{"_id":"5f72c53cb26a461e385135ad","slug":"congress-leader-chander-mukhi-sharma-joins-aam-admi-party","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"दिग्गज नेता मनीष तिवारी के करीबी पूर्व पार्षद 'आप' में शामिल, कांग्रेस ने पार्टी से किया था निष्कासित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिग्गज नेता मनीष तिवारी के करीबी पूर्व पार्षद 'आप' में शामिल, कांग्रेस ने पार्टी से किया था निष्कासित
Tue, 29 Sep 2020 10:55 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 29 Sep 2020 10:55 AM IST
सार
- दिल्ली में 'आप' नेता दुर्गेश पाठक से मिलने के बाद पार्टी की सदस्यता ग्रहण की
- 2016 में नगर निगम चुनाव के बाद कांग्रेस ने चंद्रमुखी को कर दिया था निष्कासित
विज्ञापन
चंद्रमुखी शर्मा आप की टोपी पहने दुर्गेश पाठक के साथ
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कांग्रेस के दिग्गज नेता मनीष तिवारी के करीबी एवं पूर्व नेता चंद्रमुखी शर्मा आम आदमी पार्टी (आप) में शामिल हो गए हैं। नई दिल्ली में उन्होंने आप के चंडीगढ़ प्रभारी दुर्गेश पाठक से मुलाकात की और पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा जताई। चंद्रमुखी पिछले कुछ सालों से कांग्रेस के हाशिए पर रहे हैं। साल 2016 में नगर निगम चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था।
बता दें कि चंद्रमुखी कांग्रेस नेता मनीष तिवारी के करीबी माने जाते हैं। चंद्रमुखी के आने से आम आदमी पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ता उत्साहित हैं। दरअसल, पार्टी को स्थानीय स्तर पर कई मजबूत चेहरों की जरूरत है, ताकि शहर में अपनी उपस्थिति दमदार तरीके से दर्ज करा पाए। कुछ दिनों से पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सक्रियता बढ़ाई है। स्थानीय मुद्दों को लेकर आप काफी मुखर हुई है। पार्टी से जुड़े लोगों ने बताया है कि शहर के कई लोग उनके साथ जुड़ना चाहते हैं। वह स्थानीय नेताओं के साथ दिल्ली में भी संपर्क बनाए हुए हैं।
दो बार कांग्रेस से पार्षद रह चुके हैं चंद्रमुखी
चंद्रमुखी शर्मा ने 80 के दशक में कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई से अपने राजनीतिक करिअर की शुरुआत की थी। उसके बाद वह चंडीगढ़ यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष बने। साल 2006 व 2011 में कांग्रेस के टिकट पर वार्ड एक से पार्षद का चुनाव जीते। साल 2016 के नगर निगम चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें टिकट देने की बजाय एचएस लक्की को दे दिया। इससे वह पार्टी से नाराज हो गए और अपने भाई सूरजमुखी को निर्दलीय चुनाव लड़वा दिया। उस दौरान चुनाव भले ही उनके भाई ने लड़ा, लेकिन वोट चंद्रमुखी शर्मा ने मांगे और उनके नाम पर वोट भी गिरा था। इसका नतीजा यह रहा है कि एचएस लक्की को चुनाव हारना पड़ा और उसके बाद पार्टी ने शर्मा को छह साल के लिए निष्कासित कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
बता दें कि चंद्रमुखी कांग्रेस नेता मनीष तिवारी के करीबी माने जाते हैं। चंद्रमुखी के आने से आम आदमी पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ता उत्साहित हैं। दरअसल, पार्टी को स्थानीय स्तर पर कई मजबूत चेहरों की जरूरत है, ताकि शहर में अपनी उपस्थिति दमदार तरीके से दर्ज करा पाए। कुछ दिनों से पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सक्रियता बढ़ाई है। स्थानीय मुद्दों को लेकर आप काफी मुखर हुई है। पार्टी से जुड़े लोगों ने बताया है कि शहर के कई लोग उनके साथ जुड़ना चाहते हैं। वह स्थानीय नेताओं के साथ दिल्ली में भी संपर्क बनाए हुए हैं।
विज्ञापन
दो बार कांग्रेस से पार्षद रह चुके हैं चंद्रमुखी
चंद्रमुखी शर्मा ने 80 के दशक में कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई से अपने राजनीतिक करिअर की शुरुआत की थी। उसके बाद वह चंडीगढ़ यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष बने। साल 2006 व 2011 में कांग्रेस के टिकट पर वार्ड एक से पार्षद का चुनाव जीते। साल 2016 के नगर निगम चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें टिकट देने की बजाय एचएस लक्की को दे दिया। इससे वह पार्टी से नाराज हो गए और अपने भाई सूरजमुखी को निर्दलीय चुनाव लड़वा दिया। उस दौरान चुनाव भले ही उनके भाई ने लड़ा, लेकिन वोट चंद्रमुखी शर्मा ने मांगे और उनके नाम पर वोट भी गिरा था। इसका नतीजा यह रहा है कि एचएस लक्की को चुनाव हारना पड़ा और उसके बाद पार्टी ने शर्मा को छह साल के लिए निष्कासित कर दिया।
विज्ञापन
पूर्व सांसद पवन बंसल से नहीं बन पाई
चंद्रमुखी शर्मा और पूर्व सांसद पवन बंसल के बीच कभी नहीं बनी। कांग्रेस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि साल 1991 में पवन बंसल ने जब अपना पहला चुनाव लड़ा था तब भी चंद्रमुखी शर्मा से खटपट हो गई थी। उसके बाद पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया था। बंसल के अगले चुनाव से पहले उन्हें पार्टी में शामिल कराया गया। साल 2016 के नगर निगम चुनाव में भी कांग्रेस की हार का ठीकरा उन्होंने पूर्व सांसद पवन बंसल पर फोड़ा था।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी के करीबी हैं चंद्रमुखी
पूर्व पार्षद चंद्रमुखी शर्मा कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी के बेहद करीबी रहे हैं। जब मनीष तिवारी एनएसयूआई के नेशनल प्रेसिडेंट थे तब चंद्रमुखी एनएसयूआई चंडीगढ़ के प्रेसिडेंट रहे। उसके बाद मनीष तिवारी यूथ कांग्रेस के प्रेसिडेंट बने तो चंद्रमुखी भी चंडीगढ़ यूथ कांग्रेस के प्रेसिडेंट नियुक्त किए गए। चंडीगढ़ में मनीष तिवारी का सारा कामकाज चंद्रमुखी शर्मा ही देखते हैं।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी के करीबी हैं चंद्रमुखी
पूर्व पार्षद चंद्रमुखी शर्मा कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी के बेहद करीबी रहे हैं। जब मनीष तिवारी एनएसयूआई के नेशनल प्रेसिडेंट थे तब चंद्रमुखी एनएसयूआई चंडीगढ़ के प्रेसिडेंट रहे। उसके बाद मनीष तिवारी यूथ कांग्रेस के प्रेसिडेंट बने तो चंद्रमुखी भी चंडीगढ़ यूथ कांग्रेस के प्रेसिडेंट नियुक्त किए गए। चंडीगढ़ में मनीष तिवारी का सारा कामकाज चंद्रमुखी शर्मा ही देखते हैं।
आप के नगर निगम चुनाव लड़ने पर संशय
चंद्रमुखी के पार्टी ज्वाइन करने के बाद चर्चा शुरू हो गई है कि क्या इस बार आम आदमी पार्टी नगर निगम का चुनाव लड़ेगी। साल 2016 में नगर निगम के चुनाव से पार्टी ने किनारा कर लिया था। दरअसल, नगर निगम चुनाव के तीन महीने बाद पंजाब विधानसभा के चुनाव होते हैं। पार्टी नहीं चाहती कि चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में उसके प्रदर्शन की छाया पंजाब चुनाव पर पड़े। पार्टी का मुख्य फोकस पंजाब चुनाव हैं।
पिछले नगर निगम चुनाव में पार्टी इतनी मजबूत स्थिति में नहीं थी कि उम्मीदवारों को पार्षद बनाया जा सके। स्थानीय नेता भले ही इस बात की हामी भर रहे हों कि पार्टी इस बार नगर निगम का चुनाव लड़ेगी, लेकिन हाईकमान ने इस बारे में पुष्टि नहीं की है। दिल्ली से जुड़े पार्टी सूत्रों ने कहा कि वे इस पर नजर रखे हुए हैं। चंडीगढ़ नगर निगम के चुनाव दिसंबर 2021 में होने हैं।
मेरे जैसे कई कांग्रेसियों का दम घुट रहा था: चंद्रमुखी
दिल्ली से फोन पर चंद्रमुखी शर्मा ने बताया कि चंडीगढ़ कांग्रेस पर पवन बंसल एंड कंपनी का कब्जा है। वह सिर्फ अपने लोगों को आगे बढ़ाते हैं जबकि जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जाती है। इससे मेरे जैसे कई कांग्रेसियों का दम पार्टी में घुटता है। कई कांग्रेसी अब पार्टी से बाहर आना चाहते हैं। जल्द ही कई और लोग पार्टी का दामन छोड़ेंगे।
पिछले नगर निगम चुनाव में पार्टी इतनी मजबूत स्थिति में नहीं थी कि उम्मीदवारों को पार्षद बनाया जा सके। स्थानीय नेता भले ही इस बात की हामी भर रहे हों कि पार्टी इस बार नगर निगम का चुनाव लड़ेगी, लेकिन हाईकमान ने इस बारे में पुष्टि नहीं की है। दिल्ली से जुड़े पार्टी सूत्रों ने कहा कि वे इस पर नजर रखे हुए हैं। चंडीगढ़ नगर निगम के चुनाव दिसंबर 2021 में होने हैं।
मेरे जैसे कई कांग्रेसियों का दम घुट रहा था: चंद्रमुखी
दिल्ली से फोन पर चंद्रमुखी शर्मा ने बताया कि चंडीगढ़ कांग्रेस पर पवन बंसल एंड कंपनी का कब्जा है। वह सिर्फ अपने लोगों को आगे बढ़ाते हैं जबकि जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जाती है। इससे मेरे जैसे कई कांग्रेसियों का दम पार्टी में घुटता है। कई कांग्रेसी अब पार्टी से बाहर आना चाहते हैं। जल्द ही कई और लोग पार्टी का दामन छोड़ेंगे।