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अनुबंध कमेटी का सदस्य बनने के लिए भाजपा में घमासान

Fri, 22 Jan 2016 08:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 22 Jan 2016 08:34 PM IST
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controversy in chandigarh bjp fir membership of commette

वित्त एवं अनुबंध कमेटी का सदस्य बनने के लिए भाजपा पार्षदों में घमासान मचा हुआ है। पार्टी सतप्रकाश अग्रवाल और आशा जसवाल का नाम नामांकन भरने के लिए तय कर चुकी है। भाजपा पार्षद सतप्रकाश अग्रवाल ने नामांकन दाखिल कर दिया, लेकिन पार्टी ने आशा जसवाल को फिलहाल नामांकन भरने से रोक दिया है।

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क्योंकि भाजपा पार्षद हीरा नेगी ने ही मेयर अरुण सूद के समक्ष सदस्य बनने की इच्छा जताई है। इसके अलावा भाजपा पार्षद सतिंदर सिंह को भी दावेदार बताया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि अकाली पार्षद हरजिंदर कौर भी सदस्य के लिए नामांकन न भरवाए जाने से नाराज हैं।
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मालूम हो कि वित्त एवं अनुबंध नगर निगम की सबसे अहम कमेटी है। शनिवार को नामांकन भरने की अंतिम तारीख है। सतप्रकाश अग्रवाल के अलावा मनोनीत पार्षद शगुफ्ता प्रवीण और अरुणा गोयल ने भी नामांकन भर दिया है। जबकि कांग्रेस से सुभाष चावला पहले ही 18 जनवरी को नामांकन दाखिल कर चुके हैं।
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विदित हो कि पहले अनुबंध कमेटी का चुनाव करवाने के लिए 22 जनवरी तारीख तय थी, लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी के आगमन के कारण इसे 29 जनवरी तक के लिए टाल दिया गया। वित्त एवं अनुबंध कमेटी के लिए कुल पांच सदस्य निर्वाचित होते हैं।

नौ होने के बावजूद मनोनीत के दो सदस्यों ने नामांकन भरा
मनोनीत पार्षदों की संख्या नौ है, इसके बावजूद भाजपा की ओर से दो का नामांकन भरने की पेशकश की गई है। एक सदस्य बनने के लिए कम से कम सात वोट चाहिए। कांग्रेस के पास इस समय कुल आठ और भाजपा-अकाली के पास 16 मत हैं। ऐसे में अगर चुनाव होता है तो भाजपा अपने अधिकतर पार्षदों की वोट मनोनीत को डलवाएगी। मालूम हो कि 15 साल बाद नगर निगम पर भाजपा का कब्जा भी मनोनीत पार्षदों के दम पर ही हुआ है।


जसवाल को पिछले साल भी कर दिया था मना

भाजपा पार्षद आशा जसवाल पार्टी की वरिष्ठ नेता हैं। पिछले साल भी पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार बनाया था, लेकिन ऐन मौके पर कांग्रेस से सतीश कैंथ भाजपा में शामिल हो गए थे। इसके बाद पार्टी ने आशा जसवाल की जगह कैंथ को सदस्य बनने के लिए नामांकन दाखिल करवाया था। आशा जसवाल का कहना है कि उन्होंने पार्टी को स्पष्ट कर दिया है कि अगर कोई नाराज होता है तो उसे सदस्य बना दिया जाए।

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