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कर्फ्यू: कंधे पर सामान-मासूम बच्चे, जेब में सिर्फ 200 रुपये, चंडीगढ़ में घरों के लिए निकले मजदूर
Sat, 28 Mar 2020 05:01 PM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 28 Mar 2020 05:01 PM IST
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घरों के लिए निकले मजदूर
- फोटो : एएनआई
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कोरोना वायरस संक्रमण के चलते चंडीगढ़ में कर्फ्यू लगा है, जिसके कारण सबसे ज्यादा दिक्कत दिहाड़ीदार मजदूरों को परेशानी उठानी पड़ रही है। दिल्ली, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ आदि राज्यों से बड़ी संख्या में मजदूर पलायन कर रहे हैं। इसी तरह चंडीगढ़ से भी लोग पलायन करने लगे हैं। पिछले बुधवार से ही भारत में 21 दिनों का लॉकडाउन चल रहा है, जिस वजह से एक तिहाई आबादी घरों में रहने के लिए मजबूर है।
लेकिन सबसे ज्यादा दिक्कत दिहाड़ीदार मजदूरों को हो रही है, इसलिए वे पैदल ही अपना सामान और बच्चों को लेकर घरों और गांवों की ओर निकल पड़े हैं। शनिवार सुबह सड़क पर दिखे मजदूरों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि हम मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ के लिए जा रहे हैं। हमारी जेब में सिर्फ दो सौ रुपये हैं। अगर हम अपने घर नहीं जाएंगे तो हम यहां क्या खाएंगे? जो पैसे जेब में हैं, उन्हें भी रास्ते में बच्चों के खाने पर खर्च करुंगा।
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लेकिन सबसे ज्यादा दिक्कत दिहाड़ीदार मजदूरों को हो रही है, इसलिए वे पैदल ही अपना सामान और बच्चों को लेकर घरों और गांवों की ओर निकल पड़े हैं। शनिवार सुबह सड़क पर दिखे मजदूरों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि हम मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ के लिए जा रहे हैं। हमारी जेब में सिर्फ दो सौ रुपये हैं। अगर हम अपने घर नहीं जाएंगे तो हम यहां क्या खाएंगे? जो पैसे जेब में हैं, उन्हें भी रास्ते में बच्चों के खाने पर खर्च करुंगा।
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Chandigarh: Labourers heading towards their native places in Tikamgarh, Madhya Pradesh amid #CoronavirusLockdown. "What will we eat if we will not leave for our homes? I have Rs 200 left in my pocket which I'll use to buy snacks for my child en route home," says Heera, a worker. pic.twitter.com/3e9me2KLz2विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) March 28, 2020