Punjab: पंजाब विधानसभा में गूंजा मूसेवाला हत्याकांड, जमकर हुआ हंगामा, शिअद व कांग्रेस ने किया वॉकआउट
मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि मूसेवाला के पिता की मुख्यमंत्री से 20 मार्च को मुलाकात कराई जाएगी। राजा वड़िंग ने कहा कि वह ऐसा नहीं कह रहे कि सरकार ने मूसेवाला की हत्या कराई है। वह केवल उन लोगों को नामजद करने की मांग कर रहे हैं जिन्होंने मूसेवाला की सुरक्षा घटाने की बात सार्वजनिक की। इस पर धालीवाल ने नाराजगी जाहिर करते हुए राजा वड़िंग से अपने शब्द वापस लेने की मांग करते हुए कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
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पंजाब विधानसभा में बजट सत्र के चौथे दिन गुरुवार को सदन में गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड गूंजा। इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायकों को अकाली दल का साथ मिला और पंचायत मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल के बयान के विरोध में सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोनों दलों के विधायक सदन से वॉकआउट कर गए।
सदन में गुरुवार का दिन गैर-सरकारी कामकाज के लिए निर्धारित था। कार्यवाही का आगाज शून्यकाल से हुआ। इसमें नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि सिद्धू मूसेवाला के माता-पिता अपने बेटे के लिए इंसाफ मांग रहे हैं। उनको विधानसभा के बाहर धरना लगाना पड़ा जबकि मुख्यमंत्री ने उनसे मिलने की जहमत भी नहीं उठाई। बाजवा ने सवाल किया, ‘क्या यही जनहितैषी सरकार है, जो लोगों को झूठे वादे से गुमराह कर रही है। सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए।’ इस पर सदन में आप विधायकों और बाजवा के बीच नोकझोंक हो गई। तब कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने आम आदमी पार्टी के दो लोगों का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि दोनों ने मूसेवाला की सुरक्षा घटाए जाने की जानकारी सोशल मीडिया पर सार्वजनिक की लेकिन अब तक सरकार ने उन दोनों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
खैरा ने कहा कि सुरक्षा घटाए जाने के बारे में सोशल मीडिया पर जानकारी साझा नहीं की जानी चाहिए थी। इस पर सरकार के बचाव में उतरे कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि ‘हमारा काम बोलता है और अभी हम पिछली सरकारों के बोए कांटे चुन रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि इस मामले में 40 लोगों को नामजद किया गया है। इसमें 29 को गिरफ्तार किया जा चुका है और दो पुलिस एनकाउंटर में मारे गए हैं।
अमन अरोड़ा ने सवाल किया कि ‘क्या दो महीने में ही गैंगस्टर पैदा हुए हैं? शूटर कहां से आए? कई शूटर 18 साल से कम उम्र के हैं और पड़ोसी राज्य हरियाणा से आकर यहां वारदात कर लौट जाते हैं।’ उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस तरह के मुद्दे उठाकर पंजाब का माहौल खराब कर रहा है। तब, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि यह सुरक्षा में गंभीर चूक है। सुरक्षा घटाने की बात सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करने के बाद मूसेवाला की हत्या की गई। जवाब में अमन अरोड़ा ने कहा, ‘मूसेवाला की पूरी सुरक्षा नहीं हटाई गई थी बल्कि उनके पास दो गार्ड थे और बुलेट प्रूफ गाड़ी थी लेकिन घटना वाले दिन मूसेवाला उन्हें साथ लेकर नहीं गए।’ राजा वड़िंग ने कहा कि मूसेवाला के माता-पिता जिन लोगों के नाम बता रहे हैं, उन्हें हत्याकांड में नामजद किया जाना चाहिए।
इसके बाद, आप विधायकों ने कांग्रेस के खिलाफ सदन में नारेबाजी शुरू कर दी। मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि मूसेवाला के पिता की मुख्यमंत्री से 20 मार्च को मुलाकात कराई जाएगी। राजा वड़िंग ने कहा कि वह ऐसा नहीं कह रहे कि सरकार ने मूसेवाला की हत्या कराई है। वह केवल उन लोगों को नामजद करने की मांग कर रहे हैं जिन्होंने मूसेवाला की सुरक्षा घटाने की बात सार्वजनिक की। इस पर धालीवाल ने नाराजगी जाहिर करते हुए राजा वड़िंग से अपने शब्द वापस लेने की मांग करते हुए कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
नारेबाजी के दौरान ही धालीवाल ने सदन में कहा कि 1980 के बाद पंजाब में आई सरकारों ने हजारों सिखों को मरवा दिया। उन्हीं सरकारों की गलत नीतियों के कारण पंजाब में कानून-व्यवस्था की हालत खराब हुई है। इसके बाद कांग्रेस के साथ ही अकाली दल के सदस्य भी धालीवाल के आरोपों पर एतराज जताते हुए नारेबाजी करने लगे और कांग्रेसी सदस्यों के साथ-साथ वेल में पहुंच गए। इस दौरान सत्ता पक्ष के सदस्य भी अपनी सीटों से विपक्ष के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। शोरगुल के बीच ही कांग्रेस और अकाली सदस्य वॉकआउट कर गए।
तो राजा वड़िंग भी होंगे सलाखों के पीछेः अरोड़ा
कांग्रेस और अकाली दल के सदस्य जब सदन से वॉकआउट कर गए, तब भी सदन का माहौल काफी देर तक गरमाया रहा। अमन अरोड़ा ने सदन में कहा कि हम मूसेवाला हत्याकांड के मामले में कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने कोटकपूरा के एक मामले का जिक्र किया कि एक व्यापारी ने अपनी पत्नी-बच्चों के साथ आत्महत्या कर ली थी, जिसमें पत्नी को बचा लिया गया था। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि उनके पति और बच्चों की मौत के लिए राजा वड़िंग और उनका एक रिश्तेदार जिम्मेदार है। अमन अरोड़ा ने कहा कि अगर हम दिल को तसल्ली देने की बात करते तो राजा वड़िंग अब तक सलाखों के पीछे होते। इस पर सत्ता पक्ष के विधायकों ने अरोड़ा के साथ सहमति जताई।