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मेयर चुनाव में भाजपा को रोकने के लिए आप के साथ है कांग्रेस : लक्की
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चंडीगढ़। भारतीय जनता पार्टी का मेयर बनने से रोकने के लिए कांग्रेस आम आदमी पार्टी के साथ है। अभी भी कांग्रेस चाहती है कि आने वाले मेयर चुनाव में आप के साथ मिलकर भाजपा को रोका जाए। हालांकि, इसमें पहल की ज्यादा जिम्मेदारी आम आदमी पार्टी की है। अभी तक आप की ओर से किसी भी शीर्ष नेता ने संपर्क नहीं किया है। यह बात चंडीगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एचएस लक्की ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में कही।
लक्की ने कहा कि सांसद चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन हुआ था और स्थानीय स्तर पर भी सामंजस्य बैठाया गया था। यह सामंजस्य आज भी बना हुआ है। यदि आज भाजपा को रोकना है तो आम आदमी पार्टी और कांग्रेस को एक साथ आना होगा। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि साल 2026 में होने वाले चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव कांग्रेस अकेले लड़ेगी। इससे पहले साल 2021 में भी कांग्रेस ने चुनाव अकेले लड़ा था। उन्होंने कहा कि भले ही आप के साथ तालमेल रहा हो लेकिन 2026 में किसी तरह का गठबंधन नहीं किया जाएगा क्योंकि कांग्रेस का जमीनी स्तर पर काम ज्यादा मजबूत है।
मेयर चुनाव को लेकर कोई चर्चा नहीं
लक्की ने कहा कि आम आदमी पार्टी के साथ अभी तक मेयर चुनाव को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है। जब आप के पास 13 पार्षद थे और उन्हें अपना मेयर बनाना था तब उन्हें कांग्रेस से संपर्क करना चाहिए था लेकिन आप के प्रदेश अध्यक्ष या किसी भी जिम्मेदार नेता ने कोई बातचीत नहीं की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिपक्वता के लिए बातचीत जरूरी होती है।
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फोन कर जॉइनिंग रुकवाई गई
लक्की ने बताया कि आम आदमी पार्टी के कई पार्षद और नेता कांग्रेस में शामिल होने को तैयार थे और उनकी जॉइनिंग होने वाली थी लेकिन आप के कई बड़े नेताओं ने सांसद मनीष तिवारी और उन्हें फोन कर कहा कि यह ठीक नहीं होगा। कांग्रेस ने आप के नेताओं को यह भी कहा था कि उनके पार्षद भाजपा में जा सकते हैं लेकिन इस बात को गंभीरता से नहीं लिया गया।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के कई पार्षद नए होने के कारण अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए, हालांकि कुछ पार्षदों ने अच्छा काम भी किया। लक्की ने दोहराया कि आम आदमी पार्टी देश के कई राज्यों में कांग्रेस के खिलाफ सीधी राजनीतिक लड़ाई लड़ रही है, ऐसे में 2026 के नगर निगम चुनाव में किसी भी तरह का गठबंधन संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि आप के पार्षदों के टूटने से विपक्ष की लड़ाई कमजोर हुई है, जिसका सीधा फायदा भाजपा को मिला है।
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लक्की ने कहा कि सांसद चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन हुआ था और स्थानीय स्तर पर भी सामंजस्य बैठाया गया था। यह सामंजस्य आज भी बना हुआ है। यदि आज भाजपा को रोकना है तो आम आदमी पार्टी और कांग्रेस को एक साथ आना होगा। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि साल 2026 में होने वाले चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव कांग्रेस अकेले लड़ेगी। इससे पहले साल 2021 में भी कांग्रेस ने चुनाव अकेले लड़ा था। उन्होंने कहा कि भले ही आप के साथ तालमेल रहा हो लेकिन 2026 में किसी तरह का गठबंधन नहीं किया जाएगा क्योंकि कांग्रेस का जमीनी स्तर पर काम ज्यादा मजबूत है।
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मेयर चुनाव को लेकर कोई चर्चा नहीं
लक्की ने कहा कि आम आदमी पार्टी के साथ अभी तक मेयर चुनाव को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है। जब आप के पास 13 पार्षद थे और उन्हें अपना मेयर बनाना था तब उन्हें कांग्रेस से संपर्क करना चाहिए था लेकिन आप के प्रदेश अध्यक्ष या किसी भी जिम्मेदार नेता ने कोई बातचीत नहीं की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिपक्वता के लिए बातचीत जरूरी होती है।
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फोन कर जॉइनिंग रुकवाई गई
लक्की ने बताया कि आम आदमी पार्टी के कई पार्षद और नेता कांग्रेस में शामिल होने को तैयार थे और उनकी जॉइनिंग होने वाली थी लेकिन आप के कई बड़े नेताओं ने सांसद मनीष तिवारी और उन्हें फोन कर कहा कि यह ठीक नहीं होगा। कांग्रेस ने आप के नेताओं को यह भी कहा था कि उनके पार्षद भाजपा में जा सकते हैं लेकिन इस बात को गंभीरता से नहीं लिया गया।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के कई पार्षद नए होने के कारण अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए, हालांकि कुछ पार्षदों ने अच्छा काम भी किया। लक्की ने दोहराया कि आम आदमी पार्टी देश के कई राज्यों में कांग्रेस के खिलाफ सीधी राजनीतिक लड़ाई लड़ रही है, ऐसे में 2026 के नगर निगम चुनाव में किसी भी तरह का गठबंधन संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि आप के पार्षदों के टूटने से विपक्ष की लड़ाई कमजोर हुई है, जिसका सीधा फायदा भाजपा को मिला है।