फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Congresss move to move away from tradition backfired

हरियाणा में कांग्रेस की बाजी पलटी: सीएम चेहरा घोषित न करने की परंपरा से हटकर चलना नहीं आया रास

Fri, 11 Oct 2024 05:51 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो Updated Fri, 11 Oct 2024 05:51 AM IST
सार

2005 के चुनाव में चौधरी भजनलाल, भूपेंद्र सिंह हुड्डा, रणदीप सुरजेवाला और कुमारी सैलजा सभी को सीएम के तौर पर प्रोजेक्ट किया गया था। तब हाईकमान के नेता भी जनसभाओं और रैलियों में नेताओं के बारे में बोलते थे कि एक बार इनको विधायक बना दो, पावरफुल हम कर देंगे। इस बार ये परंपरा बदल दी गई थी।

विज्ञापन
Congresss move to move away from tradition backfired
हरियाणा में कांग्रेस की हार पर मंथन - फोटो : अमर उजाला/फाइल

विस्तार

हरियाणा में कांग्रेस को अपनी परंपरा से हटकर चलना रास नहीं आया। कांग्रेस की नीति रही है कि किसी भी प्रदेश में पार्टी चुनाव से पहले मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नहीं करती है। लेकिन हरियाणा में कांग्रेस हाईकमान ने अघोषित रूप से भूपेंद्र सिंह हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कर दिया। पार्टी का यही दांव उल्टा पड़ गया। 
विज्ञापन


खास बात ये है कि इससे न केवल हुड्डा विरोधी खेमा नाराज हो गया और प्रदेश में प्रचार पर नहीं निकला। साथ ही जाट चेहरा होने के नाते भाजपा ने बापू-बेटा की सरकार बनने का प्रचार किया और गैर जाट मतदाताओं में यह फार्मूला काम कर गया।
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन

पहले कभी सीएम चेहरा घोषित नहीं किया

हरियाणा की बात करें तो कांग्रेस ने कभी चुनाव से पहले सीएम का चेहरा घोषित नहीं किया। हरियाणा में जब-जब कांग्रेस की सत्ता आई है, उन चुनावों में कांग्रेस के सभी दिग्गज अपने-अपने क्षेत्रों में चौधर का नारा देते थे और खुद को सीएम के तौर पर प्रोजेक्ट करते थे। इसका असर ये होता था कि प्रदेश की सभी छह बेल्टों में कांग्रेस को अधिक सीटें मिलती थीं। 

हुड्डा के सीएम बनने का स्पष्ट संदेश मिला

इस बार राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने खुलकर दीपेंद्र हुड्डा की ओर इशारा किया। राहुल गांधी दीपेंद्र को अपने साथ हेलिकाप्टर में ले गए, वहीं बवानीखेड़ा में प्रियंका गांधी ने दीपेंद्र हुड्डा की जमकर प्रशंसा की। इससे कांग्रेस समेत प्रदेश में संदेश चला गया कि हुड्डा सीएम बनाए जाएंगे, इससे दूसरे धड़े के नेता घर बैठ गए या अपने हलकों तक सीमित रहे। उधर भाजपा ने भी भूपेंद्र सिंह हुड्डा के समय हुए दलित कांडों का ताबड़तोड़ प्रचार किया। इसी से माहौल पलट गया।

हिमाचल में भी कामयाब रहा था फार्मूला

दो साल पहले हिमाचल प्रदेश में हुए चुनाव में कांग्रेस का यही फार्मूला कामयाब रहा था। पार्टी हाईकमान ने किसी भी नेता को सीएम का चेहरा घोषित नहीं किया था। इसका असर ये रहा कि सुखविंद्र सुक्खू और प्रतिभा सिंह के इलाकों में कांग्रेस को जीत मिली। दोनों ही धड़ों को उम्मीद थी कि सीएम उनके इलाके से होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed