{"_id":"61b9c43aa56f7f5e68628780","slug":"congress-leader-randeep-surjewala-made-serious-allegations-against-haryana-government","type":"story","status":"publish","title_hn":"नौकरियों में फर्जीवाड़ा: कांग्रेस ने किया सत्ता से सवाल- आयोगों के चेयरमैनों और सदस्यों से पूछताछ क्यों नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नौकरियों में फर्जीवाड़ा: कांग्रेस ने किया सत्ता से सवाल- आयोगों के चेयरमैनों और सदस्यों से पूछताछ क्यों नहीं
Wed, 15 Dec 2021 04:02 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Wed, 15 Dec 2021 04:02 PM IST
सार
कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने बुधवार को चंडीगढ़ में प्रेस वार्ता की। प्रेस वार्ता के दौरान भर्तियों में गडबड़ी के मामले में सरकार पर जमकर सवाल दागे।
विज्ञापन
प्रेसवार्ता करते रणदीप सुरजेवाला व अन्य कांग्रेस नेता।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नौकरियों में फर्जीवाड़ा मामले को लेकर सरकार पर हमलावर कांग्रेस ने एक बार फिर से विजिलेंस जांच पर सवाल उठाए हैं। विजिलेंस की ओर से एचपीएससी और एचएसएससी के चेयरमैनों और सदस्यों से पूछताछ नहीं किए जाने का मुद्दा कांग्रेस ने उठाया है।
विज्ञापन
इस दौरान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कहा कि वह सड़क से लेकर सदन तक इस मामले को उठाएंगे। कांग्रेस की सरकार आने पर इस मामले की निष्पक्षता के साथ जांच कराई जाएगी और अन्य दोषियों को भी सलाखों के पीछे डाला जाएगा।
विज्ञापन
सुरजेवाला ने कहा कि एक माह बीत जाने के बाद भी विजिलेंस ने न तो आयोगों के चेयरमैनों से पूछताछ की और न ही सदस्यों से। इतना ही नहीं एचएसएससी की तरफ तो झांककर भी नहीं देखा, जबकि आरोपियों ने माना था कि 10-10 लाख रुपये लेकर स्टाफ नर्स, वीएलडीए और एएनएम में परीक्षार्थी पास कराए हैं। दूसरा, एचपीएससी ने डेंटल सर्जन और एचसीएस प्री परीक्षा को न तो रद्द किया है न ही कोई दूसरा फैसला लिया है।
विज्ञापन
सुरजेवाला ने एचपीएससी द्वारा 10 नए पदों को लेकर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन का शेड्यूल जारी करने पर भी सवाल उठाया है। इन सबकी परीक्षाएं 14 सितंबर को ली गई थी। इन परीक्षाओं में गोपनीयता समेत सब चीजों की जिम्मेदारी उप सचिव अनिल नागर के पास थी। 6 दिसंबर को नागर के बर्खास्तगी के आदेश में साफ लिखा है कि अनिल नागर की देखरेख में रखे भर्तियों के रिकॉर्ड की कोई वैधता नहीं बची। ऐसे में इन भर्तियों को पाक साफ कैसे माना जा सकता है।
सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि एचपीएससी के चेयरमैन आलोक वर्मा इससे पहले, मुख्यमंत्री मनोहर लाल के आवास पर लंबे समय तक एडीसी रहे हैं, इसलिए उनसे पूछताछ नहीं की गई। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि अभी तक जसबीर बल्हारा और उसकी कंपनी की जांच नहीं की गई, जबकि शिकायतकर्ता का आरोप है कि पिछले कई साल से वह नौकरियां बेच रहा है। ऐसे में सवाल ये है कि आखिर कौन है जो इनकी जांच नहीं होने दे रहा हैं।