9 में से 8 निगम क्षेत्रों से कांग्रेस का सूपड़ा साफ
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हरियाणा के नौ में से आठ नगर निगमों में कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया है। केवल मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गृह क्षेत्र रोहतक नगर निगम में कांग्रेस जीती है।
अन्यथा शहरी लोगों ने सरकार के खिलाफ इतना गुस्सा निकाला कि भाजपा को थोक में वोट दिए। इन निगमों समेत 24 शहरी विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा ने जीत दर्ज की तो भाजपा ने पहली बार 28 ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में अपनी जीत दर्ज की।
कांग्रेसियों को लोगों ने सबक सिखा दिया
हरियाणा मे अक्तूबर 2009 के विधानसभा चुनाव होने और मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के शपथ लेने के बाद सरकार ने पहला तोहफा जनवरी, 2010 में सात नए नगर निगम बनाकर दिया।
ये नगर निगम पंचकूला, अंबाला शहर, यमुनानगर, करनाल, पानीपत, रोहतक और हिसार हैं। कानून के मुताबिक गठन के छह महीने के भीतर चुनाव कराए जाने थे मगर सरकार ने कानून बदला और सरकार ने साढ़े तीन साल बाद चुनाव कराए।
साढ़े तीन साल के दौरान इन निगमों के बाशिंदों को निगमों के नगर परिषद वाले पुराने ढांचे में तैनात अफसरों पर निर्भर रहना पड़ा। लोगों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पाई।
संबंधित उपायुक्तों को इन निगमों का आयुक्त बना दिया जिनके पास पहले से ही कम वक्त रहता है। लोग परेशान रहे और परेशानी का गुस्सा तब निकाला जब निगम चुनाव हुए। कांग्रेस ने टिकट पर चुनाव नहीं लड़ा मगर कांग्रेसियों को लोगों ने सबक सिखा दिया।
भाजपा को खूब जिताया और कांग्रेस को हराया
अब लोकसभा चुनाव हुए तो सीएम के रोहतक नगर निगम को छोड़ शेष छह नगर निगमों में कांग्रेस को सब 11 विधानसभा सीटों पर धूल चटा दी। लोगों ने भाजपा या उसकी सहयोगी दल हजकां को वोट दे दिए। इसके अलावा पुराने नगर निगमों फरीदाबाद और गुड़गांव में भी मतदाताओं ने कांग्रेस को धूल चटाते हुए भाजपा को जिता दिया।
पंचकूला नगर निगम के कालका, पंचकूला, अंबाला नगर निगम के अंबाला शहर और अंबाला छावनी, यमुनानगर नगर निगम के जगाधरी, यमुनानगर, करनाल निगम के करनाल, पानीपत निगम के पानीपत शहर और पानीपत ग्रामीण, हिसार के हिसार और नलवा विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा को खूब जिताया और कांग्रेस को हराया।
24 शहरी और 28 ग्रामीण विस क्षेत्रों में जीती भाजपा
भाजपा को अब तक शहरी पार्टी का खिताब दिया जाता था। मगर इस लोकसभा चुनाव में वह शहरों से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों से जीती। सात नगर निगमों के 11 विधानसभा क्षेत्रों के अलावा गुड़गांव की गुड़गांव, बादशाहपुर, फरीदाबाद की फरीदाबाद एनआईटी, फरीदाबाद, बल्लभगढ़ और बड़खल में भी भाजपा विजयी रही।
इसके अलावा थानेसर, कैथल, जींद, भिवानी, नारनौल, पलवल, सोनीपत और रेवाड़ी शहरों में भी भाजपा जीती। ग्रामीण क्षेत्रों में भाजपा ने नारायणगढ़, मुलाना, साढौरा, लाडवा, शाहबाद, पुंडरी, गन्नौर, राई, सफीदों, बहादुरगढ़, कोसली, दादरी, अटेली, महेंद्रगढ़, नांगल चौधरी, बावल, पटौदी, नीलोखेड़ी, इंद्री, घरौंडा, असंध, इसराना, समालखा, हथीन, होडल, पुन्हाना और तिगांव में जीत दर्ज की।