फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   consumer alert, bank consumers, bank account, bank charges, account holders, chandigarh

कंज्यूमर अलर्ट: बिना बताए आपके खाते से पैसे नहीं काट सकते बैंक

Wed, 24 Aug 2016 01:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 24 Aug 2016 01:39 PM IST
विज्ञापन
consumer alert, bank consumers, bank account, bank charges, account holders, chandigarh
रकम किसी चार्ज के नाम पर काटी गई है। - फोटो : अमर उजाला
आपके साथ कभी न कभी ऐसा जरूर हुआ होगा कि आपके खाते से बैंक ने कुछ रकम काट ली और आपने बैंक से पता किया तो बताया गया कि यह रकम किसी चार्ज के नाम पर काटी गई है।
विज्ञापन


अगर अगली बार ऐसा हो तो उसके लिए आगाह हो जाएं। बैंक ऐसा किसी भी तरह का चार्ज नहीं काट सकती जिसके बारे में पहले से बताया न गया हो। बैंकिंग कोड्स एंड स्टैंडर्ड बोर्ड ऑफ  इंडिया (बीसीएसबीआई) के चेयरमैन एसी महाजन ने इसकी जानकारी दी। 
विज्ञापन


महाजन के अनुसार देश में मौजूद कोई भी बैंक ऐसा कोई भी चार्ज नहीं वसूल सकते जिसके बारे में कस्टमर को पहले से नोटिफाई न किया गया हो। इसके बावजूद अगर कोई भी बैंक चाहे वह प्राइवेट हो या पब्लिक किसी तरह का चार्ज वसूलता है तो यह गलत है। इसके खिलाफ कस्टमर बैंक ओबर्टहुसैन (बीओ) के पास शिकायत दर्ज करा सकता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके अलावा महाजन ने बताया कि देश के अधिकांश बैंकों में खाता खोलने के वक्त जो फार्म भरवाया जाता है उसमें टर्म और कंडीशन के पेज के फॉन्ट का साइज 10 से कम होता है। जबकि आरबीआई के नियमों के अनुसार यह इससे अधिक होना चाहिए। फॉन्ट छोटा होने के कारण अक्सर लोग इसे पढ़ते नहीं हैं और साइन करके बैंक को दे देते हैं। देश के 90 प्रतिशत से अधिक बैंक कस्टमर्स को टर्म और कंडीशन के बारे में बताते भी नहीं हैं। इस बारे में लोगों को जागरूक होना चाहिए। 

बैंक रेटिंग में तीन विदेशी बैंक

consumer alert, bank consumers, bank account, bank charges, account holders, chandigarh
axis bank and max newyork life insurance logo - फोटो : file photo
बीसीएसबीआई के चेयरमैन के अनुसार वर्ष 2014-15 में देश में मौजूद सभी बैंकों की रेटिंग के लिए सर्वे कराया गया था। सर्वे में 47 बैंक शामिल थे। इसमें 85 फीसदी से ऊपर हाई रेटिंग में 14 बैंक थे। इनमें तीन विदेशी और 10 निजी बैंक थे, जबकि पब्लिक सेक्टर का केवल एक ही बैंक था। इसके अलावा औसत से ऊपर में 23 बैंक थे। वहीं औसत रेटिंग में सभी 10 बैंक सरकारी थे। 

पिछले साल आईं 87 हजार शिकायतें 
महाजन के अनुसार बैंक से जुड़ी शिकायतें साल दर साल बढ़ रही हैं। इसका कारण लोगों की जागरूकता भी है। वर्ष 2014 में बैंक से जुड़ी 81 हजार शिकायतें सामने आई थी, जबकि 2015 में इनकी संख्या बढ़कर 87 हजार हो गईं। इन शिकायतों में सबसे अधिक क्रेडिट कार्ड संबंधी थी। इसके अलावा साइबर क्राइम के जरिए खातों से पैसे चोरी होने से जुड़ी शिकायतें थी। वहीं कई बैंकों के ओवर चार्ज या बिना बताए अकाउंट से पैसे काटने संबंधी शिकायतें भी थीं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed