अच्छी खबर: 10 साल सेवा पूरी कर चुके संविदा कर्मी होंगे पक्के, पुख्ता नीति से मान सरकार देगी बड़ी सौगात
मुख्य सचिव विजय कुमार जंजुआ ने पुष्टि की है कि मसौदा नीति अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि हम एक ऐसी नीति तैयार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं जो कानूनी जांच का सामना करेगी। 36,000 संविदा कर्मचारियों की सेवाओं को जल्द ही नियमित किया जाएगा। सचिव स्तर के अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है।
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पंजाब के कच्चे मुलाजिमों को सरकार जल्द अच्छी खबर देने वाली है। 36000 कच्चे और एडहॉक कर्मचारियों में 10 साल नौकरी कर चुके कर्मियों को पक्का किए जाने का मसौदा तैयार कर लिया गया है। कानूनी पचड़ों से बचने और राज्यपाल की अनुमति मिलने में आसानी को देखते हुए सरकार नीतिगत रास्ता अपनाएगी।
कर्मचारियों के नियमित करने से संबंधित दो विधेयकों को 2016 और 2021 में तैयार और पारित किया गया था। हालांकि, इन दोनों विधेयकों में से एक 2016 में पारित हुआ और दूसरा 2016 के विधेयक को बदलने के लिए 2021 में पारित हुआ लेकिन राज्यपाल द्वारा अनुमोदित नहीं किया गया था। 11 नवंबर 2021 को पास हुए पंजाब प्रोटेक्शन एंड रेगुलराइजेशन ऑफ कांट्रैक्चुअल इंप्लाई बिल 2021 को राज्यपाल ने वापस राज्य सरकार को नहीं भेजा है।
विधेयक पारित होने और राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित के पास अनुमोदन के लिए भेजे जाने के बाद, उन्होंने अपनी सहमति देने से पहले सवाल उठाए थे। उमा देवी बनाम कर्नाटक राज्य मामले के मद्देनजर उन्होंने राज्य सरकार से यह बताने के लिए कहा था कि विधेयक कानूनी जांच का सामना कैसे करेगा।
उन्होंने यह भी सवाल किया था कि कितने संविदा कर्मचारी, जिन्होंने अभी तक 10 साल की सेवा पूरी नहीं की है, इस कार्यकाल के पूरा होने के बाद नियमित किए जाएंगे। ऐसे हालात न बने इसलिए सरकार ने नीतिगत रास्ता अपनाने का फैसला किया है। इससे सरकार को नया कानून बनाने और राज्यपाल से मंजूरी लेने के कठिन रास्ते को दरकिनार करने में मदद मिलेगी।
मुख्य सचिव विजय कुमार जंजुआ ने पुष्टि की है कि मसौदा नीति अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि हम एक ऐसी नीति तैयार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं जो कानूनी जांच का सामना करेगी। 36,000 संविदा कर्मचारियों की सेवाओं को जल्द ही नियमित किया जाएगा। सचिव स्तर के अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने नीति मार्ग अपनाने और उन कर्मचारियों को नियमित करने का निर्णय लिया है जिन्होंने सेवा का एक निश्चित कार्यकाल पूरा कर लिया है। कैबिनेट उपसमिति द्वारा अभी तक शब्द तय नहीं किया गया है। नीति को अंतिम रूप देने के लिए गुरुवार को कैबिनेट उपसमिति की बैठक हुई। बैठक में नीति के मसौदे पर अपनी राय देने के लिए कानूनी विशेषज्ञ भी मौजूद थे।