हरियाणा विधानसभा: भर्ती घोटाले, कानून व्यवस्था और बेरोजगारी पर गरमाएगा सदन का माहौल, विपक्ष ने बनाई रणनीति
हरियाणा के कांग्रेस विधायक दल ने विधानसभा शीतकालीन सत्र को लेकर रणनीति बनाई है। कांग्रेस की ओर से दर्जन भर मुद्दों पर स्थगन-ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दिए गए हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा विधानसभा का शीतकालीन सत्र हंगामेदार रहने वाला है। भर्ती घोटाले, कानून व्यवस्था और बेरोजगारी समेत दर्जन भर मुद्दों को लेकर कांग्रेस सदन का माहौल गरमाएगी। बुधवार को यहां नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने विधायक दल की बैठक लेकर सत्र में सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की। कांग्रेस विधायकों ने एक दर्जन स्थगन और ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दिए हैं।
एचपीएससी भर्ती घोटाले की जांच हाईकोर्ट के कार्यरत जज से कराने की मांग को लेकर कांग्रेस विधायक दल ने बुधवार शाम चार बजे राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय को ज्ञापन सौंपा। हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने राज्यपाल से भर्ती घोटाले की हाईकोर्ट जज से जांच कराने, लोक सेवा आयोग के चेयरमैन को बर्खास्त करने के लिए राष्ट्रपति को संस्तुति भेजने का आग्रह किया।
हुड्डा ने कहा कि भर्ती घोटाले के अलावा 2004 में चयनित एचसीएस अधिकारियों को विभिन्न अनियमितताओं के बावजूद 2016 में स्वेच्छा से चुन-चुनकर नियुक्तियां दी गई। ये नियुक्तियां सतर्कता विभाग की जांच रिपोर्ट की अवहेलना कर की गईं। उसकी गहनता से जांच होनी चाहिए। कांग्रेस सत्ता में आने पर इस मामले में उचित कार्रवाई करेगी।
एचपीएससी का उप सचिव अकेले इतने बड़े भर्ती घोटाले को अंजाम नहीं दे सकता। भर्ती माफिया ने परचून की दुकान पर सामान की तरह नौकरियों को बेचा है। अभी तो सिर्फ दुकान का सेल्समैन ही पकड़ा गया है, मालिक पकड़ा जाना बाकी है। सबसे पहले एचपीएससी, एचएसएससी के चेयरमैन और सदस्यों को निलंबित किया जाना चाहिए। जब तक चेयरमैन पद पर हैं, भर्ती घोटाले की निष्पक्ष जांच विजिलेंस और कोई भी नहीं कर सकता।
यह भी पढ़ें ः किसान आंदोलन: पंजाब से हुई शुरुआत, हरियाणा का मिला साथ, 377 दिन बॉर्डरों की घेराबंदी, सैकड़ों ने गंवाई जान
उन्होंने कहा कि प्रदेश के अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों के 70 प्रतिशत और स्वास्थ्य महकमे में लगभग 10 हजार पद खाली हैं। शिक्षा महकमे में करीब 40,000 पद खाली पड़े हुए हैं। जनता से जुड़े इन तमाम मुद्दों पर विधानसभा में सरकार से जवाब मांगा जाएगा। ‘विपक्ष आपके समक्ष’ कार्यक्रम के जरिए उन तक पहुंची आम जनता की समस्याओं को विधानसभा में जोरशोर से उठाएंगे।
हुड्डा ने कहा कि नंबरदार नहीं तो सरकार नहीं। बुधवार को प्रदेश भर से आए आढ़ती और व्यापारियों ने भी नेता प्रतिपक्ष को ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने फल-सब्जी मंडी में लगाए गए 2 प्रतिशत टैक्स को खत्म करने की मांग की। हुड्डा ने कहा कि मौजूदा सरकार को कांग्रेस सरकार की तरह इस टैक्स को जीरो करना चाहिए।
इन मुद्दों पर दिए प्रस्ताव
एचएसएससी-एचपीएससी भर्ती घोटाले, डीएपी और यूरिया की किल्लत, कानून-व्यवस्था की खस्ता हालत, यूनिवर्सिटी की भर्तियों में हस्तक्षेप, भर्तियों में देरी, अलग-अलग महकमों के खाली पड़े पद, बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, जलभराव और नंबरदारों की नियुक्ति इत्यादि मुद्दों पर काम रोको और स्थगन प्रस्ताव लाए जाएंगे। किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, शहीद हुए किसानों के परिवारों को मुआवजा और नौकरी की मांग को एक बार फिर सदन में उठाया जाएगा।