फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Corona vaccine trial on children started at PGI Chandigarh

बच्चों पर कोरोना वैक्सीन का ट्रायल शुरू: पीजीआई चंडीगढ़ में दी गई पहली खुराक, डॉक्टर ने कहा- कोई नुकसान नहीं

Fri, 12 Nov 2021 07:41 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 12 Nov 2021 07:41 PM IST
सार

बच्चों पर कोरोना वैक्सीन का ट्रायल जारी हो गया है। पीजीआई चंडीगढ़ में पहले बच्चे को पहली खुराक दी गई है। 30 घंटे बीतने के बाद कोई साइड इफेक्ट नहीं दिखे। पीजीआई ने लोगों से अपने बच्चों को ट्रायल में शामिल करने की अपील की। 

विज्ञापन
Corona vaccine trial on children started at PGI Chandigarh
पीजीआई चंडीगढ़

विस्तार

पीजीआई चंडीगढ़ में बच्चों पर कोरोना वैक्सीन का ट्रायल शुरू हो गया है। ट्रायल की प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर प्रोफेसर मधु गुप्ता ने बताया कि ट्रायल की शुरुआत गुरुवार को पीजीआई के एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर में की गई। एक बच्चे को वैक्सीन की खुराक दी गई है। बच्चा अपने घर पर है। 30 से ज्यादा घंटे गुजरने के बाद भी उसे किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हुई है। 

विज्ञापन


दो दिन के बाद उसे वैक्सीन की दूसरी खुराक दी जाएगी। मौजूदा समय में पीजीआई में 100 बच्चों का आवेदन हुआ है। जबकि ट्रायल के लिए कम से कम 200 बच्चों की जरूरत है, क्योंकि प्रक्रिया के दौरान कुछ बच्चे अयोग्य भी घोषित होंगे। ऐसे में अगर तय संख्या से कम बच्चों पर ट्रायल किया गया तो उसके परिणाम सही नहीं माने जाएंगे।
विज्ञापन


प्रोफेसर मधु का कहना है कि जब तक अभिभावक आगे आकर अपने बच्चों पर ट्रायल करने की अनुमति नहीं देंगे तब तक देश के बच्चे इस महामारी से सुरक्षित नहीं हो पाएंगे। उन्होंने बताया कि अब तक के आवेदन में 80 फीसदी बच्चे चंडीगढ़ के हैं। वहीं आसपास के जिलों से भी आवेदन पहुंचे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

एसिम्टोमैटिक बच्चे भी होंगे शामिल

प्रो. मधु ने बताया कि ट्रायल में उन बच्चों को भी शामिल किया जाएगा जो पूर्व में कोविड पॉजिटिव थे लेकिन उनमें संक्रमण का असर ज्यादा नहीं था, यानि एसिम्टोमैटिक श्रेणी में शामिल बच्चे भी ट्रायल में हिस्सा ले सकते हैं। प्रो. मधु का कहना है कि ट्रायल के दौरान ऐसे बच्चों में एंटीबॉडी जांची जाएगी क्योंकि ज्यादातर बच्चे दूसरी लहर के दौरान पॉजिटिव हो चुके हैं। अगर देश के शत-प्रतिशत बच्चों को टीका लगाना है तो पॉजिटिव बच्चों पर भी वैक्सीन का ट्रायल कर उसके परिणाम का आकलन करना बेहद जरूरी है।

जल्द करें एंट्री ताकि पूरा हो ट्रायल
प्रो. मधु गुप्ता ने बताया कि मानक के अनुसार संख्या मिलने पर ही ट्रायल की प्रक्रिया पूरी होगी। ऐसे में जितनी जल्दी आवेदन होगा उतना ही बेहतर रहेगा। क्योंकि मानक के अनुसार प्रक्रिया पूरी होने में कम से कम छह महीने का समय लगेगा। ऐसे में अगर और विलंब हुआ तो वैक्सीन लगने की अवधि और भी आगे बढ़ जाएगी।

डरे नहीं, ट्रायल में अपने बच्चों को शामिल करें
मानक के अनुरूप बच्चों के आवदेन न मिलने पर विशेषज्ञों की चिंता बढ़ गई है। जब तक तय संख्या में ट्रायल नहीं किया जाएगा तब तक उसके परिणाम सही नहीं माने जाएंगे। ऐसी स्थिति में ट्रायल कर रही टीम के विशेषज्ञों ने चंडीगढ़ और आसपास के अन्य प्रदेशों के लोगों से अपील की है कि वे डरे नहीं। अपने बच्चों को इस ट्रायल में शामिल होने दें, क्योंकि ट्रायल में बच्चों को दी जा रही वैक्सीन का कोई नुकसान अब तक सामने नहीं आया है। ट्रायल में अपने बच्चों को शामिल करने के लिए अभिभावक पीजीआई की वेबसाइट पर जाकर गूगल लिंक के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed