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विडंबना: कोरोना से सबसे ज्यादा त्रस्त है पंजाब, फिर भी प्रदर्शन में न मास्क दिखा, न सुरक्षित शारीरिक दूरी
Tue, 15 Jun 2021 03:10 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 15 Jun 2021 03:10 PM IST
सार
पंजाब में कोरोना से मृत्यु दर काफी ज्यादा है। सात जून को मोहाली में प्रदर्शन के बाद अकाली और आप नेताओं पर मामला दर्ज किया गया था। कार्रवाई कैप्टन के आदेश पर हुई थी, इसके बावजूद मंगलवार को प्रदर्शन में कोरोना नियमों की खूब धज्जियां उड़ाई गईं।
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प्रदर्शनकारियों ने कोरोना नियमों का खूब उल्लंघन किया।
- फोटो : ANI
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विस्तार
निजी अस्पतालों को कोरोना वैक्सीन बेचने के मामले में मंगलवार को शिरोमणि अकाली दल ने सिसवां में सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान अकाली दल और बसपा के सैकड़ों कार्यकर्ता मौके पर मौजूद थे।
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हालांकि विडंबना ये रही कि जिस कोरोना से बचाने वाली वैक्सीन के लिए अकालियों ने प्रदर्शन किया, उसी कोरोना से बचाने वाले नियमों की प्रदर्शन के दौरान खूब धज्जियां उड़ाई गई। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षित शारीरिक दूरी का पालन नहीं किया गया। अकाली दल प्रधान सुखबीर बादल मास्क लगाए थे लेकिन बाकी प्रदर्शनकारी बिना मास्क के थे। यहां ये बताना जरूरी है कि पंजाब में कोरोना से मृत्यु दर काफी ज्यादा है।
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पंजाब में सोमवार को 629 नए कोरोना संक्रमित मिले और 33 मरीजों की मौत हो गई। अभी अस्पतालों में भर्ती 188 संक्रमितों की हालत गंभीर बनी हुई है। कोरोना के कारण सूबे में अब तक 15602 लोगों की जान जा चुकी है।
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इससे पहले सात जून को मोहाली में स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिद्धू का आवास घेरने के मामले में अकाली और आप के दिग्गज नेताओं समेत 300 समर्थकों पर मामला दर्ज किया गया था। सरकार इस कार्रवाई से संकेत देना चाहती है कि नियम सबके लिए बराबर हैं। हालांकि दूसरी पार्टियां कोविड काल में उद्घाटनों के नाम पर स्वास्थ्य मंत्री द्वारा की जाने वाली जनसभाओं पर सवाल उठा रही हैं। नेताओं का कहना है कि वहां पर शिकायत के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।
कोरोना के मद्देनजर मोहाली में मिनी लॉकडाउन लगा हुआ है। शादी व अंतिम संस्कार जैसे समारोह में 10 लोगों से अधिक के शामिल होने की अनुमति नहीं है, लेकिन अकालियों और आप ने प्रदर्शन किया। इन दोनों धरनों में कई जगह नेता मास्क पहनना तो भूले ही, साथ ही सामाजिक दूरी का भी उल्लंघन किया गया। ऐसा ही कुछ मंगलवार को सिसवां में हुए धरना प्रदर्शन में देखने को मिला।
मुख्यमंत्री ने दिए थे केस दर्ज करने के आदेश
स्वास्थ्य मंत्री के आवास के बाहर विपक्षी दलों के प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने डीजीपी पंजाब को तुरंत रैलियों में शामिल नेताओं पर केस दर्ज करने के आदेश दिए थे। इसके बाद जिला पुलिस भी हरकत में आ गई। दोनों रैलियों की मीडिया में छपी खबरें व वीडियो देखे गए। इस दौरान सारी स्थिति का अनुमान लगाया गया और दोनों दल के नेताओं पर मटौर थाने में केस दर्ज किया गया।