फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Conscious women from cervical cancer

सर्वाइकल क्यों और कैसे? जानना चाहते हैं तो ये पढ़ें

Tue, 28 Jan 2014 10:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो-पंचकूला
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो-पंचकूला Updated Tue, 28 Jan 2014 10:21 AM IST
विज्ञापन
Conscious women from cervical cancer
सेक्टर 16 ब्लू बर्ड स्कूल में सर्वाइकल कैंसर एवं स्त्री रोग पर स्वास्थ्य परिचर्चा का आयोजन किया गया। इसमें शहर की 60 से अधिक शिक्षिकाओं ने भाग लिया।
विज्ञापन


यह परिचर्चा मोहाली के मैक्स हास्पिटल की ओर से आयोजित की गई थी। मैक्स हॉस्पिटल की सीनियर कंसल्टेंट डा. सीमा शर्मा, ने महिलाओं को संबोधित किया।

उन्होंने कहा कि हर साल साउथ ईस्ट एशिया में सर्वाइकल कैंसर से हर घंटे 10 महिलाओं की मौत होती है, जिनमें आठ महिलाएं भारत से होती है। हर साल एक लाख से अधिक नए केस सामने आ रहे हैं।

सर्वाइकल कैंसर के विकसित होने की सर्वाधिक संभावना 40 से 50 वर्ष की आयु के दौरान होती है। उन्होंने कहा कि अगर सर्वाइकल कैंसर के बारे में जल्द ही पता चल जाए तो इसका इलाज संभव है और इसके लक्षण सात से दस साल तक सामान्य ही नजर आ सकते हैं।
विज्ञापन


इसलिए जांच करवाना जरूरी है। पैप स्मीयर टेस्ट के दौरान सर्वाइकल कैंसर की असामान्य कोशिकाओं का आसानी से पता लगाया जा सकता है।

कैंसर के लिए नियमित जांच करवाने के बारे में सलाह दी। उन्होंने पैप स्मीयर कैंसर स्क्रीनिंग टेस्ट करवाने की भी सलाह दी।

अमेरिकन कॉलेज ऑफ ओबेस्टिट्रिक्शयंस और गाइनोक्लॉजिस्ट ने सुझाव दिया है कि अठारह से तीस साल या जब वे यौन सक्रिय हो जाए तो, सभी महिलाओं को अपनी वार्षिक जांच करवानी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


तीस साल के बाद की उम्र में महिलाओं को दो से तीन साल बाद जांच करवानी चाहिए और अगर लगतार तीन टेस्ट निगेटिव आए और कुछ अन्य परिस्थितियां सामान्य हों।

कैसे बढ़ता है सर्वाइकल का खतरा
एक से अधिक सैक्सुअल सहभागी होने, पार्टनर का अन्य महिलाओं से संपर्क होना, कम कम उम्र में प्रसव, दवाओं के रूप में गर्भनिरोधक का लंबे समय तक उपयोग, सिगरेट पीना, इम्यून सिस्टम कमजोर होना। इससे सरवाइक्ल कैंसर के मामले बढ़ जाते हैं।

सर्वाइकल
कैंसल के लक्ष
महिलाओं को योनि से अत्याधिक एवं असामान्य रक्तस्त्राव होना, मासिकधर्म के बाद रक्तस्त्राव होना, कोलाइटिस जांच के बाद रक्तस्त्राव का बढ़ना।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed