फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Consumer Commission justice : Compensation to Complainant from developer

समय पर फ्लैट नहीं दिया, डेवलपर देगा जुर्माना

Sun, 08 Jun 2014 06:02 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 08 Jun 2014 06:02 PM IST
विज्ञापन
Consumer Commission justice : Compensation to Complainant from developer

पैसे लेकर भी तय समय पर फ्लैट का कब्जा न देने वाली डेवलपर कंपनी को एक-एक हजार रुपये प्रतिदिन की दर से दो शिकायतकर्ताओं को मुआवजा देना होगा।

विज्ञापन


उपभोक्ता आयोग ने माना कि समय पर फ्लैट न देकर कंपनी ने शिकायतकर्ताओं को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। इसलिए डेवलपर को एक अप्रैल 2011 से 31 मई 2014 तक का मुआवजा देना होगा। साथ ही जब तक फ्लैट का कब्जा नहीं दिया जाता, तब तक एक हजार रुपये प्रतिदिन और 20-20 हजार रुपये मुकदमा खर्च देना होगा।
विज्ञापन


यह फैसला राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष रिटा. जस्टिस शाम सुंदर और सदस्य देवराज ने सुनाया।

आयोग ने मामले को एकतरफा करार दिया

Consumer Commission justice : Compensation to Complainant from developer

गुड़गांव के सेक्टर-56 के अलकनंदा हाउसिंग सोसाइटी निवासी राजीव कपूर और सेक्टर-54 न्यू शिमला हिमाचल प्रदेश (वर्तमान पता-थाना रोड मंडी) निवासी करुणा वैद्य ने मोहाली स्थित चंडीगढ़ ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड और इसके डायरेक्टर हरदयाल सिंह मान के खिलाफ उपभोक्ता आयोग में शिकायत दी थी।

डेवलपर की ओर से पक्ष नहीं रखने पर आयोग ने मामले को एकतरफा करार दिया। आदेश की प्रति मिलने के 45 दिनों के अंदर आदेश का पालन नहीं करने पर डेवलपर को सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर से भी भुगतान करना होगा।

उपभोक्ता कोर्ट की ली थी शरण

Consumer Commission justice : Compensation to Complainant from developer

राजीव कपूर ने अपने नाम से मोहाली के ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड में रेजिडेंशियल फ्लैट के लिए 12 दिसंबर 2009 को आवेदन किया। फ्लैट की कीमत 27 लाख थी। उन्होंने 31 दिसंबर 2009 तक तय कीमत का भुगतान कर दिया।

उन्हें फ्लैट नंबर 601 टावर एक में अलाट किया गया था। बायर डेवलपर एग्रीमेंट 14 दिसंबर 2009 को हुआ, जिसमें 31 मार्च 2011 तक पूरा होने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन डेवलपर समय पर फ्लैट का कब्जा देने में नाकाम रहा। वहीं, दूसरे मामले में करुणा वैद्य ने अपने नाम से रेजिडेंशियल फ्लैट के लिए भी 31 दिसंबर 2009 तक पूरा भुगतान कर दिया था।

उन्हें फ्लैट नंबर 701 टावर एक में अलॉट किया गया। साथ ही प्रोविजनल अलाटमेंट लेटर दिया गया। लेकिन, डेवलपर उन्हें भी समय पर फ्लैट का कब्जा देने में नाकाम रहा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed