कांग्रेस पर भारी पड़ सकते हैं राजिंदर दीपा के बागी तेवर
पंजाब कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राजिंदर दीपा के बागी तेवर सुनाम विधानसभा सीट के सियासी समीकरण बदलने की तरफ इशारा कर रहे हैं। दीपा खेमे के बगावती तेवरों की कीमत कांग्रेस पार्टी को चुकानी पड़ सकती है।
शुक्रवार को उनके समर्थकों ने पार्टी हाईकमान से टिकट बदल कर दीपा को टिकट देने की मांग उठाई थी लेकिन शनिवार को एक कदम आगे बढ़ाते हुए राजिंदर दीपा ने हलके के गांवों में सियासी दस्तक दी और अपना अभियान शुरू कर वर्करों को लामबंद करना शुरू कर दिया।
शनिवार को राजिंदर दीपा ने गांव बख्शीवाला, तोलावाल, किलाभरियां में समर्थकों के साथ बैठकें की और अगली रणनीति पर विचार किया। दीपा ने कहा कि कांग्रेस के कुछ बडे़ नेताओं को गुमराह करके इस सीट का फैसला कराया गया है।
दीपा समर्थकों ने टिकट बदलने की मांग उठाई
हलके के हरेक गांव में पहुंचकर वर्करों से चर्चा की जा रही है और वर्करों की भावनाओं के अनुरूप ही और पार्टी का रुख देकर अगला फैसला लिया जाएगा।
दीपा समर्थकों के इस कद्र बागी तेवर पार्टी के लिए शुभ संकेत नहीं माने जा रहे हैं। सियासी जानकारों का मानना है कि यदि कांग्रेस हाईकमान ने बगावती सुरों को शांत नहीं किया तो आने वाले चुनाव पार्टी के लिए टेढ़ी खीर साबित हो सकते हैं और विरोधी दल ऐसे हालात का लाभ उठाने में सफल हो सकते हैं।
इस मौके पर गुरजंट सिंह, जरनैल सिंह, जसपाल सिंह, अमरीक सिंह, ऊधम सिंह, गुरमीत सिंह हाजिर थे।