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चंडीगढ़ में फंसे प्रवासी मजदूर, छात्र और पर्यटक लौटेंगे घर, नोडल ऑफिसर नियुक्त... हेल्पलाइन जारी
Sat, 02 May 2020 10:29 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 02 May 2020 10:29 AM IST
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प्रवासी मजदूर
- फोटो : अमर उजाला
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लॉकडाउन की वजह से चंडीगढ़ में फंसे प्रवासी मजदूरों, छात्रों और पर्यटकों को घर भेजने के लिए प्रशासन ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। प्रशासन यह आंकड़े जुटाने में लगा है कि कितने मजदूर हैं, जो शहर के विभिन्न हिस्सों में फंसे हैं। ऐसे लोगों की सूची बनाने के लिए प्रशासन ने एक हेल्पलाइन नंबर 18001802067 जारी किया है, जिस पर वह संपर्क कर सकेंगे।
इस पूरी प्रक्रिया के लिए प्रशासन ने राजीव तिवारी को नोडल ऑफिसर नियुक्त किया है। उन्होंने बताया कि प्रशासन अभी शहर में फंसे सभी मजदूरों का आंकड़ा जुटाएगा। इसके बाद जिस राज्य के मजदूर ज्यादा होंगे, उस राज्य से संपर्क किया जाएगा और बातचीत के आधार पर यह तय होगा कि मजदूरों को उनके घर कैसे भेजा जाएगा। ऐसे मजदूर, छात्र व पर्यटक प्रशासन की तरफ से जारी वेबसाइट http://admser.chd.nic.in/migrant/ पर आवेदन कर सकेंगे।
जो मजदूर वेबसाइट पर आवेदन करने में सक्षम नहीं हैं वे हेल्पलाइन 18001802067 पर सुबह 8 से रात 8 बजे के बीच संपर्क कर सकते हैं। केंद्र सरकार ने फंसे प्रवासी मजदूरों, छात्रों और पर्यटकों को घर भेजने के लिए स्पेशल ट्रेन को चलाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। ऐसे में आंकड़े जुटाने के बाद ही यह तय होगा कि उन्हें बस से घर भेजा जाएगा या फिर ट्रेन से।
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गौरतलब है कि 24 मार्च को अचानक लॉकडाउन की घोषणा के बाद हजारों की संख्या में प्रवासी मजदूर, छात्र और पर्यटक शहर व अन्य राज्यों में फंस गए थे और उनकी घर वापसी एक बड़ी समस्या बनी हुई थी।
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इस पूरी प्रक्रिया के लिए प्रशासन ने राजीव तिवारी को नोडल ऑफिसर नियुक्त किया है। उन्होंने बताया कि प्रशासन अभी शहर में फंसे सभी मजदूरों का आंकड़ा जुटाएगा। इसके बाद जिस राज्य के मजदूर ज्यादा होंगे, उस राज्य से संपर्क किया जाएगा और बातचीत के आधार पर यह तय होगा कि मजदूरों को उनके घर कैसे भेजा जाएगा। ऐसे मजदूर, छात्र व पर्यटक प्रशासन की तरफ से जारी वेबसाइट http://admser.chd.nic.in/migrant/ पर आवेदन कर सकेंगे।
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जो मजदूर वेबसाइट पर आवेदन करने में सक्षम नहीं हैं वे हेल्पलाइन 18001802067 पर सुबह 8 से रात 8 बजे के बीच संपर्क कर सकते हैं। केंद्र सरकार ने फंसे प्रवासी मजदूरों, छात्रों और पर्यटकों को घर भेजने के लिए स्पेशल ट्रेन को चलाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। ऐसे में आंकड़े जुटाने के बाद ही यह तय होगा कि उन्हें बस से घर भेजा जाएगा या फिर ट्रेन से।
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गौरतलब है कि 24 मार्च को अचानक लॉकडाउन की घोषणा के बाद हजारों की संख्या में प्रवासी मजदूर, छात्र और पर्यटक शहर व अन्य राज्यों में फंस गए थे और उनकी घर वापसी एक बड़ी समस्या बनी हुई थी।
जो किसी अन्य राज्य में फंसे, वह भी कर सकेंगे संपर्क
शहर के निवासी जो किसी काम के लिए अन्य राज्य में गए थे, लेकिन अचानक हुए लॉकडाउन की वजह से वह वहां फंस गए हैं, ऐसे लोग भी चंडीगढ़ पहुंचने के लिए प्रशासन के हेल्पलाइन पर कॉल कर सकेंगे। ऐसे लोगों के लिए भी प्रशासन व्यवस्था तैयार कर रहा है। इसके अलावा वह लोग जो चंडीगढ़ किसी काम से अपनी गाड़ी से आए थे, लेकिन कर्फ्यू लगने की वजह से यहीं फंस गए, ऐसे लोगों को कैसे घर पहुंचाया जा सकता है, इस पर भी प्रशासन केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार जल्द ही फैसला लेगा।
अपने राज्य पहुंचने पर फिर से होगा स्वास्थ्य परीक्षण
प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि मजदूरों के अपने राज्य पहुंचने के बाद एक बार फिर से स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। इसके बावजूद उन्हें 14 दिन तक क्वारंटीन में रहना होगा। गृह मंत्रालय ने इन सभी के मोबाइल में आरोग्य सेतु एप को डाउनलोड करने को कहा है ताकि क्वारंटीन के दौरान उन पर नजर रखी जा सके। दौरान स्थानीय स्वास्थ्य कर्मी इन सभी के स्वास्थ्य की समय-समय पर जांच करते रहेंगे। सरकार की तरफ से जारी पहले दिशा-निर्देश में केवल बस का उल्लेख किया गया था, लेकिन शुक्रवार को जारी नए निर्देशों के तहत राज्य आपस में बातचीत कर स्पेशल ट्रेन के माध्यम से इन्हें घर पहुंचा सकते हैं। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा जाएगा, वहीं प्रत्येक व्यक्ति पर भी नजर होगी।
गृह मंत्रालय की तरफ से जारी निर्देशों के अनुसार प्रवासी मजदूरों के लिए स्पेशल ट्रेन चलाई जा सकती है। हालांकि, अभी चंडीगढ़ प्रशासन लोगों की जानकारी जुटा रहा है। इसके बाद ही भेजने की प्रक्रिया को तय किया जाएगा।
- मनोज परिदा, एडवाइजर
अपने राज्य पहुंचने पर फिर से होगा स्वास्थ्य परीक्षण
प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि मजदूरों के अपने राज्य पहुंचने के बाद एक बार फिर से स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। इसके बावजूद उन्हें 14 दिन तक क्वारंटीन में रहना होगा। गृह मंत्रालय ने इन सभी के मोबाइल में आरोग्य सेतु एप को डाउनलोड करने को कहा है ताकि क्वारंटीन के दौरान उन पर नजर रखी जा सके। दौरान स्थानीय स्वास्थ्य कर्मी इन सभी के स्वास्थ्य की समय-समय पर जांच करते रहेंगे। सरकार की तरफ से जारी पहले दिशा-निर्देश में केवल बस का उल्लेख किया गया था, लेकिन शुक्रवार को जारी नए निर्देशों के तहत राज्य आपस में बातचीत कर स्पेशल ट्रेन के माध्यम से इन्हें घर पहुंचा सकते हैं। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा जाएगा, वहीं प्रत्येक व्यक्ति पर भी नजर होगी।
गृह मंत्रालय की तरफ से जारी निर्देशों के अनुसार प्रवासी मजदूरों के लिए स्पेशल ट्रेन चलाई जा सकती है। हालांकि, अभी चंडीगढ़ प्रशासन लोगों की जानकारी जुटा रहा है। इसके बाद ही भेजने की प्रक्रिया को तय किया जाएगा।
- मनोज परिदा, एडवाइजर