{"_id":"60d4867a8ebc3e503c69d7e0","slug":"congress-mla-fatehjang-singh-bajwa-declines-government-job-offer-for-son","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंजाब: विधायक फतेहजंग के बेटे ने लौटाई सरकारी नौकरी की पेशकश, जाखड़ बोले- लोगों से माफी मांगे बाजवा परिवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंजाब: विधायक फतेहजंग के बेटे ने लौटाई सरकारी नौकरी की पेशकश, जाखड़ बोले- लोगों से माफी मांगे बाजवा परिवार
Thu, 24 Jun 2021 07:08 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 24 Jun 2021 07:08 PM IST
सार
अर्जुन प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि इस पूरे मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया। जबकि यह नौकरी मेरे दिवंगत दादा को श्रद्धांजलि होती। उन्होंने कहा कि मेरे पास पंजाब के लोगों की सेवा करने के कई और तरीके हैं।
विज्ञापन
विधायक फतेहजंग सिंह बाजवा।
- फोटो : https://www.facebook.com/FatehJungSinghBajwa/
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कांग्रेस विधायक फतेहजंग बाजवा के बेटे अर्जुन बाजवा ने गुरुवार को अनुकंपा के आधार पर पुलिस इंस्पेक्टर की नौकरी की पेशकश लौटा दी है। इस फैसले से नौकरी के मुद्दे पर चल रहा क्लेश खत्म होने की उम्मीद थी लेकिन पंजाब कांग्रेस के कई नेताओं के बीच जुबानी जंग छिड़ गई।
विज्ञापन
फतेहजंग बाजवा और उनके बेटे अर्जुन बाजवा ने पंजाब कांग्रेस के प्रधान सुनील जाखड़ सहित कई वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ टिप्पणी की। इस पर जाखड़ ने भी पलटवार किया, जिससे पार्टी का माहौल और गरमा गया। फतेहजंग ने मंत्रिमंडल के फैसले पर एतराज जताने वाले नेताओं को निशाने पर लेते हुए कहा कि वे पूछना चाहते हैं कि क्या ऐसा पहली बार हुआ है।
विज्ञापन
बाजवा ने कहा कि कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, सुखबिंदर सरकारिया और प्रदेश कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ के रिश्तेदारों को भी सरकार ने चेयरमैन लगाकर लाभ पहुंचाया है। उस समय किसी ने सवाल क्यों नहीं उठाए। फतेहजंग ने कहा, आज मेरे बेटे को नौकरी मिली तो यह बयानबाजी कर रहे हैं।
विज्ञापन
जाखड़ के बेटे अजयवीर जाखड़ भी पंजाब स्टेट फार्मर्स एंड फार्म वर्कर्स कमेटी के चेयरमैन हैं। फतेहजंग के सवाल का जवाब देते हुए सुनील जाखड़ ने कहा कि अगर उनके बेटे अजयवीर के चेयरमैन होने का प्रश्न है तो उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान राजकीय कोष से एक भी पैसा वेतन के तौर पर नहीं लिया और न ही कोई अन्य लाभ लिया है। उनकी अपनी एक पहचान है।
बाजवा परिवार दूसरों पर कीचड़ उछालने के बजाय सूबे के युवाओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए सार्वजनिक तौर पर माफी मांगे। सुनील जाखड़ ने कहा कि उनके बेटे अकेले ऐसे भारतीय हैं, जिन्हें संयुक्त राष्ट्र ने सस्टेनेबल फूड सिस्टम के डिजाइन के लिए सितंबर 2021 में होने वाले संयुक्त राष्ट्र के फूड सिस्टम सम्मेलन का एक्शन ट्रैक दो का चेयरमैन भी नियुक्त किया हुआ है।
इसके अलावा अजयवीर जाखड़ इस समय भी वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में फूड सिस्टम्स इनीशिएटिव स्टवर्ड्सशिप बोर्ड के सदस्य हैं। उनकी खेती के प्रति जानकारी व समझ के कारण कमीशन का चेयरमैन बनने से पहले भी भारत सरकार उन्हें पिछले कई वर्षों से वार्षिक बजट से पहले चर्चा के लिए बुलाती आ रही है।
मेरे दादा ने शहादत दी, मैं पुलिस की नौकरी कर लोगों की सेवा करना चाहता था: अर्जुन बाजवा
अर्जुन बाजवा ने कहा कि उनके दादा सतनाम सिंह बाजवा ने शहादत दी थी, उसी वजह से अनुकंपा के आधार पर पंजाब मंत्रिमंडल ने उन्हें पुलिस इंस्पेक्टर की नौकरी देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। सवाल उठने लगे तो उन्होंने नौकरी स्वीकार न करने का फैसला किया है।
अर्जुन ने आगे कहा कि वे नौकरी के मामले में राजनीति करने वाले नेताओं से पूछना चाहते हैं कि क्या अमीर या गरीब की शहादत में अंतर होता है? उन्होंने कहा कि वह पुलिस की नौकरी करके लोगों की सेवा करना चाहते थे लेकिन अब जनसेवा के लिए कुछ और करना होगा।
वहीं, फतेहजंग बाजवा ने कहा कि नौकरी अस्वीकार करके उनके बेटे ने एक मिसाल कायम की है। उन्होंने कहा कि जब हमारा परिवार शहादत से पीछे नहीं हटा तो नौकरी क्या चीज है। उन्होंने आगे कहा कि तीन दिन पहले जब नौकरी की चर्चा शुरू हुई तो उन्होंने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को पत्र लिखकर नौकरी न दिए जाने का आग्रह किया था। इसके बाद भी मंत्रिमंडल ने इस संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। उन्होंने कहा कि लोग लगातार इस पर सवाल उठाते रहे, इसलिए उन्होंने नौकरी स्वीकार न करने का फैसला लिया है।