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खुले तौर पर मुखालफत कर कैप्टन के लिए मुसीबत बने बराड़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 28 Jan 2016 11:06 PM IST
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मालवा के दिग्गज कांग्रेस नेता जगमीत बराड़ पार्टी के प्रदेश प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह के लिए मुसीबत बनते जा रहे हैं। हाल ही में जगमीत ने खडूर साहिब उपचुनाव पर पार्टी स्टैंड की खुले तौर पर मुखालफत कर कांग्रेस को फिर मुश्किल में डाल दिया है। कैप्टन गुट भी डैमेज कंट्रोल में जुट गया है। पंजाब कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सफाई देते हुए बायकॉट का समर्थन किया है।
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जगमीत बराड़ का पहले से ही कैप्टन के साथ छत्तीस का आंकड़ा माना जाता है। बठिंडा में हुई कैप्टन की ताजपोशी रैली में बराड़ को बोलने का मौका तक नहीं दिया गया था। बाद में मालवा के एक बड़े कांग्रेस नेता के आप में जाने की चर्चा चली तो कैप्टन ने रणनीति में बदलाव किया।
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उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस में बराड़ से बठिंडा की घटना के लिए माफी मांगी और पूरा सम्मान दिया। माघी कांफ्रेंस की तैयारियों में भी बराड़ को पूरी अहमियत दी गई, लेकिन फिर दोनों के बीच समीकरण बदल गए। माघी कांफ्रेंस के बाद बराड़ ने आप की रैली की तारीफ कर दी।
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किरकिरी के बाद कांग्रेस को देनी पड़ी सफाई
खडूर साहिब उप चुनाव के बायकॉट के एलान के बाद बराड़ की मुखालफत से पार्टी की काफी किरकिरी हुई। हालत यह हो गई कि कांग्रेस को वीरवार को इस मुद्दे पर सफाई देनी पड़ी।
सूबे के सभी कांग्रेस विधायकों ने बायकॉट के फैसले का समर्थन किया, जिनमें सीएलपी लीडर चरनजीत चन्नी, दिग्गज नेता रजिंदर कौर भट्ठल, लाल सिंह व पूर्व सीएलपी लीडर सुनील जाखड़, यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग आदि शामिल हैं।
बीस पूर्व विधायकों ने बराड़ के खिलाफ खोला मोर्चा
जगमीत बराड़ केमुद्दे पर कैप्टन धड़ा भी वीरवार को काफी आक्रामक हो गया। एक तरफ मौजूदा विधायकों ने बायकॉट के फैसले का समर्थन किया। तो दूसरी तरफ, बीस पूर्व विधायकों ने अनुशासनहीनता कर पार्टी को मुसीबत में डालने के लिए जगमीत बराड़ की आलोचना की।
इनमें गुरप्रीत कांगड़, कुशलदीप ढिल्लों, उपेंदर शर्मा, मक्खन सिंह आदि शामिल थे। पूर्व विधायकों ने कहा कि बराड़ के रवैये से पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा है। उन्हें अपनी बात पार्टी प्लेटफार्म पर रखनी चाहिए थी। उन्होंने पार्टी हाईकमान से मांग की कि बराड़ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इससे पहले कि वह पार्टी को और नुकसान पहुंचाएं, उन्हें निकाला जाए।