कांग्रेस बोली, केजरीवाल को पंजाबी कहना पंजाबियत का अपमान
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प्रदेश कांग्रेस ने आप कनवीनर अरविंद केजरीवाल की ओर से खुद को पंजाबी बताने की कोशिश को पंजाबियत का अपमान करार दिया है। साथ ही कहा है कि विधानसभा चुनाव के मद्देनजर एक बाहरी होने के ठप्पे से पीछा छुड़ाने की यह आखिरी कोशिश अब निंदनीय रूप लेती जा रही है।
कांग्रेस नेताओं लाल सिंह व जगमोहन कंग ने आप के सहयोगी जगमीत बराड़ के बयान पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि इससे साबित होता है कि केजरीवाल को अब तक पंजाबियत के बारे में कुछ पता नहीं है।
बराड़ ने रविवार को कहा था कि केजरीवाल एक पंजाबी हैं, जिनका जन्म हरियाणा के पंजाब से अलग होने से पहले हुआ था। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पंजाबियत समावेश, सभ्याचार व सिद्धांतों का रूप है। इसका संबंध धरती के एक विशेष हिस्से पर पैदा होने से नहीं है।
जगमीत बराड़ के बयान पर प्रदेश कांग्रेस ने जताई तीखी प्रतिक्रिया
बल्कि, व्यक्ति के दिल में इस मिट्टी की आत्मा बसी होनी चाहिए। हर चलते-फिरते व्यक्ति को पंजाबी कह कर पंजाबियत को खोखला नहीं करना चाहते। बंटवारे से पहले का पंजाब इतिहास का हिस्सा है। विधानसभा चुनाव में राज्य का भविष्य दांव पर लगा है।
बंटवारे से पहले वाले पंजाब में लाखों लोग पैदा हुए होंगे, लेकिन उस आधार पर उन्हें पंजाबी होने का दावा करने का अधिकार नहीं मिल जाता। उन्होंने कहा कि उम्मीद के मुताबिक लोगों से प्रतिक्रिया न मिलने के कारण केजरीवाल निराश नजर आ रहे हैं।
वह अब लोगों से जुड़ने के लिए नए रास्ते तलाश रहे हैं। कुछ सप्ताह पहले ही कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा था कि जो भी पंजाब का सीएम बनना चाहता है, उसकी राज्य के सभ्याचार व समावेश में जड़ें होनी चाहिए।
क्योंकि पंजाबियों का मान-सम्मान किसी बाहरी को शासन करने की इजाजत नहीं दे सकता। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि केजरीवाल ने अमृतसर और आनंदपुर साहिब को पवित्र नगर घोषित करने का एलान किया, जबकि उन्हें पता ही नहीं कि ये पहले ही पवित्र नगर घोषित किए जा चुके हैं। एसवाईएल के मुद्दे पर केजरीवाल ने विरोधी पक्ष रखा था।