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झींडा को मनाने के लिए अकाल तख्त ने बनाई कमेटी
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर
Updated Thu, 03 Jul 2014 12:27 AM IST
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हरियाणा के सिखों की ओर से प्रदेश के गुरुद्वारों के प्रबंध के लिए एसजीपीसी से अलग होकर कमेटी गठित करने का विवाद गहरा गया है।
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श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश के बावजूद बुधवार हरियाणा में अलग प्रबंधक कमेटी के गठन के लिए जद्दोजहद कर रहे जगदीश सिंह झींडा और उनके साथी श्री अकाल तख्त साहिब पर नहीं पहुंचे।
उधर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह के नेतृत्व में हुई सिंह साहिबान की बैठक में इस विवाद के हल के लिए दस सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी वीरवार को को कुरुक्षेत्र पहुंचकर जगदीश सिंह झींडा व उनके साथियों से बातचीत करके एसजीपीसी को तोड़ने की कोशिश को रोकने का तरीका खोजेगी।
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इस कमेटी में दमदमी टकसाल व संत समाज के अध्यक्ष हरनाम सिंह धुम्मा, निहंग संगठन बुड्ढा दल के मुखी बाबा बलबीर सिंह, संत तेजा सिंह, संत राम सिंह सीघडा करनाल, बाबा जोगा सिंह करनाल, एसजीपीसी के सचिव दिलमेघ सिंह, एसजीपीसी सदस्य राजिंदर सिंह, महासचिब सुखदेव सिंह, एसजीपीसी सदस्य करनैल सिंह पंजौली व दियाल सिंह कोलियांवाली शामिल हैं।
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श्री अकाल तख्त साहिब पर बुलाए गए जदगीश सिंह झींडा और हरियाण सिख गुरुद्वारा प्रंबधक कमेटी (एडहाक) के सदस्य दीदार सिंह नलवी, गुरमीत सिंह तारलोके, अपार सिंह, हरमनजीत सिंह बुधवार को यहां नहीं पहुंचे।
हरियाणा के इन नेताओं ने श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय को संदेश भेजकर दोपहर बाद स्पष्ट कर दिया कि वे इस वक्त अचानक श्री अकाल तख्त साहिब पर पहुंचने से अस्मर्थ हैं।
जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने हरियाणा के सिखों से भी अपील की है कि वे अलग हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के गठन में झींडा और उनके साथियों को सहयोग न दें क्यों कि झींडा और उनके साथी पूरी तरह कांग्रेस पार्टी के हाथों में खेलकर सिख कौम को बांटना चाहते हैं।
सिख कौम ने कई कुर्बानियां देकर एसजीपीसी स्थापित किया है। एसजीपीसी की बढ़ रही ताकत कांग्रेस को मंजूर नहीं है। इसलिए अलग से हरियाणा कमेटी का गठन किया जा रहा है। सिखों को कांग्रेस की इन साजिशों से सचेत रहना होगा।