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क्या पंजाब की सत्ता में राजस्थान जैसी सियासी उथलपुथल हो सकती है? आहट से घबराई कांग्रेस

Fri, 07 Aug 2020 10:26 AM IST
खुशबू गोयल हर्ष कुमार सलारिया, चंडीगढ़
हर्ष कुमार सलारिया, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Fri, 07 Aug 2020 10:26 AM IST
सार

  • बाजवा और दूलो के खिलाफ हाईकमान तक पहुंचा पत्र
  • जाखड़ चिंतित, सजा न मिली तो बाजवा बन सकते हैं सचिन पायलट
  • सुखबीर की राज्यपाल से की मांग पर कैबिनेट मंत्री भी हुए आशंकित

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Congress May Face Clash in Punjab Politics Like Rajasthan
कैप्टन अमरिंदर सिंह

विस्तार

क्या पंजाब की सत्ता में राजस्थान जैसी सियासी उथलपुथल शुरू हो सकती है? क्या पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रताप बाजवा पंजाब में कांग्रेस के लिए सचिन पायलट साबित होंगे? और क्या भाजपा अपनी सहयोगी शिअद के सहारे कैप्टन सरकार की बर्खास्तगी का माहौल बनाने लगी है?
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जहरीली शराब कांड के कारण लगातार भीतरी और बाहरी हमले झेल रही पंजाब कांग्रेस की घबराहट इन सवालों पर साफ दिखाई देने लगी है। वीरवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ ही नहीं, सभी मंत्रियों ने भी विपक्ष के हमलों का जवाब देने के लिए मोर्चा संभाल लिया।
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उन्होंने सबसे पहली मांग पार्टी के पूर्व प्रदेश प्रधानों प्रताप बाजवा और शमशेर सिंह दूलो को निकालने की उठाई। शाम को जब शिअद अध्यक्ष सुखबीर बादल राज्यपाल के पास कैप्टन सरकार बर्खास्त करने की मांग लेकर पहुंचे तो कई कैबिनेट मंत्रियों ने इसे भी राजस्थान के घटनाक्रम से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार अपनी सहयोगी शिअद के जरिए पंजाब में कांग्रेस सरकार के बर्खास्तगी का माहौल बनाने की साजिश रच रही है।
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जाखड़ ने कहा- राजस्थान जैसा माहौल बनाने की साजिश है

इससे पहले प्रताप बाजवा और शमशेर दूलो के जहरीली शराब कांड को लेकर राज्यपाल से मिलने की घटना को प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने सूबे में राजस्थान जैसा माहौल रचने की साजिश करार दिया था। जाखड़ का कहना था कि दोनों सांसदों द्वारा अपनी ही सरकार पर किया हमला राजस्थान के घटनाक्रम की पुनरावृत्ति है।

राजस्थान में ऐसा ही हुआ था, जब 107 बच्चों की मौत होने पर सचिन पायलट ने अपनी सरकार की आलोचना की थी। जाखड़ ने कहा कि अगर उस समय पायलट के खिलाफ कार्रवाई की गई होती तो कांग्रेस राजस्थान में पैदा हुई मौजूदा स्थिति से बच सकती थी। वीरवार को सुनील जाखड़ का सोनिया गांधी को लिखा पत्र भी हाईकमान तक पहुंच गया और पंजाब में पार्टी ने सबसे पहली मुहिम बाजवा और दूलो के खिलाफ ही शुरू करते हुए कैबिनेट मंत्रियों का एक साझा बयान जारी कराया।

इसमें दोनों सांसदों को पार्टी से निकालने की मांग की गई। हालांकि इस साझा बयान में किसी भी कैबिनेट मंत्री का नाम नहीं था, जिससे साफ हो गया कि प्रदेश प्रधान किसी भी कीमत पर प्रताप बाजवा को पंजाब में सचिन पायलट नहीं बनने देना चाहते, लेकिन इससे पहले कि यह साझा बयान असरदार साबित होता, शिअद प्रधान सुखबीर बादल भी कैप्टन सरकार की बर्खास्तगी की मांग लेकर राज्यपाल के पास पहुंच गए।
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