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राहुल के अध्यक्ष बनते ही कांग्रेस ने पंजाब में रचा इतिहास, दूर-दूर तक कोई नहीं

Mon, 18 Dec 2017 09:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 18 Dec 2017 09:39 AM IST
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Congress made history in Punjab Civic Polls
Rahul Gandi & Captain Amarinder Singh - फोटो : File Photo
कांग्रेस ने नगर निगम चुनाव में इतिहास रच दिया है। रविवार को तीन निगमों के लिए हुए चुनाव में पार्टी ने शानदार जीत दर्ज की। सीएम के शहर पटियाला में पार्टी क्लीन स्वीप की तरफ बढ़ रही है। 60 में से 58 में जीत चुकी है, दो का नतीजा आना बाकी है।
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वहीं, जालंधर और अमृतसर में भी उसने दमदार वापसी की। 29 काउंसिलों व पंचायतों में भी कांग्रेस का ही दबदबा रहा। पटियाला में फायरिंग, पथराव और लाठीचार्ज हुआ। इस हुल्लड़बाजी में वोट डालने आए एक व्यक्ति की मौत हो गई। जबकि, जालंधर और अमृतसर में चुनाव शांतिपूर्ण रहा। उम्मीद के मुताबिक मुुकाबला कांग्रेस और शिअद-भाजपा के बीच रहा, आम आदमी पार्टी खाता भी नहीं खोल पाई।
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पटियाला के कई वार्डों में सुबह से ही हंगामा शुरू हो गया था। वार्ड साठ में गोली चली, पर कोई जख्मी नहीं हुआ। वार्ड 14 में अकालियों-कांग्रेसियों में जमकर पत्थर चले, जिसमें छह लोग घायल हो गए, पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। झड़प में पूर्व अकाली मेयर अमरिंदर बजाज की पगड़ी उतर गई। घग्गा नगर पंचायत के वार्ड बारह में कांग्रेसियों और अकालियों की झड़प के बीच वोट डालने आए बुजुर्ग की मौत हो गई।
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जालंधर में भी कांग्रेस की आंधी चली। यहां 80 वार्डों में से 66 पर कांग्रेस का कब्जा हो गया। भाजपा को आठ, शिअद को चार वार्डों में ही जीत मिली। दो सीटों पर आजाद उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। भाजपा के कई दिग्गजों का पत्ता साफ हो गया, दो-दो बार से जीतते आए पार्षद भी हार गए। माई हीरां गेट इलाके में एक बूथ पर तनाव के अलावां मतदान शांतिपूर्ण रहा।

अमृतसर में देर शाम तक 85 में से 80 वार्डों के नतीजे घोषित किए गए थे। जिनमें से कांग्रेस 52, शिअद-भाजपा छह-छह वार्डों में जीते। छह निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। जिनमें दोनों पार्टियों के बागी भी शामिल हैं। मतदान शांतिपूर्ण रहा। यहां निकायमंत्री नवजोत सिद्धू की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी। अमृतसर में कांग्रेस के करनजीत सिंह रिंटू ने सबसे ज्यादा 4540 वोट से जीत दर्ज की।

-------- कुल वार्ड -- कांग्रेस - भाजपा - शिअद - आजाद
अमृतसर -  85 -------- 52 ---- 6 ---- 6 ---- 6
जालंधर -- 80 --------- 66 ---- 8 ---- 4 ---- 2
पटियाला -- 60 -------- 58 ------------------
(पटियाला में 2 वार्डों के नतीजे आने बाकी)

'लोकतंत्र केलिए ब्लैक संडे'

Congress made history in Punjab Civic Polls
Parkash singh badal & Sukhbir singh badal - फोटो : File Photo
नतीजों ने लगाई कांग्रेस की नीतियों पर मोहर - सीएम
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि निकाय चुनाव के नतीजों ने कांग्रेस की नीतियों पर मोहर लगाई है। वहीं, विरोधियों के झूठे प्रचार को नकारा है। उन्होंने लोगों को विरोधियों के झूठे प्रचार में न आने के लिए बधाई दी। सीएम ने कहा कि अकालियों ने लोगों को धमकाया, उन्हें वोट डालने को घर से न निकलने को कहा। लेकिन अकाली-भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा। पंजाब के लोगों ने इन पार्टियों को इनके किए गलत कामों की सजा दी है।

लोकतंत्र केलिए ब्लैक संडे : बादल
पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल ने निकाय चुनाव को लोकतंत्र को गहरी चोट बताया है। उन्होंने कहा कि पंजाब के इतिहास में यह दिन हमेशा ब्लैक संडे के तौर पर याद रखा जाएगा। यह पहला चुनाव है कि जब सीएम ने पहले ही दिन स्पष्ट कर दिया था कि यह चुनाव सरकारी मशीनरी और पार्टियों के बीच होगा। बहुत सी जगह तो विपक्षी दलों को एनओसी देकर लड़ने ही नहीं दिया गया। बादल ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाया।

कांग्रेस के पक्ष में रहा आयोग : सुखबीर
शिअद सुप्रीमो सुखबीर बादल ने कहा कि प्रदेश चुनाव आयोग ने पूरी तरह कांग्रेस का साथ दिया। पार्टी इसकेखिलाफ हाईकोर्ट जाएगी और सीबीआई जांच की मांग करेगी। सुखबीर ने कहा कि पार्टी प्रदेश चुनाव आयुक्त जगपाल संधू को तुरंत पद से हटाने की भी मांग करेगी। अगर उनमें नैतिकता है तो उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि उन्होंने लोगों का भरोसा तोड़ा है। शुरूआत से उनका रवैया पक्षपाती रहा। अकाली दल ने उनसे पांच बार मुलाकात की। पर एक बार भी इंसाफ नहीं मिला।

गुंडागर्दी में अकालियों को भी पीछे छोड़ा: आप
पार्टी के सूबा प्रधान भगवंत मान और सह-प्रधान अमन अरोड़ा ने कहा कि राजनीतिक गुंडागर्दी करने में कांग्रेस ने पिछली सरकार की दस साल की गुंडागर्दी को पीछे छोड़ दिया है।पटियाला समेत कई जगह हुई धक्केशाही ने बूथ लूटने वाले पुराने बिहार की याद ताजा कर दी है। उन्होंने कहा कि सीएम और स्थानीय निकायमंत्री नवजोत सिद्धू को इस बारे में स्पष्टीकरण देना चाहिए। अगर हार के डर से विरोधियों के कागज रद्द करवाने थे, बूथ लूटने थे तो चुनाव की क्या जरूरत थी। एक तानाशाही फरमान के जरिए अपने कांग्रेसियों को सीधे नामजद कर लेना चाहिए था। उन्होंने कहा कि बादलों की धक्केशाही और माफिया-राज से दुखी जनता कांग्रेस को लाई थी, पर गुंडागर्दी में कांग्रेसी पिछली सरकार को भी पीछे छोड़ने लगे हैं। 
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