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कंज्यूमर कोर्ट की टिप्पणी- बिजली के इस्तेमाल का पैटर्न अलग, नहीं निकाल सकते सालाना औसत
Thu, 11 Apr 2019 11:59 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 11 Apr 2019 11:59 AM IST
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कंज्यूमर कोर्ट
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अगर किसी कारणवश बिजली के मीटर में समस्या आ जाती है, तो उस पीरियड का बिल बनाने में साल भर का औसत कैसे निकाला जा सकता है। बिजली इस्तेमाल का पैटर्न पूरा साल या अगले साल के लिए भी एक जैसा नहीं हो सकता। यह यूजर के निजी कारणों और इस्तेमाल पर निर्भर करता है। यह टिप्पणी जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-2 ने एक आदेश में की है। शिकायतकर्ता ने बिजली विभाग के ऊपर ज्यादा बिल वसूलने का केस दायर किया था। इलेक्ट्रिसिटी सब डिवीजन चंडीगढ़ ने एवरेज कंजम्पशन के हिसाब से 44,111 रुपये का बिजली का बिल भेज दिया, जिसके चलते शिकायतकर्ता को परेशानी का सामना करना पड़ा।
फोरम ने डिवीजन को सेवा में कोताही का दोषी करार दिया और निर्देश दिए कि वह शिकायतकर्ता की ओर से जमा करवाई गई बिल राशि को उसके भविष्य के बिल में एडजस्ट करे। पंचकूला सेक्टर-5 निवासी सावित्री ने फोरम में सब डिवीजनल ऑफिसर (इलेक्ट्रिसिटी) के खिलाफ शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह सेक्टर-50डी स्थित फ्लैट नंबर 3348 की मालकिन है और ये फ्लैट समय-समय पर अलग-अलग लोगों के पास लीज पर रहा। 28 सितंबर 2018 से लेकर 25 नवंबर 2018 के लिए उन्हें इस फ्लैट का 44 हजार 111 का बिल मिला। इसमें 10 माह 3 दिन के लिए मीटर स्लो चलने का कारण बताकर 41 हजार 866 रुपये चार्जेज लगाकर भेजे गए।
शिकायतकर्ता ने कहा कि अगस्त 2018 में उक्त फ्लैट का इलेक्ट्रिसिटी मीटर जल गया। विभाग से टेस्ट कराने के बाद 28 सितंबर 2018 को नया मीटर लगाया गया। विभाग ने शिकायतकर्ता को बताया कि एवरेज बिल नवंबर 2016 से लेकर सितंबर 2017 तक एवरेज कंजम्पशन यूनिट प्रतिमाह 916 रुपये के हिसाब से ही लगाया, जिसमें उन्होंने 25 नवंबर 2017 से 28 सितंबर 2018 (10 माह 3 दिन के लिए) तक के चार्जेज कैलकुलेट किए। शिकायतकर्ता ने कहा कि यह फ्लैट साल 2016 में लीज पर नवीन गोयल के पास रहा, जो दो एसी, तीन पंखे और फ्रिज यूज कर रहे थे। इसके बाद यह सलिंदर सिंह के पास लीज पर रहा, जो 3 एसी, चार पंखे, फ्रिज और वॉशिंग मशीन इस्तेमाल कर रहे थे।
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शिकायतकर्ता ने कहा कि मीटर स्लो बताकर विभाग ने इतने महीने की जो एवरेज कंजम्पशन लगाई है, वह गलत है। विभाग को पिछले दो माह की एवरेज कंजम्पशन लेनी चाहिए थी। उन्होंने विभाग से सही बिल भेजने की मांग की, लेकिन विभाग ने इसकी तरफ ध्यान नहीं दिया, जिसके चलते उन्होंने इस संबंध में फोरम में शिकायत दी।
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फोरम ने डिवीजन को सेवा में कोताही का दोषी करार दिया और निर्देश दिए कि वह शिकायतकर्ता की ओर से जमा करवाई गई बिल राशि को उसके भविष्य के बिल में एडजस्ट करे। पंचकूला सेक्टर-5 निवासी सावित्री ने फोरम में सब डिवीजनल ऑफिसर (इलेक्ट्रिसिटी) के खिलाफ शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह सेक्टर-50डी स्थित फ्लैट नंबर 3348 की मालकिन है और ये फ्लैट समय-समय पर अलग-अलग लोगों के पास लीज पर रहा। 28 सितंबर 2018 से लेकर 25 नवंबर 2018 के लिए उन्हें इस फ्लैट का 44 हजार 111 का बिल मिला। इसमें 10 माह 3 दिन के लिए मीटर स्लो चलने का कारण बताकर 41 हजार 866 रुपये चार्जेज लगाकर भेजे गए।
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शिकायतकर्ता ने कहा कि अगस्त 2018 में उक्त फ्लैट का इलेक्ट्रिसिटी मीटर जल गया। विभाग से टेस्ट कराने के बाद 28 सितंबर 2018 को नया मीटर लगाया गया। विभाग ने शिकायतकर्ता को बताया कि एवरेज बिल नवंबर 2016 से लेकर सितंबर 2017 तक एवरेज कंजम्पशन यूनिट प्रतिमाह 916 रुपये के हिसाब से ही लगाया, जिसमें उन्होंने 25 नवंबर 2017 से 28 सितंबर 2018 (10 माह 3 दिन के लिए) तक के चार्जेज कैलकुलेट किए। शिकायतकर्ता ने कहा कि यह फ्लैट साल 2016 में लीज पर नवीन गोयल के पास रहा, जो दो एसी, तीन पंखे और फ्रिज यूज कर रहे थे। इसके बाद यह सलिंदर सिंह के पास लीज पर रहा, जो 3 एसी, चार पंखे, फ्रिज और वॉशिंग मशीन इस्तेमाल कर रहे थे।
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शिकायतकर्ता ने कहा कि मीटर स्लो बताकर विभाग ने इतने महीने की जो एवरेज कंजम्पशन लगाई है, वह गलत है। विभाग को पिछले दो माह की एवरेज कंजम्पशन लेनी चाहिए थी। उन्होंने विभाग से सही बिल भेजने की मांग की, लेकिन विभाग ने इसकी तरफ ध्यान नहीं दिया, जिसके चलते उन्होंने इस संबंध में फोरम में शिकायत दी।