कोरोना से जंग: हरियाणा के सभी 22 जिलों में बंद, बॉर्डर सील, दुष्यंत चौटाला देंगे एक माह का वेतन
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कोरोना को मात देने के लिए हरियाणा भी बंद रहेगा। अन्य राज्यों से लगती हरियाणा की सीमाएं सील कर दी गई हैं। सभी 22 जिलों को बंद करने की घोषणा सीएम मनोहर लाल ने सोमवार शाम अपनी पहली डिजिटल प्रेसवार्ता में कर दी। अभी तक आठ जिले बंद थे, मंगलवार सुबह से 14 अन्य जिलों में भी बंदिशें लागू हो जाएंगी।
आवश्यक सेवाएं ही बहाल रहेंगी। शराब के ठेके भी खुले रहेंगे। सार्वजनिक परिवहन सुविधा पर भी पाबंदी लगा दी गई है। अंतरराज्यीय बस सेवा पर पहले से रोक है। जिलों में डीसी को यह योजना बनाने के अधिकार दे दिए गए हैं कि किन-किन स्थानों के लिए बस व अन्य परिवहन साधन मुहैया कराने हैं।
सीएम मनोहर लाल ने जनता से बंद का पालन करने की अपील की है। शहरों में आरडब्ल्यूए को बंद सुनिश्चित कराना होगा। सेक्टरों में धारा-144 व बंद की अनुपालना न होने पर आरडब्ल्यूए से जवाब तलब किया जाएगा। सीएम ने कहा है कि सभी वाणिज्यिक प्रतिष्ठान, फैक्ट्री, निजी कार्यालय व कंपनी बंद रहेंगी। आईटी कंपनी, टेलीकॉम व इंटरनेट से जुड़ी सेवाओं वाली कंपनियां ही खुल रह सकती हैं।
विदेश से आने वालों को 14 दिन तक घर में एकांतवास में ही रहना होगा। प्रिंट, सोशल व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर रोक नहीं है। सीएम मनोहर लाल ने कहा कि धारा-144 लागू होने के कारण कहीं भी 4 से अधिक लोग न जुटें। शराब की दुकानों पर भी भीड़ न लगाएं। सरकार कर्फ्यू नहीं लगाना चाहती, इसलिए बंद में सहयोग करें। आदेशों के उल्लंघन पर ही कर्फ्यू लगाने पर विचार करेंगे।
सीएम मनोहर पंजाब सरकार से करेंगे बात
चंडीगढ़ में आवश्यक सेवाओं के कार्यालयों में कार्यरत अनेक लोग मोहाली, जीरकपुर, डेराबस्सी, नयागांव, खरड़ व अन्य इलाकों में रहते हैं। पंजाब के कर्फ्यू लगाने के बाद बॉर्डर सील होने से इनका कार्यालय पहुंचना व घर से निकलना मुश्किल हो गया है। इसके अलावा पंचकूला में रहने वाले कुछ लोग भी अन्य जिलों में चले गए थे, जो कर्फ्यू के कारण वापस नहीं आ पा रहे। सीएम मनोहर लाल ने कहा कि इस संबंध में पंजाब सरकार से बात करेंगे। पंचकूला व अन्य जिलों के डीसी को भी कर्फ्यू के कारण फंसे लोगों को निकालने का जिम्मा सौंपा जाएगा।
शराब एक तो सैनिटाइजर दूसरा कालाबाजारी का डर
सरकार ने शराब ठेकों को इसलिए बंद नहीं किया है, चूंकि एक तो यह सैनिटाइजर का भी काम करती है, दूसरा ठेके बंद होने से कालाबाजारी बढ़ने का भी डर है। इससे सरकार को अच्छा खासा राजस्व भी आता है। अगर ठेके बंद किए तो शराब माफिया सरकार को बड़ी चपत लगाएगा।
ये सेवाएं मिलेंगी
बिजली, पानी, सीवरेज, बैंक, एटीएम, डाक सेवा, खेती से जुड़े कार्य, भोजन, फल, सब्जी, आटा, मीट शॉप, होम डिलीवरी, मेडिकल स्टोर, पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी, आयल एजेंजी, मास्क व सैनिटाइजर बनाने व आपूर्ति करने वाले प्रतिष्ठान।