Kuldeep Bishnoi Expels: कांग्रेस ने कुलदीप बिश्नोई को सभी पदों से हटाया, राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की मिली सजा
कांग्रेस बिश्नोई की विधानसभा से सदस्यता रद्द कराने के लिए हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष को भी पत्र लिखेगी।
विस्तार
हरियाणा के राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार अजय माकन की हार के मुख्य किरदार कुलदीप बिश्नोई को पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी के सभी पदों से हटा दिया है। वह कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) के विशेष आमंत्रित सदस्य पद भी नहीं रहेंगे। इसके अलावा कांग्रेस की सभी समितियों के सदस्य पदों से भी उनकी छुट्टी कर दी गई है। कांग्रेस पार्टी उनके भाजपा या अन्य दल में शामिल होने पर विधानसभा सदस्यता रद्द करने की स्पीकर से मांग कर सकती है।
राज्यसभा चुनाव में पार्टी व्हिप लागू नहीं होता। इसलिए वर्तमान में उनकी विधानसभा सदस्यता पर कोई खतरा नहीं है। पार्टी ने उन्हें अभी प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित नहीं किया है। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के करीबी उदयभान को प्रदेशाध्यक्ष बनाने के बाद से ही कुलदीप पार्टी से नाराज चल रहे थे। बीते एक महीने में वह कांग्रेस के किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। कुलदीप के भीतरघात करने की अटकलें पहले से जोरों पर थीं।
शुक्रवार सुबह उनके कार्तिकेय को वोट देने से साफ हो गया था कि वह हाशिये पर रहकर अब कांग्रेस का साथ और निभाने वाले नहीं हैं। माकन की हार के बाद कुलदीप और उनके बेटे भव्य बिश्नोई ने शनिवार सुबह तीखे ट्वीट भी किए। जिन पर पूर्व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष व आप नेता अशोक तंवर ने रिट्वीट भी किया।
रदद वोट पर कांग्रेस ने साधी चुप्पी
एक वोट किस विधायक का रदद हुआ है, इस पर सबने चुप्पी साध ली है। हालांकि, पार्टी के अधिकृत एजेंट, चुनाव व पोलिंग एजेंट को इसकी जानकारी है, लेकिन कोई बोलने को तैयार नहीं है। यह मामला वैसे भी गोपनीयता का है, इसे विधानसभा के अलावा पार्टी भी सार्वजनिक नहीं कर सकती। इतना जरूर है कि भविष्य में उस नेता पर गाज जरूर गिरेगी।
कुलदीप बिश्नोई का ट्वीट
कुलदीप ने शनिवार सुबह 7:24 बजे ट्वीट किया। लिखा- फन कुचलने का हुनर आता है मुझे, सांप के खौफ से जंगल नहीं छोड़ा करते। इस पर अशोक तंवर ने रिट्वीट करते हुए लिखा कि सांप का फन कुचलने से क्या होगा, अजगर अभी जिंदा है।
भव्य बिश्नोई के ट्वीट
कुलदीप के बेटे भव्य बिश्नोई ने पिता से पहले सुबह 3:31 पर ट्वीट किया। उन्होंने लिखा - हम समंदर हैं हमें खामोश रहने दो, जरा मचल गए तो शहर ले डूबेंगे।
उदयभान के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद से नाराज थे कुलदीप
भाजपा का दामन थाम सकते हैं कुलदीप
कुलदीप बिश्नोई किसी भी समय भाजपा का दामन थाम सकते हैं। शनिवार शाम उनके दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने की चर्चा रही। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से उनकी मुलाकात जल्द संभव है। मुख्यमंत्री ने उनके भाजपा में आने का पहले ही स्वागत कर दिया है। कुलदीप पार्टी पदों से हटाए जाने के बाद खुद ही प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे सकते हैं।
छह साल बाद ही कांग्रेस से मोहभंग
कुलदीप के पिता भजन लाल ने 2007 में हजकां-बीएल बनाई थी। उसके बाद भाजपा के साथ गठबंधन में भी रहे। पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा की पार्टी हजपा के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन सफलता नहीं मिली। जून 2011 में भजन लाल के देहांत के बाद कुलदीप ने पार्टी की कमान संभाली थी। 2009 के विधानसभा चुनाव में हजकां ने छह सीटें जीती, जिनमें से पांच विधायक भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार बनाने के लिए तोड़ लिए थे। हालांकि, 2014 में पांचों विधायकों की सदस्यता दलबदल कानून के तहत रदद कर दी गई थी। 28 अप्रैल 2016 को कुलदीप ने हजकां का विलय कांग्रेस में कर दिया था। छह साल बाद अब फिर से उनकी सियासी राह कांग्रेस से अलग होने वाली है।