स्वामी निश्चलानंद के खिलाफ दर्ज होगा केस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती के रांची में दिए बेतुके बयान पर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने कड़ा संज्ञान लिया है। आयोग के वाइस चेयरमैन डॉ. राजकुमार वेरका ने इस मामले में झारखंड के डीजीपी को फोन कर स्वामी निश्चलानंद सरस्वती के खिलाफ केस दर्ज करने और गिरफ्तार करने का आदेश दिया है।
गौर हो कि शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने रांची में कहा था कि ‘मंदिरों में दलितों के आने पर प्रतिबंध लगाना चाहिए’। इस बयान की सभी जगह आलोचना हो रही है।
संविधान के खिलाफ बोलने वालों को सजा
जालंधर में पूर्व सांसद मोहिंदर सिंह केपी के दिवंगत पिता दर्शन सिंह केपी की बरसी में शरीक होने आए डॉ. राजकुमार वेरका ने कहा कि भारतीय संविधान सब नागरिकों को बराबरी का हक देता है और संविधान के खिलाफ बोलने वालों को सजा भी मिलती है।
वेरका ने कहा कि उन्होंने डीजीपी झारखंड से बात कर 15 दिन के भीतर केस की इंक्वायरी व एक्शन टेकन रिपोर्ट मंगवाई है। इसी तरह की घटना बिहार व यूपी में भी हो रही है जिसका कड़ा संज्ञान लिया जा रहा है। डॉ. वेरका ने कहा कि राष्ट्रीय आयोग की एक टीम तत्काल झारखंड रवाना कर दी गई है। दो दिन बाद वह खुद भी झारखंड पहुंच रहे हैं।
डॉ. सुप्रिया मामले में सात दिन में रिपोर्ट
डॉ. वेरका ने कहा कि पंजाब में भी दलितों पर अत्याचार के काफी संगीन मामले उनके पास लगातार आ रहे हैं। दलितों की जमीनों को बाहुबल व पैसे के बल पर छीना व कब्जाया जा रहा है। लुधियाना में दो सगे दलित भाइयों का कत्ल कर दिया गया। डॉ. सुप्रिया को खुदकुशी के लिए मजबूर किया गया। आयोग ने इन मामलों को काफी गंभीरता से लिया है।
डॉ. सुप्रिया की घटना में एसआईटी का गठन कर दिया गया है, एक सप्ताह में रिपोर्ट आयोग के पास आ जाएगी। उन्होंने कहा कि पंजाब में दलितों पर अत्याचार बढ़ते ही जा रहे हैं। गरीब दलितों की जमीन हथियाने की काफी घटनाएं सीएम प्रकाश सिंह बादल के इलाके मलोट, संगरूर व मालवा की तरफ हो रही हैं। पंजाब में 100 से अधिक जमीनों के केस उनके पास सुनवाई के लिए लंबित हैं।