्फ्यू के एक दिन बाद पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को लोगों को आ रही समस्याएं कम करने के लिए कई कदमों का एलान किया। उन्होंने स्थिति को और प्रभावी तरीके से संभालने के लिए पुलिस और सिविल प्रशासन के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए। 

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मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्फ्यू जारी रखना जरूरी है और इसे अच्छा समर्थन भी मिला है। लेकिन इससे नागरिकों को आ रही दिक्कतों को कम करने की भी जरूरत है। उन्होंने कहा कि कर्फ्यू संबंधी नए दिशा-निर्देश डिप्टी कमिश्नरों की निगरानी में सख्ती से लागू किए जाएंगे और डीसी ही यह यकीनी बनाएंगे कि जरूरी सामान की सप्लाई और सेवाएं लोगों तक पहुंचे। 
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अमरिंदर ने कहा कि मौजूदा हालात में लोगों को पेश आ रही समस्याओं को वह समझते हैं और उन्होंने डिप्टी कमिश्नरों से कहा कि जहां तक संभव हो सके, पहले से शिनाख्त किए गए विक्रेताओं द्वारा किराना, दूध, फल और सब्जियों जैसी जरूरी वस्तुओं को घर-घर पहुंचाना यकीनी बनाया जाए। इसी तरह कर्फ्यू प्रबंधन प्रणाली के तहत एसडीएम या इलाका मजिस्ट्रेट द्वारा रोज सुबह दूध, ब्रेड, बिस्कुट, अंडे और अन्य संबंधित वस्तुएं घरों तक पहुंचाने के लिए रेहड़ी वालों को मनोनीत किया जाए। 
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मुख्यमंत्री ने बताया कि कर्फ्यू प्रबंधन संबंधी नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक आम छूट पूरी तौर पर वर्जित है और कर्फ्यू के दौरान किसी भी वाहन के चलने की इजाजत नहीं है। सिर्फ आपात समय पर लोग किराना, दूध, फल और सब्जियां और दवाएं /केमिस्टों के पास पैदल जा सकते हैं और डॉक्टरों के पास या नर्सिंग होम भी जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में कर्फ्यू लगाना जरूरी था। कैप्टन ने लोगों को अपने राज्य और मुल्क के हितों के मद्देनजर पूर्ण सहयोग देने की अपील की।

लाखों जीवन बचाने के लिए जरूरी था राष्ट्रीय लॉकडाउन : कैप्टन

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंगलवार शाम प्रधानमंत्री द्वारा 21 दिनों का देशव्यापी लॉक डाउन (तालाबंदी) का एलान किए जाने को कोविड -19 से लाखों जानें बचाने के लिए जरूरी कदम करार दिया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा लाखों गरीबों और दिहाड़ीदारों के लिए तत्काल कोई राहत पैकेज न घोषित करने पर दुख जाहिर करते हुए कहा कि यह लोग सरकार की मदद के बिना जीवन बसर नहीं कर सकते।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस के चक्कर को तोड़ना लाजिमी है, जिसके लिए ऐसे कदम उठाने जरूरी थे क्योंकि कई अन्य मुल्कों के विशेषज्ञ ऐसा पहले ही दिखा चुके हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि बिना किसी साधन के रहने वाले लोगों की रोजाना की जरूरतों की पूर्ति करना भी इतना ही महत्वपूर्ण है।

केंद्र सरकार की तरफ से मुल्क में सेहत मेडिकल और अनुसंधान सुविधाओं के लिए 15000 करोड़ रुपये रखने का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को तुरंत एक व्यापक पैकेज लाने की अपील की ताकि इन तीन हफ़्तों के दौरान भारत के नागरिकों को प्राथमिक जरूरी सेवाओं से वंचित न रहने पड़े।

इसके साथ ही, कैप्टन ने लोगों से अपील की कि वह खुद को घरों तक सीमित करके कोविड के विरुद्ध जंग लडने का प्रण लें क्योंकि इस तरह वह अपने आप को, अपने परिवारों को, सगे सबंधियों के साथ-साथ उन लाखों डाक्टरों, नर्सों, पैरा -मैडीकल स्टाफ, पुलिस, मीडिया और अन्य सेवाएं निभा रहे लोगों, जो इस समय  24 घंटे जोखिम का सामना कर रहे हैं, को सुरक्षित रख सकेंगे। कैप्टन ने कहा कि कठिन समय में कठिन फ़ैसले लेने की जरूरत होती है।

उन्होंने लोगों को इस संकट से निपटने के लिए केंद्र और प्रांतीय सरकारों के साथ सहयोग करने की अपील की, जिसके लिए उनकी सरकार पहले ही पंजाब में कर्फ्यू लगा चुकी है। उन्होंने कहा कि चाहे इस नाजुक दौर में लोगों को कुछ मुश्किलें झेलनी पड़ेंगी लेकिन आखिर में यह सब कुछ उनके भले की ख़ातिर किया गया है।

सेहत मंत्री ने केंद्र से मांगा 150 करोड़ का पैकेज

पंजाब की सेहत मंत्री बलवीर सिंह सिद्धू ने केंद्रीय सेहत मंत्री को पत्र लिखकर प्रदेश में कोरोना की स्थिति की जानकारी देते हुए 150 करोड़ रुपये के पैकेज की मांग की है। उन्होंने पत्र में लिखा कि कुछ महीनों के दौरान राज्य में करीब 90 हजार एनआरआई और प्रवासी आए हैं। इनमें से कई लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण पाए गए हैं।

इन लोगों के कारण राज्य में महामारी के और फैलने की आशंका जाहिर करते हुए केंद्रीय सेहत मंत्री को बताया है कि राज्य सरकार प्रदेश में आईसीयू और आइसोलेशन वार्ड बनाने की तैयारी कर रही है। इनके लिए विशेषज्ञ डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ की जरूरत होगी। साथ ही दवाओं और वेंटीलेटर आदि की भी जरूरत पड़ेगी जिसके लिए केंद्र सरकार तुरंत पैकेज जारी करें ताकि राज्य सरकार इस घातक वायरस से लड़ने में समर्थ हो सके।
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