...तो कांग्रेसी विधायकों संग इस्तीफा देंगे कैप्टन अमरिंदर सिंह
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प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि अगर एसवाईएल पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला पंजाब के खिलाफ आया तो वह संसद सदस्यता के इस्तीफा देंगे। साथ ही पंजाब के सभी कांग्रेस विधायक भी इस्तीफा देंगे। यह फैसला रविवार को नई दिल्ली स्थित कैप्टन के आवास पर हुई पंजाब के नेताओं की बैठक में लिया गया।
कैप्टन ने कहा कि सतलुज यमुना लिंक नहर के मुद्दे पर बादल सरकार पंजाब के हितों की रक्षा करने में नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सारी पार्टी अपने पुराने स्टैंड पर एकमत है, अगर सुप्रीम कोर्ट का फैसला पंजाब के पक्ष में न आया तो सभी विधायक इस्तीफा देंगे।
वह खुद लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर जनता की अदालत में जाएंगे। मीटिंग में फैसला लिया गया कि सभी विधायक लोगों के हित में एक साथ इस्तीफे सौंपेंगे, क्योंकि अगर एसवाईएल पर फैसला पंजाब के खिलाफ आया तो यहां पानी की गंभीर किल्लत हो जाएगी। विधायक, विधानसभा से इस्तीफा देंगे और लोगों के अधिकारों के लिए लड़ने को सड़कों पर उतरेंगे।
कैप्टन ने कहा कि पंजाब और इसके लोगों के हितों की रक्षा सड़कों पर उतरने के बजाय कांग्रेस के पास कोई और चारा नहीं बचा है। इसकी जिम्मेदारी सीएम प्रकाश सिंह बादल की होगी, जो राज्य और लोगों के हितों की रक्षा नहीं कर सके।
कैप्टन में बादल पर बोला तीखा हमाला
उनकी सरकार ने पंजाब टर्मिनेशन ऑफ एग्रीमेंट्स एक्ट 2004 बनाया था। इससे पानी पर सारे समझौते खत्म कर दिए गए थे, लेकिन बादल सरकार उसकी पवित्रता बरकरार रखने में भी नाकाम रही। अकाली नेता लोगों की कीमत पर गंदी सियासत खेलने में लगे रहे।
अकाली दल खुद एनडीए का हिस्सा है, इसके बाद भी एनडीए ने प्रेसिडेंशियल रेफरेंस पर सुनवाई के दौरान पंजाब विरोधी स्टैंड लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करती है पर पंजाब के प्रति भी वचनबद्ध है। इसलिए हर वैधानिक और संवैधानिक रास्ता अपनाया जाएगा।
जिस दिन एसवाईएल शुरू हुई मालवा के कई जिलों में करीब 9.75 एकड़ जमीन बंजर हो जाएगी। बठिंडा, फरीदकोट, फिरोजपुर सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। यहां के भूजल में टॉक्सिन और फ्लूओराइड हैं। लोगों को पीने तक को पानी नहीं मिलेगा।
कैप्टन ने कहा कि पंजाब के पास किसी दूसरे राज्य को देने के लिए पानी नहीं है। उन्होंने कहा कि हर मुद्दे पर बादल, केंद्र के हाथों में खेल रहे हैं। चाहे वह सीमांत इलाके खाली कराना हो या एसवाईएल मुद्दा। आम आदमी पार्टी भी इस मुद्दे पर दोहरे मापदंड अपना रही है।
बैठक के दौरान चुनावी रणनीति पर भी चर्चा हुई, कैंपेन के अगले चरण का रोड मैप तैयार किया गया। मीटिंग में प्रदेश प्रभारी आशा कुमारी, कैंपेन कमेटी चेयरपर्सन अंबिका सोनी, सह प्रभारी हरीश चौधरी, रजिंदर कौर भट्ठल, प्रताप बाजवा, लाल सिंह समेत कई नेता मौजूद थे।