{"_id":"5f2e33ad6a6e321a4f5869c7","slug":"corona-patients-are-alive-and-healthy-rajindra-hospital-patiala","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सच आया सामने... पटियाला अस्पताल में जिन कोरोना संक्रमित मरीजों को मृत बताया गया, वे जिंदा हैं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सच आया सामने... पटियाला अस्पताल में जिन कोरोना संक्रमित मरीजों को मृत बताया गया, वे जिंदा हैं
Sat, 08 Aug 2020 10:40 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, पटियाला(पंजाब)
अमर उजाला, पटियाला(पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 08 Aug 2020 10:40 AM IST
सार
- पंजाब सरकार ने एक अखबार में छपी खबर को आधारहीन बताया
- अस्पताल का दावा- तस्वीरों में दिखाए सुखदेव सिंह को मिली छुट्टी
- किरनदीप कौर उपचाराधीन है, गलत नाम से महिला का मृत बताया
विज्ञापन
कोरोना संक्रमित मरीज
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पटियाला के सरकारी राजिंदरा अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में फर्श पर एक महिला की लाश के 12 घंटे तक पड़ा रहने और एक बुजुर्ग के घंटों तक तड़पते रहने के बाद दम तोड़ने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है कि दोनों मरीज जीवित और सेहतयाब हैं। इस खुलासे के बाद पंजाब सरकार ने पूरे मामले पर गंभीर नोटिस लिया है। दरअसल शुक्रवार को एक अखबार ने इस महिला और बुजुर्ग की तस्वीरें छापकर राजिंदरा अस्पताल की लापरवाही को दर्शाती खबर छापी थी, जिसमें इन्हें मृत बताया गया था, जबकि दोनों जिंदा हैं।
बुजुर्ग को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया
कोविड केयर सेंटर इंचार्ज और मेडिकल शिक्षा व खोज विभाग की एडिशनल सेक्रेटरी सुरभि मलिक और राजिंदरा अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डा. पारस कुमार पांडव ने बताया कि बुजुर्ग सुखदेव सिंह अस्पताल की सातवीं मंजिल पर कोविड के संदिग्ध मरीजों के लिए बनाए वार्ड में दाखिल था। उसको अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है। वह अपने घर पर ठीक-ठाक है। इसकी पुष्टि उसके बेटे लाभ सिंह ने भी की है। जबकि दूसरी मरीज किरनदीप कौर मिरगी के दौरों की बीमारी से पीड़ित है और मेडिसिन वार्ड में उपचाराधीन है।
विज्ञापन
बुजुर्ग को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया
कोविड केयर सेंटर इंचार्ज और मेडिकल शिक्षा व खोज विभाग की एडिशनल सेक्रेटरी सुरभि मलिक और राजिंदरा अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डा. पारस कुमार पांडव ने बताया कि बुजुर्ग सुखदेव सिंह अस्पताल की सातवीं मंजिल पर कोविड के संदिग्ध मरीजों के लिए बनाए वार्ड में दाखिल था। उसको अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है। वह अपने घर पर ठीक-ठाक है। इसकी पुष्टि उसके बेटे लाभ सिंह ने भी की है। जबकि दूसरी मरीज किरनदीप कौर मिरगी के दौरों की बीमारी से पीड़ित है और मेडिसिन वार्ड में उपचाराधीन है।
विज्ञापन
गलत नाम से महिला को मृत बताया
मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डा. पांडव का कहना है कि जिस मरीज को रणजीत कौर बताकर उसकी लाश को 12 घंटे फर्श पर पड़ी रहने का दावा किया गया है, उसका असली नाम किरनदीप कौर है।
उसके पति संदीप सिंह का कहना है कि उसने अपनी पत्नी को बुखार होने के कारण यहां दाखिल कराया था। जहां उसे कोरोना संदिग्ध मरीजों के वार्ड में रखने बाद टेस्ट निगेटिव आया तो यहां शिफ्ट कर दिया है। उसकी पत्नी अब ठीक हो रही है। हो सकता है कि दौरे के कारण वह बेड से गिर पड़ी हो और तब तक का यह फोटो हो।
प्रशासन मामले में बनती कार्रवाई करेगा: डीसी
डीसी कुमार अमित ने भी पूरे मामले की निंदा करते हुए कहा कि बार-बार अपील के बावजूद इस तरह की अफवाहें फैलाना अपराध है। जिला प्रशासन इस संबंध में बनती कार्रवाई करेगा, ताकि आगे से कोई ऐसा न करे।
उसके पति संदीप सिंह का कहना है कि उसने अपनी पत्नी को बुखार होने के कारण यहां दाखिल कराया था। जहां उसे कोरोना संदिग्ध मरीजों के वार्ड में रखने बाद टेस्ट निगेटिव आया तो यहां शिफ्ट कर दिया है। उसकी पत्नी अब ठीक हो रही है। हो सकता है कि दौरे के कारण वह बेड से गिर पड़ी हो और तब तक का यह फोटो हो।
प्रशासन मामले में बनती कार्रवाई करेगा: डीसी
डीसी कुमार अमित ने भी पूरे मामले की निंदा करते हुए कहा कि बार-बार अपील के बावजूद इस तरह की अफवाहें फैलाना अपराध है। जिला प्रशासन इस संबंध में बनती कार्रवाई करेगा, ताकि आगे से कोई ऐसा न करे।