कच्चे कर्मचारियों को सरकार ने दिए तोहफे
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हरियाणा सरकार के विभागों, बोर्डों, निगमों में तीन साल तक की सेवा वाले कच्चे कर्मचारी पक्के होंगे। यह फैसला बुधवार को कर्मचारी तालमेल समिति के सदस्यों की मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ चली दो दौर की बातचीत के बाद हुआ है। मुख्यमंत्री ने समझौते के बाद कहा कि कर्मचारियों की अधिकतर मांगें मान ली हैं और उन्होंने विकास में सहयोग करने की बात कही है।
पंजाब की रेगुलराइजेशन पॉलिसी अपनाई जाएगी
मुख्य सचिव एससी चौधरी ने कहा कि पिछली चार रेगुलराइजेशन पॉलिसी में जो भी कर्मचारी नियमित होने से रह गए थे, वे भी नियमित होंगे। कर्मचारियों के वेतन विसंगति से संबंधित मामला भी सुलझा लिया गया है। तालमेल समिति सदस्यों सुभाष लांबा और राज सिंह दहिया ने पत्रकारों को बताया कि मुख्यमंत्री ने उनकी मुख्य मांग मान ली है। इसके अनुसार पंजाब की रेगुलराइजेशन पॉलिसी अपनाई जाएगी।
प्रदेश के तीन लाख रेगुलर कर्मचारियों को भी तोहफा
इसके तहत 28 फरवरी, 2014 तक तीन साल की सेवा पूरी करने वाले कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाएगा। बशर्ते वे स्वीकृत पदों पर लगे हों और उनकी योग्यता पूरी हो। प्रदेश के तीन लाख रेगुलर कर्मचारियों को वेतन और ग्रेड पे केंद्र के बराबर देने की मांग मुख्यमंत्री ने मान ली है। उन्होंने कहा कि कितने कच्चे कर्मचारी पक्के होंगे, उनकी फिलहाल गणना नहीं है।
कर्मचारियों की ये मांगे भी हरियाणा सरकार ने मानीं
-सफाई कर्मचारियों को 8,118 रुपये वेतन के अलावा पीएफ, ईएसआई का लाभ मिलेगा। यह पैसा सरकार जमा कराएगी। हर महीने 1200 रुपये का फायदा होगा। हर साल न्यूनतम वेतन में पांच फीसदी की बढ़ोतरी होगी।
-जो कुशल कर्मचारी कच्चे हैं और रेगुलर नहीं हो सकते, तो उन्हें पक्के कर्मचारियों के समान वेतन दिया जाएगा। इसके लिए मुख्य सचिव की कमेटी 15 दिन के भीतर रिपोर्ट देगी। हड़ताल के दौरान कर्मचारियों पर बने मामले वापस होंगे। हड़ताल की अवधि छुट्टी मानी जाएगी।
-गेस्ट टीचर पक्के नहीं होंगे। उनके मामले में अलग से मुख्यमंत्री से बातचीत की जाएगी। आईटीआई वाले कच्चे, तदर्थ आधार पर लगे कर्मचारी पक्के होंगे। 1993, 1996, 2003, 2011 की रेगुलराइजेशन पॉलिसी के तहत जो भी रेगुलर हो सकेंगे, उन्हें रेगुलर किया जाएगा।
-पंजाब की तीन साल की पॉलिसी लागू होगी। यानी तीन साल पुराने कच्चे कर्मचारी पक्के होंगे। एसीपी 10, 20, 30 साल के बजाय 8,16, 24 साल पर मिलेगी। इससे छह साल का फायदा होगा। कर्मचारियों को वेतन और भत्ते केंद्र के फैसले के अनुसार दिए जाएंगे। प्रसूति अवकाश का लाभ उन महिलाओं को भी मिलेगा, जिन्हें नहीं मिलता है।