{"_id":"5713d6384f1c1b5e3210fc22","slug":"consumer-form-consumer-form-chandigarh-plot-possession-of-plot","type":"story","status":"publish","title_hn":" उपभोक्ता फोरम का निर्देश, यूके होम्स अदा करे तीन लाख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उपभोक्ता फोरम का निर्देश, यूके होम्स अदा करे तीन लाख
ब्यूरो, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 18 Apr 2016 03:51 PM IST
विज्ञापन
उपभोक्ता आयोग
- फोटो : DEMO Pics
बुकिंग अमाउंट लेकर प्लॉट का पजेशन न देना यूके होम्स को महंगा पड़ गया। उपभोक्ता फोरम ने यूके होम्स को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को तीन लाख रुपये 12 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज के साथ लौटाए। सेवा में कोताही के लिए 50 हजार रुपये मुआवजा और 10 हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करे।
यह निर्देश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-1 की प्रजाइडिंग मेंबर सुरजीत कौर ने सुनवाई के बाद दिया है। शिकायतकर्ता अशीष बंसल निवासी जीरकपुर जिला मोहाली ने मेसर्स यूके होम्स के डायरेक्टर उदय राज सिंह बराड़, सीएमडी अमरजीत सिंह, इसके मैनेजर और डायरेक्टर प्रहलाद गुलाटी के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी।
शिकायतकर्ता आशीष बंसल ने उपभोक्ता फोरम को बताया कि मेसर्स यूके होम्स प्राइवेट लिमिटेड के जीरकपुर स्थित जीरकपुर-पटियाला हाईवे स्थित प्रोजेक्ट कैपिटल ग्रीन्स में दो सौ वर्ग यार्ड का रेजिडेंशियल प्लॉट बुक किया था।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि इसके लिए उन्होंने 10 दिसंबर 2012 को तीन लाख रुपये चेक के माध्यम से दिए थे। लेकिन यूके होम्स ने प्लॉट का फिजिकल पजेशन नहीं दिया। प्लॉट का पजेशन न मिलने पर उन्होंने दूसरे पक्ष से अपनी राशि ब्याज के साथ वापस करने की मांग की, जो नहीं दी गई।
विज्ञापन
यह निर्देश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-1 की प्रजाइडिंग मेंबर सुरजीत कौर ने सुनवाई के बाद दिया है। शिकायतकर्ता अशीष बंसल निवासी जीरकपुर जिला मोहाली ने मेसर्स यूके होम्स के डायरेक्टर उदय राज सिंह बराड़, सीएमडी अमरजीत सिंह, इसके मैनेजर और डायरेक्टर प्रहलाद गुलाटी के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी।
विज्ञापन
शिकायतकर्ता आशीष बंसल ने उपभोक्ता फोरम को बताया कि मेसर्स यूके होम्स प्राइवेट लिमिटेड के जीरकपुर स्थित जीरकपुर-पटियाला हाईवे स्थित प्रोजेक्ट कैपिटल ग्रीन्स में दो सौ वर्ग यार्ड का रेजिडेंशियल प्लॉट बुक किया था।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि इसके लिए उन्होंने 10 दिसंबर 2012 को तीन लाख रुपये चेक के माध्यम से दिए थे। लेकिन यूके होम्स ने प्लॉट का फिजिकल पजेशन नहीं दिया। प्लॉट का पजेशन न मिलने पर उन्होंने दूसरे पक्ष से अपनी राशि ब्याज के साथ वापस करने की मांग की, जो नहीं दी गई।